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उपेक्षा से नाराज निषाद एकता परिषद ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Sun, 08 May 2016 10:51 PM IST
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अकबरपुर तहसील तिराहे पर बैठक करते निषाद एकता परिषद के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद ने विभिन्न मांगों को लेकर अकबरपुर पुरानी तहसील तिराहे के निकट धरना दिया। धरने में कहा गया कि केंद्र व प्रदेश सरकारों ने लंबे समय से निषाद समाज की उपेक्षा की है। उन्हें योजनाओं का समुचित लाभ नहीं दिया जा रहा है।
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बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही समाज की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। धरने की अध्यक्षता कर रहे जिला संयोजक ओमप्रकाश निषाद ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकारें निषाद समाज के उत्थान की बातें तो बढ़ चढ़कर करती हैं, लेकिन उसे जमीनी हकीकत प्रदान करने के लिए कभी कोई ठोस कदम नहीं उठातीं।
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समाज के लोगों का प्रयोग महज वोट के लिए ही किया जाता है। लंबे समय से समाज की न सिर्फ उपेक्षा की जा रही है, बल्कि समाज के लोगों का उत्पीड़न भी किया जा रहा है। उन्होंने समाज के लोगों को पात्रता सूची में शामिल किए जाने, भूमि का पट्टा समाज के लोगों को दिए जाने, सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिलाए जाने की मांग की।
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वक्ताओं ने कहा कि उपेक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रामपुर गिरंट की निषाद बस्ती में लगी आग के बाद अग्निपीड़ितों को अब तक आर्थिक सहायता नहीं प्रदान की जा सकी है। इतना ही नहीं संगठन क प्रदेश सचिव कमलेंद्र निषाद पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर उनका उत्पीडन किया जा रहा है।
वक्ताओं ने तत्काल केस वापस लिए जाने की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान हीरालाल, राजेश निषाद, राधेश्याम, सूर्यपाल, राजितराम आदि मौजूद रहे।