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Ambedkar Nagar News: मालदीव में समंदर की लहरों में लापता हुए राजीव
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अपनी बेटी के साथ राजीव चौहान। संवाद
अंबेडकरनगर। आलापुर तहसील क्षेत्र के राजीव चौहान मालदीव में अचानक लापता हो गए हैं। बेहतर भविष्य के सपने लेकर गए राजीव के लापता होने से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। समुद्र में आए तूफान के दौरान जहाज पलटने के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
मकरहीं धुसवा गांव निवासी राम अवध चौहान के पुत्र राजीव चौहान 18 जुलाई को रोजी-रोटी कमाने मालदीव रवाना हुए थे। वह 22 जुलाई को वहां पहुंचे और टाइल्स-पत्थर मिस्त्री के रूप में काम शुरू किया। पत्नी आरती चौहान ने बताया कि 30 जुलाई की शाम राजीव से अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। इसके अगले दिन 31 जुलाई को काम पर जाते समय समुद्र में तेज तूफान से जहाज पलट गया। तब से राजीव लापता हैं और काफी तलाश के बावजूद उनका पता नहीं चल सका है। राजीव अपने परिवार के मुख्य सहारा थे। उनके पांच भाइयों में राजमन और संजीव दुबई में काम करते हैं, जबकि योगेंद्र और अरविंद यहीं रहते हैं।
राजीव के लापता होने की खबर से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी आरती हर फोन की घंटी पर अच्छी खबर की उम्मीद करती हैं। आठ वर्षीय बेटा आर्यन और छह वर्षीय यस बार-बार पिता के बारे में पूछते हैं। वृद्ध पिता राम अवध चौहान और मां चंद्रावती देवी बेटे की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। बहनें रीता और लक्ष्मी भी भाई के सकुशल लौटने की आस लगाए बैठी हैं।
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सरकार से मदद की अपील
परिजनों ने भारत सरकार और जिला प्रशासन से मदद की मांग की है। उन्होंने मालदीव प्रशासन से समन्वय कर राजीव चौहान की जल्द तलाश कराने का आग्रह किया है। परिवार चाहता है कि उनकी अनिश्चितता और इंतजार का दर्द खत्म हो सके। पूरे गांव में राजीव के सकुशल लौटने की दुआ की जा रही है।
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मकरहीं धुसवा गांव निवासी राम अवध चौहान के पुत्र राजीव चौहान 18 जुलाई को रोजी-रोटी कमाने मालदीव रवाना हुए थे। वह 22 जुलाई को वहां पहुंचे और टाइल्स-पत्थर मिस्त्री के रूप में काम शुरू किया। पत्नी आरती चौहान ने बताया कि 30 जुलाई की शाम राजीव से अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। इसके अगले दिन 31 जुलाई को काम पर जाते समय समुद्र में तेज तूफान से जहाज पलट गया। तब से राजीव लापता हैं और काफी तलाश के बावजूद उनका पता नहीं चल सका है। राजीव अपने परिवार के मुख्य सहारा थे। उनके पांच भाइयों में राजमन और संजीव दुबई में काम करते हैं, जबकि योगेंद्र और अरविंद यहीं रहते हैं।
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राजीव के लापता होने की खबर से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी आरती हर फोन की घंटी पर अच्छी खबर की उम्मीद करती हैं। आठ वर्षीय बेटा आर्यन और छह वर्षीय यस बार-बार पिता के बारे में पूछते हैं। वृद्ध पिता राम अवध चौहान और मां चंद्रावती देवी बेटे की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। बहनें रीता और लक्ष्मी भी भाई के सकुशल लौटने की आस लगाए बैठी हैं।
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सरकार से मदद की अपील
परिजनों ने भारत सरकार और जिला प्रशासन से मदद की मांग की है। उन्होंने मालदीव प्रशासन से समन्वय कर राजीव चौहान की जल्द तलाश कराने का आग्रह किया है। परिवार चाहता है कि उनकी अनिश्चितता और इंतजार का दर्द खत्म हो सके। पूरे गांव में राजीव के सकुशल लौटने की दुआ की जा रही है।

अपनी बेटी के साथ राजीव चौहान। संवाद