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नदी में किया अवैध खनन का स्थायी इंतजाम
अंबेडकरनगर / अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2015 12:05 AM IST
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क्षेत्र के रायपुर घाट पर हुई छापेमारी में अवैध तरीके से हो रहे बालू खनन का खुलासा हुआ है। डीएम को मिली सूचना के बाद अकबरपुर से एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने टांडा पहुंचकर छापा मारा तो वहां नदी की धारा में खुदाई के लिए बनाए गए स्ट्रक्चर मौके पर मौजूद मिले।
खोदाई के भी कई प्रमाण भी मौके पर पाए गए। डीएम ने कहा है कि मामले में रिपोर्ट लेने के साथ ही वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। टांडा तहसील में सरयू नदी के घाटों पर अवैध बालू खनन का काला कारोबार एक बार फिर पनप उठा है। पूर्व में डीएम के नेतृत्व में डाले गए छापे के बाद इसमें कमीं आई थी, लेकिन अब एक बार फिर से यहां अवैध खोदाई शुरू हो गई है।
रविवार सुबह डीएम विवेक को किसी ने दूरभाष पर सूचना दी कि टांडा तहसील क्षेत्र के रायपुर गांव में अवैध ढंग से बालू खनन हो रहा है। बताया गया कि एक माफिया के कुछ गुर्गे लगातार सरयू नदी के घाट पर बड़ी बड़ी मशीनों को लगाकर खुदाई कर रहे हैं। मौके पर कई ट्रक भी मौजूद हैं।
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डीएम ने टांडा एसडीएम व सीओ से वार्ता की, तो वे एक अन्य कार्य में व्यस्त थे। इसके बाद डीएम ने तत्काल एसडीएम सदर पंकज को मौके पर पहुंचकर छापा मारने का निर्देश दिया। इस पर एसडीएम के नेतृत्व में तहसीलदार शिवमूर्ति सिंह व नायब तहसीलदार राजकुमार बैठा समेत खनन निरीक्षक की टीम ने तत्काल रायपुर गांव में सरयू तट पर छापा मारा।
हालांकि जब तक टीम मौके पर पहुंचती, तब तक खनन में लगे लोग, वहां से भाग खड़े हुए थे। मौके पर कोई ट्रक या मशीन नहीं मिली, लेकिन एक पोकलैंड मशीन जरूर कुछ दूरी पर खड़ी थी। इन सबसे इतर सबसे ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि नदी में बाकायदा स्थाई स्ट्रक्चर बनाए गए थे।
हैरान कर देने वाली बात यह थी कि ऐसी व्यवस्था बनाई गई थी कि दो नावों के माध्यम से नदी की धारा में 50 मीटर अंदर तक जाकर वहां मशीन के माध्यम से खुदाई की जाए और पाइप के माध्यम से बालू निकाल कर बाहर तक पहुंचा दिया जाए। अधिकारी वहां का यह जाल देखकर आश्चर्यचकित रह गए।
डीएम विवेक ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि नदी में ऐसा स्ट्रक्चर बनाया गया था, जो न तो एक दिन में बनाया जा सकता है और न ही एक दिन में उसे आसानी से हटाया जा सकता है। यह अत्यंत गंभीर मामला है। इसमें रिपोर्ट ली जा रही है। मामले में वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
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खोदाई के भी कई प्रमाण भी मौके पर पाए गए। डीएम ने कहा है कि मामले में रिपोर्ट लेने के साथ ही वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। टांडा तहसील में सरयू नदी के घाटों पर अवैध बालू खनन का काला कारोबार एक बार फिर पनप उठा है। पूर्व में डीएम के नेतृत्व में डाले गए छापे के बाद इसमें कमीं आई थी, लेकिन अब एक बार फिर से यहां अवैध खोदाई शुरू हो गई है।
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रविवार सुबह डीएम विवेक को किसी ने दूरभाष पर सूचना दी कि टांडा तहसील क्षेत्र के रायपुर गांव में अवैध ढंग से बालू खनन हो रहा है। बताया गया कि एक माफिया के कुछ गुर्गे लगातार सरयू नदी के घाट पर बड़ी बड़ी मशीनों को लगाकर खुदाई कर रहे हैं। मौके पर कई ट्रक भी मौजूद हैं।
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डीएम ने टांडा एसडीएम व सीओ से वार्ता की, तो वे एक अन्य कार्य में व्यस्त थे। इसके बाद डीएम ने तत्काल एसडीएम सदर पंकज को मौके पर पहुंचकर छापा मारने का निर्देश दिया। इस पर एसडीएम के नेतृत्व में तहसीलदार शिवमूर्ति सिंह व नायब तहसीलदार राजकुमार बैठा समेत खनन निरीक्षक की टीम ने तत्काल रायपुर गांव में सरयू तट पर छापा मारा।
हालांकि जब तक टीम मौके पर पहुंचती, तब तक खनन में लगे लोग, वहां से भाग खड़े हुए थे। मौके पर कोई ट्रक या मशीन नहीं मिली, लेकिन एक पोकलैंड मशीन जरूर कुछ दूरी पर खड़ी थी। इन सबसे इतर सबसे ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि नदी में बाकायदा स्थाई स्ट्रक्चर बनाए गए थे।
हैरान कर देने वाली बात यह थी कि ऐसी व्यवस्था बनाई गई थी कि दो नावों के माध्यम से नदी की धारा में 50 मीटर अंदर तक जाकर वहां मशीन के माध्यम से खुदाई की जाए और पाइप के माध्यम से बालू निकाल कर बाहर तक पहुंचा दिया जाए। अधिकारी वहां का यह जाल देखकर आश्चर्यचकित रह गए।
डीएम विवेक ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि नदी में ऐसा स्ट्रक्चर बनाया गया था, जो न तो एक दिन में बनाया जा सकता है और न ही एक दिन में उसे आसानी से हटाया जा सकता है। यह अत्यंत गंभीर मामला है। इसमें रिपोर्ट ली जा रही है। मामले में वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।