{"_id":"61b39ee8bbc403580e1e0226","slug":"raise-your-voice-strongly-to-get-rights-ambedkar-nagar-news-lko608366743","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकार पाने के लिए मजबूती से उठाएं आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकार पाने के लिए मजबूती से उठाएं आवाज
विज्ञापन
अंबेडकरनगर के बीएनकेबीपीजी कॉलेज में मानवाधिकार दिवस पर आयोजित गोष्ठी में मौजूद छात्राएं।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। किसी भी अधिकार को पाने के लिए सबसे पहले उस अधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी होनी चाहिए। अधिकार को पाने के लिए पूरी मजबूती के साथ अपनी आवाज को बुलंद करना होगा। यह बातें शुक्रवार को प्राचार्या डॉ. सुचिता पांडेय ने कहीं। वे बीएनकेबी पीजी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। इस बीच पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। बाद में शहीद सीडीएस बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए प्राचार्या ने कहा कि किसी भी अधिकार को हासिल करने के लिए उसके बारे में विस्तार से जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए शत-प्रतिशत साक्षरता जरूरी है। जब तक अधिकार के बारे में पूरी जानकारी नहीं होगी, तब तक उसे लेकर पूरी मजबूती के साथ आवाज बुलंद नहीं की जा सकती है।
महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि यदि महिलाएं शत-प्रतिशत साक्षर होंगी, तो समाज व देश का विकास भी तेजी के साथ होगा। बाद में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाली मधु त्रिपाठी, रोली सोनकर, हिंमांशु को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर डॉ. अर्चना पाठक, डॉ. श्वेता रस्तोगी, डॉ. प्रकाश त्रिपाठी, डॉ. जयमंगल पाण्डेय, विश्वदीपक उपाध्याय, अखिलेश कुमार वर्मा, डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अनिल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए प्राचार्या ने कहा कि किसी भी अधिकार को हासिल करने के लिए उसके बारे में विस्तार से जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए शत-प्रतिशत साक्षरता जरूरी है। जब तक अधिकार के बारे में पूरी जानकारी नहीं होगी, तब तक उसे लेकर पूरी मजबूती के साथ आवाज बुलंद नहीं की जा सकती है।
विज्ञापन
महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि यदि महिलाएं शत-प्रतिशत साक्षर होंगी, तो समाज व देश का विकास भी तेजी के साथ होगा। बाद में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाली मधु त्रिपाठी, रोली सोनकर, हिंमांशु को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर डॉ. अर्चना पाठक, डॉ. श्वेता रस्तोगी, डॉ. प्रकाश त्रिपाठी, डॉ. जयमंगल पाण्डेय, विश्वदीपक उपाध्याय, अखिलेश कुमार वर्मा, डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अनिल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन