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प्लेटलेट्स के लिए मरीजों को नहीं लगानी पड़ेगी दौड़
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अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में डेंगू से निपटने के लिए हुई डेंगू वार्ड की स्थापना।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। डेंगू से निपटने के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्लेटलेट्स के लिए जरूरी प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए अब मरीजों को लखनऊ व वाराणसी जैसे शहर जाने की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग ने यह तैयारी की है कि विशेष परिस्थिति को छोड़कर मरीज को जिले से बाहर का रुख न करना पड़े। दवाओं आदि की उपलब्धता को लेकर डीएम सैमुअल पॉल एन प्रतिदिन शाम को जरूरी समीक्षा कर रहे हैं, तो वहीं शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। पंचायत राज, जिला कार्यक्रम तथा स्वास्थ्य महकमे से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखते हुए उन्हें प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। कहा गया है कि कहीं भी संभावित मरीज पाए जाने पर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराएं।
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे डेंगू के खतरे से निपटने के लिए जिले में स्वास्थ्य महकमे ने मुकम्मल तैयारी कर रखी है। डीएम सैमुअल पॉल एन प्रतिदिन स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल जिले में अभी इस रोग के मरीजों की संख्या काफी कम है। ऐसे में जिले में किसी प्रकार की असहज स्थिति नहीं है। जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं। उनके उपचार के लिए समुचित दवाएं भी हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू के लिए अलग से 10 बेड का वार्ड बनाया गया है। डेंगू व मलेरिया जांच की समुचित व्यवस्था है।
अस्पताल के पास पर्याप्त दवाओं का स्टॉक मौजूद है। विशेष रूप से दो चिकित्सक डॉ. मनोज शुक्ल व डॉ. योगेश वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पताल पहुंचने पर यदि कोई मरीज डेंगू या मलेरिया से ग्रसित पाया जाता है तो तत्काल उसे भर्ती कर समुचित उपचार किया जा रहा है। डेंगू से ग्रसित मरीजों को यदि प्लेटलेट्स की आवश्यकता पड़ती है तो राजकीय मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया जाएगा। फिलहाल अभी तक ऐसा कोई मरीज नहीं आया है, जिसे प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता पड़े।
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उधर, राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में भी डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए तैयारियां मुकम्मल की गई हैं। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को प्लेट्लेट्स चढ़ाने की भी व्यवस्था की गई है। मरीजों के लिए 25 बेड का एक विशेष वार्ड आरक्षित किया गया है। जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है। अब तक कोई डेंगू से पीड़ित मरीज नहीं मिला है। प्राचार्य डॉ. संदीप कौशिक ने बताया कि वार्ड आरक्षित करने के साथ ही दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। डॉ. बृजेश कुमार को नोडल नामित किया गया है। मेडिकल कॉलेज में प्लेट्लेटस चढ़ाने की व्यवस्था है। फिलहाल इसे स्टॉक में नहीं रखा जाता है। कारण यह कि पांच दिन बाद नष्ट हो जाती है। ऐसे में यदि किसी मरीज को इसकी जरूरत पड़ी तो रक्तदान के कुछ ही देर बाद मरीज को प्लेटलेट्स मुहैया करा दी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के अलावा पंचायत राज विभाग व जिला कार्यक्रम विभाग भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है। गांव व शहर में साफ सफाई अभियान के साथ ही नागरिकों को जागरूक करने का भी काम किया जा रहा है।
संक्रामक रोगों से निपटने की तैयारियां पूरी
जिले में डेंगू व अन्य संक्रामक बीमारियों के खतरे से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज समेत सीएचसी व पीएचसी में वार्ड भी आरक्षित हैं। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। नागरिकों को सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ
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प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे डेंगू के खतरे से निपटने के लिए जिले में स्वास्थ्य महकमे ने मुकम्मल तैयारी कर रखी है। डीएम सैमुअल पॉल एन प्रतिदिन स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल जिले में अभी इस रोग के मरीजों की संख्या काफी कम है। ऐसे में जिले में किसी प्रकार की असहज स्थिति नहीं है। जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं। उनके उपचार के लिए समुचित दवाएं भी हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू के लिए अलग से 10 बेड का वार्ड बनाया गया है। डेंगू व मलेरिया जांच की समुचित व्यवस्था है।
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अस्पताल के पास पर्याप्त दवाओं का स्टॉक मौजूद है। विशेष रूप से दो चिकित्सक डॉ. मनोज शुक्ल व डॉ. योगेश वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पताल पहुंचने पर यदि कोई मरीज डेंगू या मलेरिया से ग्रसित पाया जाता है तो तत्काल उसे भर्ती कर समुचित उपचार किया जा रहा है। डेंगू से ग्रसित मरीजों को यदि प्लेटलेट्स की आवश्यकता पड़ती है तो राजकीय मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया जाएगा। फिलहाल अभी तक ऐसा कोई मरीज नहीं आया है, जिसे प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता पड़े।
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उधर, राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में भी डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए तैयारियां मुकम्मल की गई हैं। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को प्लेट्लेट्स चढ़ाने की भी व्यवस्था की गई है। मरीजों के लिए 25 बेड का एक विशेष वार्ड आरक्षित किया गया है। जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है। अब तक कोई डेंगू से पीड़ित मरीज नहीं मिला है। प्राचार्य डॉ. संदीप कौशिक ने बताया कि वार्ड आरक्षित करने के साथ ही दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। डॉ. बृजेश कुमार को नोडल नामित किया गया है। मेडिकल कॉलेज में प्लेट्लेटस चढ़ाने की व्यवस्था है। फिलहाल इसे स्टॉक में नहीं रखा जाता है। कारण यह कि पांच दिन बाद नष्ट हो जाती है। ऐसे में यदि किसी मरीज को इसकी जरूरत पड़ी तो रक्तदान के कुछ ही देर बाद मरीज को प्लेटलेट्स मुहैया करा दी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के अलावा पंचायत राज विभाग व जिला कार्यक्रम विभाग भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है। गांव व शहर में साफ सफाई अभियान के साथ ही नागरिकों को जागरूक करने का भी काम किया जा रहा है।
संक्रामक रोगों से निपटने की तैयारियां पूरी
जिले में डेंगू व अन्य संक्रामक बीमारियों के खतरे से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज समेत सीएचसी व पीएचसी में वार्ड भी आरक्षित हैं। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। नागरिकों को सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ