{"_id":"5fff27a58ebc3e32a334b2c2","slug":"panchayat-ambedkar-nagar-news-lko559699165","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढाई दशक में तीसरे प्रशासक के तौर पर डीएम आज संभालेंगे कार्यभार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढाई दशक में तीसरे प्रशासक के तौर पर डीएम आज संभालेंगे कार्यभार
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अंबेडकरनगर। जिला पंचायत अंबेडकरनगर के लगभग ढाई दशक के इतिहास में तीसरे प्रशासक के तौर पर बृहस्पतिवार यानी 14 दिसंबर को डीएम राकेश कुमार मिश्र कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले दो और डीएम बतौर प्रशासक काम कर चुके हैं। अध्यक्ष के तौर पर सात जनप्रतिनिधियों ने यहां अलग-अलग समय गद्दी संभाली है। 29 सितंबर, 1995 को तत्कालीन फैजाबाद जनपद को विभक्त कर अंबेडकरनगर नाम से नए जनपद का गठन हुआ था। इसके बाद यहां वर्ष 1996 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के पहले चुनाव में वरिष्ठ भाजपा नेता रमाशंकर सिंह की पत्नी भारती सिंह को रोमांचक मुुकाबले में जीत दर्ज करने की सफलता मिली थी। उन्होंने सपा प्रत्याशी निर्मला सिंह व बसपा प्रत्याशी निर्मला को पराजित किया था।
राष्ट्रपति शासन में हुए चुनाव के बाद पहले अध्यक्ष के तौर पर भारती सिंह ने विकास के कार्य बड़े पैैमाने पर किए तथा बतौर जिला पंचायत अध्यक्ष नागरिकों के सुख दुख में बिना भेदभाव शिरकत भी किया। वे 13 जुलाई 1996 से लेकर 5 जुलाई 2000 तक अध्यक्ष रहीं। वर्ष 2000 में हुए चुनाव में बसपा नेता त्रिभुवनदत्त जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए। बाद में सांसद चुने जाने के चलते उन्होंने 14 अगस्त 2000 से लेकर 13 जून 2002 तक बतौर अध्यक्ष काम किया। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष रहे सपा नेता रणविजय सिंह इसके बाद 14 जून से 21 अगस्त तक बतौर जिला पंचायत अध्यक्ष काम किए।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई सीट पर बाद में हुए चुनाव में बजरंगबली ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर ली। वे 22 अगस्त 2002 से 9 सिंतबर 2005 तक अध्यक्ष रहे। बसपा नेत्री सुधा वर्मा 2006 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर विजयी रहीं। उन्होंने 14 जनवरी से 13 जनवरी 2011 तक अध्यक्ष के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा किया।
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इसके बाद पूर्व मंत्री बसपा नेता लालजी वर्मा की पत्नी शोभावती वर्मा एक तरफा मुकाबले में अध्यक्ष चुन ली गईं। 14 जनवरी 2011 से 13 जनवरी 2016 तक अध्यक्ष रहीं। सपा प्रत्याशी के तौर पर सुधीर सिंह मिंटू 2016 में विजयी हुए। उन्होंने शोभावती वर्मा को ही पराजित किया। सुधीर बतौर अध्यक्ष 14 जनवरी 2016 से 13 जनवरी 2020 तक अध्यक्ष रहे। इस बीच अब 14 जनवरी गुरुवार को बतौर प्रशासक डीएम राकेश कुमार मिश्र कार्यभार सम्हालेंगे। इससे जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
प्रशासक के तौर पर जिले के डीएम का यह तीसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वर्ष 2000 में अध्यक्ष भारती सिंह का कार्यकाल समाप्त हो जाने पर तत्काली डीएम सुरेंद्र बहादुर सिंह 6 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रशासक रहे। वर्ष 2005 में बजरंगबली का कार्यकाल समाप्त होने पर तत्कालीन डीएम डॉ सुधीर सक्सेना ने बतौर प्रशासक कार्यभार सम्हाला। वे 10 सितंबर 2005 से 13 जनवरी 2006 तक प्रशासक रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह मिंटू ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल के अंतिम दिन एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम जोड़ ली। युवाओं समेत समाज के विभिन्न वर्गों को सकारात्मक संदेेश देने के लिए उन्होंने जिला पंचायत परिसर में महान क्रांतिकारी महाराणा प्रताप की आदमकद मूर्ति का लोकार्पण समारोहपूर्वक कराया। इसकी तैयारियां काफी समय से की जा रही थीं। सुधीर ने कहा कि इस प्रतिमा की स्थापना समाज को लगातार आगे बढ़ते रहने तथा सच का साथ देने का संदेेश देने के लिए कराया गया है। इससे समाज को एक तरफ जहां सकारात्मक संदेश मिलेगा वहीं परिसर की भव्यता भी बढ़ गई है।
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राष्ट्रपति शासन में हुए चुनाव के बाद पहले अध्यक्ष के तौर पर भारती सिंह ने विकास के कार्य बड़े पैैमाने पर किए तथा बतौर जिला पंचायत अध्यक्ष नागरिकों के सुख दुख में बिना भेदभाव शिरकत भी किया। वे 13 जुलाई 1996 से लेकर 5 जुलाई 2000 तक अध्यक्ष रहीं। वर्ष 2000 में हुए चुनाव में बसपा नेता त्रिभुवनदत्त जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए। बाद में सांसद चुने जाने के चलते उन्होंने 14 अगस्त 2000 से लेकर 13 जून 2002 तक बतौर अध्यक्ष काम किया। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष रहे सपा नेता रणविजय सिंह इसके बाद 14 जून से 21 अगस्त तक बतौर जिला पंचायत अध्यक्ष काम किए।
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अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई सीट पर बाद में हुए चुनाव में बजरंगबली ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर ली। वे 22 अगस्त 2002 से 9 सिंतबर 2005 तक अध्यक्ष रहे। बसपा नेत्री सुधा वर्मा 2006 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर विजयी रहीं। उन्होंने 14 जनवरी से 13 जनवरी 2011 तक अध्यक्ष के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा किया।
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इसके बाद पूर्व मंत्री बसपा नेता लालजी वर्मा की पत्नी शोभावती वर्मा एक तरफा मुकाबले में अध्यक्ष चुन ली गईं। 14 जनवरी 2011 से 13 जनवरी 2016 तक अध्यक्ष रहीं। सपा प्रत्याशी के तौर पर सुधीर सिंह मिंटू 2016 में विजयी हुए। उन्होंने शोभावती वर्मा को ही पराजित किया। सुधीर बतौर अध्यक्ष 14 जनवरी 2016 से 13 जनवरी 2020 तक अध्यक्ष रहे। इस बीच अब 14 जनवरी गुरुवार को बतौर प्रशासक डीएम राकेश कुमार मिश्र कार्यभार सम्हालेंगे। इससे जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
प्रशासक के तौर पर जिले के डीएम का यह तीसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वर्ष 2000 में अध्यक्ष भारती सिंह का कार्यकाल समाप्त हो जाने पर तत्काली डीएम सुरेंद्र बहादुर सिंह 6 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रशासक रहे। वर्ष 2005 में बजरंगबली का कार्यकाल समाप्त होने पर तत्कालीन डीएम डॉ सुधीर सक्सेना ने बतौर प्रशासक कार्यभार सम्हाला। वे 10 सितंबर 2005 से 13 जनवरी 2006 तक प्रशासक रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह मिंटू ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल के अंतिम दिन एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम जोड़ ली। युवाओं समेत समाज के विभिन्न वर्गों को सकारात्मक संदेेश देने के लिए उन्होंने जिला पंचायत परिसर में महान क्रांतिकारी महाराणा प्रताप की आदमकद मूर्ति का लोकार्पण समारोहपूर्वक कराया। इसकी तैयारियां काफी समय से की जा रही थीं। सुधीर ने कहा कि इस प्रतिमा की स्थापना समाज को लगातार आगे बढ़ते रहने तथा सच का साथ देने का संदेेश देने के लिए कराया गया है। इससे समाज को एक तरफ जहां सकारात्मक संदेश मिलेगा वहीं परिसर की भव्यता भी बढ़ गई है।