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1752 बूथों पर चला पल्स पोलियो अभियान
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अंबेडकरनगर। पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को डीएम ने प्राथमिक विद्यालय पसियापारा में बच्चों को दवा की खुराक पिलाकर किया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा की खुराक अवश्य पिलाएं। बच्चों को पोलियो से मुक्त रखने के लिए ही यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका लाभ बच्चों को अवश्य दिलाएं। जिले भर के 1752 बूथों पर लक्ष्य के 57 फीसद बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई।
डीएम सैमुअल पॉल एन ने कहा कि पहले पोलियो बीमारी काफी गंभीर थी। बड़ी संख्या में बच्चे इसका शिकार हो जाया करते थे। अब इस विशेष अभियान के बाद विश्व के साथ देश में पोलियो से पीड़ित बच्चों की संख्या में काफी कमी आयी है। पोलियोरोधी दवा की खुराक शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करती है। जन्म से 14 सप्ताह के अंदर बच्चे को दवा की खुराक पिला देनी चाहिए। इसके अलावा समय-समय पर चलने वाले विशेष अभियान में सभी को दवा की खुराक अवश्य पिलानी चाहिए।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जिले के तीन लाख 20 हजार 823 बच्चों को 1752 बूथों पर दवा की खुराक पिलायी जानी है। 19 से 23 सितंबर तक टीम घर-घर जाकर बच्चों को दवा की खुराक पिलाएगी। इसके लिए 689 टीमों को लगाया गया है। साथ ही 63 ट्रांजिट टीमें, 17 मोबाइल टीमें घरों, ईंट-भटठों व बाजारों आदि स्थानों पर छूटे बच्चों को दवा की खुराक पिलाएंगी।
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यदि इसके बाद भी बच्चे दवा की खुराक पीने से वंचित रह जाएंगे तो बी-टीम उन्हें चिह्नित कर दवा की खुराक देगी। इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामानंद सिद्धार्थ, डॉ. आशू सिंह, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, आरती यादव व प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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डीएम सैमुअल पॉल एन ने कहा कि पहले पोलियो बीमारी काफी गंभीर थी। बड़ी संख्या में बच्चे इसका शिकार हो जाया करते थे। अब इस विशेष अभियान के बाद विश्व के साथ देश में पोलियो से पीड़ित बच्चों की संख्या में काफी कमी आयी है। पोलियोरोधी दवा की खुराक शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करती है। जन्म से 14 सप्ताह के अंदर बच्चे को दवा की खुराक पिला देनी चाहिए। इसके अलावा समय-समय पर चलने वाले विशेष अभियान में सभी को दवा की खुराक अवश्य पिलानी चाहिए।
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सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जिले के तीन लाख 20 हजार 823 बच्चों को 1752 बूथों पर दवा की खुराक पिलायी जानी है। 19 से 23 सितंबर तक टीम घर-घर जाकर बच्चों को दवा की खुराक पिलाएगी। इसके लिए 689 टीमों को लगाया गया है। साथ ही 63 ट्रांजिट टीमें, 17 मोबाइल टीमें घरों, ईंट-भटठों व बाजारों आदि स्थानों पर छूटे बच्चों को दवा की खुराक पिलाएंगी।
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यदि इसके बाद भी बच्चे दवा की खुराक पीने से वंचित रह जाएंगे तो बी-टीम उन्हें चिह्नित कर दवा की खुराक देगी। इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामानंद सिद्धार्थ, डॉ. आशू सिंह, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, आरती यादव व प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार आदि मौजूद रहे।