{"_id":"6ade39d81c6d241dc103f8ad","slug":"pradeep-from-kedarnagar-has-become-a-scientist-at-isro-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1014-167838-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: केदारनगर के प्रदीप इसरो में बने वैज्ञानिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: केदारनगर के प्रदीप इसरो में बने वैज्ञानिक
विज्ञापन
प्रदीप यादव।स्रोत : स्वयं
केदारनगर। टांडा क्षेत्र के मुजाहिदपुर केदारनगर निवासी प्रदीप कुमार यादव (25) का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक पद पर हुआ है। वर्तमान में वह एनटीपीसी की रिहंद बांध परियोजना में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने नौकरी के साथ स्वाध्याय और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री के सहारे तैयारी कर गेट के माध्यम से यह सफलता हासिल की।
प्रदीप ने विद्युतनगर स्थित विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल से इंटरमीडिएट तथा नोएडा के इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एनटीपीसी की रिहंद परियोजना में नौकरी मिली। इसके बावजूद उन्होंने इसरो में चयन का लक्ष्य बनाए रखा और लगातार तैयारी करते रहे।
प्रदीप अपनी सफलता का प्रेरणास्रोत अपने दिवंगत दादा जगदीश प्रसाद यादव को मानते हैं, जो एनटीपीसी में वरिष्ठ अधिकारी थे। उनके पिता हरिशंकर यादव अधिवक्ता हैं और माता आशा यादव गृहिणी हैं। बड़े भाई प्रमोद कुमार यादव बेंगलुरु में ट्रैफिक कंट्रोलर हैं। तीन बहनों में दो विवाहित हैं, जबकि तीसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। प्रदीप के चयन से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ( संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदीप ने विद्युतनगर स्थित विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल से इंटरमीडिएट तथा नोएडा के इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एनटीपीसी की रिहंद परियोजना में नौकरी मिली। इसके बावजूद उन्होंने इसरो में चयन का लक्ष्य बनाए रखा और लगातार तैयारी करते रहे।
विज्ञापन
प्रदीप अपनी सफलता का प्रेरणास्रोत अपने दिवंगत दादा जगदीश प्रसाद यादव को मानते हैं, जो एनटीपीसी में वरिष्ठ अधिकारी थे। उनके पिता हरिशंकर यादव अधिवक्ता हैं और माता आशा यादव गृहिणी हैं। बड़े भाई प्रमोद कुमार यादव बेंगलुरु में ट्रैफिक कंट्रोलर हैं। तीन बहनों में दो विवाहित हैं, जबकि तीसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। प्रदीप के चयन से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ( संवाद)
विज्ञापन