{"_id":"67ec1cce0612342d5f0c0f62","slug":"put-reflectors-on-the-windows-go-out-only-when-necessary-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1008-132023-2025-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: खिड़कियों पर लगाएं रिफ्लेक्टर, जरूरी हो तो ही बाहर निकलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: खिड़कियों पर लगाएं रिफ्लेक्टर, जरूरी हो तो ही बाहर निकलें
Tue, 01 Apr 2025 10:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 01 Apr 2025 10:35 PM IST
विज्ञापन
अंबेडकरगनर। गर्मी के तेवर लगातार बढ़ रहे हैं। दिन में तेज धूप लोगों को घरों से निकलने पर रोक रही है। इसको देखते हुए गर्म हवा व लू के प्रकोप से बचाव के लिए एडवाइजारी जारी की गई है।
मंगलवार सुबह से निकली तेज धूप के बीच दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन में 10 से 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गर्म हवा भी चली।
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि मौसम विभाग ने पूर्वानुमान के अनुसार मार्च से मई के मध्य अधिक तापमान रहने की संभावना है। ऐसे में लोग लू से बचाव करें। आपदा विशेषज्ञ सूर्यभान ने बचाव के तरीके बताते हुए कहा कि गर्म हवाओं से बचने के लिए खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एल्युमिनियम पन्नी, गत्ते इत्यादि से ढंककर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अंदर आने से रोका जा सके। उन खिड़कियों व दरवाजों पर, जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएं आती हैं, काले परदे लगाकर रखने चाहिए। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सजग रहें। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। बच्चों तथा पालतू जानवरों को कभी भी बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। जहां तक संभव हो घर में ही रहें और सूर्य के ताप से बचें। सूर्य के ताप से बचने के लिए जहां तक संभव हो घर की निचली मंजिल पर रहें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। मादक पेय पदार्थों का सेवन न करें। घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढंक कर रखें।
विज्ञापन
बासी भोजन का न करें सेवन
बासी भोजन न इस्तेमाल करें। इसके साथ ही संतुलित व हल्का आहार लें। घर में पेय पदार्थ जैसे लस्सी, छांछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नमक चीनी का घोल, नींबू पानी, आम का पना का प्रयोग करें।
लू लगने के कारण व बचाव
शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, बीमारी, मोटापा, पार्किंसस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वाले व्यक्तियों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है। गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उल्टे श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी का होना या चक्कर आना, मूत्र न होना या इसमें कमी आदि मुख्य लक्षण हैं।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह से निकली तेज धूप के बीच दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन में 10 से 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गर्म हवा भी चली।
विज्ञापन
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि मौसम विभाग ने पूर्वानुमान के अनुसार मार्च से मई के मध्य अधिक तापमान रहने की संभावना है। ऐसे में लोग लू से बचाव करें। आपदा विशेषज्ञ सूर्यभान ने बचाव के तरीके बताते हुए कहा कि गर्म हवाओं से बचने के लिए खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एल्युमिनियम पन्नी, गत्ते इत्यादि से ढंककर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अंदर आने से रोका जा सके। उन खिड़कियों व दरवाजों पर, जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएं आती हैं, काले परदे लगाकर रखने चाहिए। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सजग रहें। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। बच्चों तथा पालतू जानवरों को कभी भी बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। जहां तक संभव हो घर में ही रहें और सूर्य के ताप से बचें। सूर्य के ताप से बचने के लिए जहां तक संभव हो घर की निचली मंजिल पर रहें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। मादक पेय पदार्थों का सेवन न करें। घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढंक कर रखें।
विज्ञापन
बासी भोजन का न करें सेवन
बासी भोजन न इस्तेमाल करें। इसके साथ ही संतुलित व हल्का आहार लें। घर में पेय पदार्थ जैसे लस्सी, छांछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नमक चीनी का घोल, नींबू पानी, आम का पना का प्रयोग करें।
लू लगने के कारण व बचाव
शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, बीमारी, मोटापा, पार्किंसस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वाले व्यक्तियों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है। गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उल्टे श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी का होना या चक्कर आना, मूत्र न होना या इसमें कमी आदि मुख्य लक्षण हैं।