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अब निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों की खैर नहीं

Tue, 21 Mar 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Tue, 21 Mar 2017 11:31 PM IST
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Now the private doctors practicing private practice
Hospital
सूबे में निजाम बदलने के साथ ही निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की अब खैर नहीं है। शासन ने पत्र भेजकर सीएमओ व सीएमएस को इसे लेकर आगाह किया है।
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पत्र में कहा गया कि अविलंब बैठक कर चिकित्सकों व नर्सिंग होम संचालकों को अवगत करा दिया जाए कि यदि निर्देशों का उल्लंघन हुआ तो दोनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। सीएमओ व सीएमएस ने निर्देशों का पालन कराने के लिए आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं।
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सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस का मामला आम हो चुका था। कई चिकित्सक मोटी रकम पर नर्सिंग होमों में ड्यूटी बजा रहे थे। इसका असर यह होता है कि वह प्राय: सरकारी अस्पतालों में समय से पहुंच नहीं पाते थे, या फिर ऐसा भी मामला सामने आता था कि सरकारी अस्पताल में देखने के बजाए मरीजों को अपने निजी अस्पतालों पर या फिर जहां प्रैक्टिस कर रहे थे वहां आने का दबाव बनाते थे।
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मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही महंत आदित्यनाथ ने इस पर लगाम लगाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आदि उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने निर्देशित किया कि सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

इसके लिए चिकित्सकों व उन निजी चिकित्सालयों को भी चिह्नित किया जाए जहां पर राजकीय चिकित्सक प्रैक्टिस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के सख्त तेवर का ही असर रहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक पदमाकर सिंह व निदेशक चिकित्सा उपचार रूकुमकेश ने अपना संयुक्त पत्र मुख्य चिकित्साधिकारी व मुख्य चिकित्साधीक्षक को जारी कर दिया।

20 मार्च को अधिकारियों द्वारा जारी पत्र में सर्वोच्च प्राथमिकता का हवाला देते हुए जिले में तत्काल प्रभाव से व्यवस्था लागू किए जाने का निर्देश दिया गया है। कहा गया कि अविलंब चिकित्सकों के साथ बैठक की जाए और उन्हें निर्देशों का पालन करने के लिए आगाह किया जाए।


ऐसे चिकित्सकों व निजी नर्सिंग होमों को चिह्नित किया जाए, जो निर्देशों का उल्लंघन करते हैं। इसमें यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो संबंधित दोषी लोगों के विरुद्घ कार्रवाई तय होगी। शासन से यह पत्र मिलने के बाद से जिले में इसे लेकर हलचल तेज हो गई है। 
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