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सड़क की बदहाली दूर करने की नहीं ली जा रही सुध
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विद्युतनगर। टांडा के खासपुर तिजरा चौराहे से चौधरी चरण सिंह पंप नहर तक जाने वाला रास्ता बदतर हो गया है। यह सड़क आधा दर्जन गांव को जोड़ता है। सड़क के गड्ढे में तब्दील हो जाने से राहगीर आए दिन गिर कर घायल हो रहे हैं। कई बार मार्ग की बदहाली दूर कराने के लिए आवाज उठायी गई, लेकिन न तो लोक निर्माण विभाग इस तरफ ध्यान दे रहा है और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि। इसके चलते लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खासपुर तिजरा चौराहे से खासपुर गांव होते हुए चौधरी चरण सिंह पंप नहर तक जाने वाला दो किलोमीटर रास्ता पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गया है।
हल्की सी बारिश होने से गड्ढों में पानी भर जाता है, और रोड पर चलने वाले राहगीरों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। टांडा से जब मजदूर अपने घर मजदूरी करके वापस जाते हैं, थोड़ी सी चूक होने पर यात्री गड्ढे में गिरकर घायल हो जाते हैं। कई बार ग्रामीणों को गंभीर चोटें भी आ चुकी हैं। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा द्वारा विधायक निधि से कई वर्ष पूर्व इस सड़क का निर्माण हुआ था, लेकिन समय बीतने के साथ अब सड़क जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क पर बने जानलेवा गड्ढे करीब 12 हजार आबादी के लिए मुसीबत का सबब बने हैं। एक दर्जन से ज्यादा मजरे के लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं। कई स्कूल व कॉलेज भी इस पर पड़ते हैं और बच्चों का आवागमन भी रहता है।
स्थानीय रामदुलार मौर्य, अब्दुल रहमान, नरसिंह, रामबहादुर वर्मा, सतगुरु तथा अरविंद कुमार आदि लोगों का कहना है कि कई बाद सड़क की बदहाली दूर कराने की मांग की है। आए दिन नागरिक बदहाल सड़क में दुर्घटना का शिकार भी हो रहे हैं। कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि व लोक निर्माण विभाग से सड़क की बदहाली दूर कराने की मांग की गई, लेकिन जिम्मेदार लोग इस तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। इसके चलते ही नागरिकों को बदहाल सड़क से आवागमन करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। उधर, सहायक अधिशाषी अभियंता सिद्घार्थ सिंह का कहना है कि जल्द ही सड़क की बदहाली दूर कराई जाएगी।
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हल्की सी बारिश होने से गड्ढों में पानी भर जाता है, और रोड पर चलने वाले राहगीरों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। टांडा से जब मजदूर अपने घर मजदूरी करके वापस जाते हैं, थोड़ी सी चूक होने पर यात्री गड्ढे में गिरकर घायल हो जाते हैं। कई बार ग्रामीणों को गंभीर चोटें भी आ चुकी हैं। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा द्वारा विधायक निधि से कई वर्ष पूर्व इस सड़क का निर्माण हुआ था, लेकिन समय बीतने के साथ अब सड़क जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क पर बने जानलेवा गड्ढे करीब 12 हजार आबादी के लिए मुसीबत का सबब बने हैं। एक दर्जन से ज्यादा मजरे के लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं। कई स्कूल व कॉलेज भी इस पर पड़ते हैं और बच्चों का आवागमन भी रहता है।
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स्थानीय रामदुलार मौर्य, अब्दुल रहमान, नरसिंह, रामबहादुर वर्मा, सतगुरु तथा अरविंद कुमार आदि लोगों का कहना है कि कई बाद सड़क की बदहाली दूर कराने की मांग की है। आए दिन नागरिक बदहाल सड़क में दुर्घटना का शिकार भी हो रहे हैं। कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि व लोक निर्माण विभाग से सड़क की बदहाली दूर कराने की मांग की गई, लेकिन जिम्मेदार लोग इस तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। इसके चलते ही नागरिकों को बदहाल सड़क से आवागमन करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। उधर, सहायक अधिशाषी अभियंता सिद्घार्थ सिंह का कहना है कि जल्द ही सड़क की बदहाली दूर कराई जाएगी।
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