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राशनकार्ड सूची से कटेगा 19 हजार लाभार्थियों का नाम
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अंबेडकरनगर। जिले के 19 हजार से अधिक लाभार्थियों का नाम जल्द ही राशनकार्ड पात्रता सूची से काट दिया जाएगा। कारण यह है कि ऐसे राशनकार्ड धारकों का नाम न सिर्फ जनपद की पात्रता सूची में है, बल्कि दूसरे प्रांतों में भी उनके नाम राशनकार्ड है। बीते दिनों वन नेशन, वन राशन योजना के तहत पूरे देश में सत्यापन के दौरान इस प्रकार की गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद शासन से जिले को ऐसे राशनकार्ड धारकों की सूची प्राप्त हुई। इस पर जिलापूर्ति अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों व पूर्ति निरीक्षकों को सूची उपलब्ध कराते हुए संबंधित राशनकार्ड धारकों को नोटिस भेजने का निर्देश दिया है।
दो प्रांतों में रहकर राशनकार्ड बनवाकर योजनाओं का लाभ लेने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए बीते दिनों वन नेशन, वन राशन योजना के तहत भारत सरकार ने सत्यापन कराया था। इस सत्यापन का मुख्य उद्देश्य यह था कि यदि कोई व्यक्ति दो स्थानों पर राशनकार्ड बनवाकर योजनाओं का लाभ ले रहा हो, तो एक स्थान से उसका नाम हटाया जा सके। सत्यापन के दौरान पाया गया कि अंबेडकरनगर जनपद में 19390 ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका जिले के अलावा अन्य प्रदेशों में भी राशनकार्ड है। साथ ही दोनों ही स्थानों पर राशनकार्ड से योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है। इस पर एनआईसी लखनऊ ने जिलापूर्ति अधिकारी को संबंधित राशनकार्ड धारकों की सूची उपलब्ध करा दी। साथ ही निर्देशित किया कि इन राशनकार्ड धारकों के परिवार को नोटिस भेजकर यह स्पष्ट किया जाए कि किस प्रांत के राशनकार्ड को निरस्त किया जाए।
जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय के लिपिक गौरव ने बताया कि शासन से प्राप्त हुई सूची के आधार पर सभी खंड विकास अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों को सूची उपलब्ध करा दी गई है। पहले संबंधित परिवार को नोटिस भेजकर उनसे किसी एक स्थान से नाम कटवाने के लिए आवेदन मांगा जाएगा। यदि कोई जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित का नाम जनपद की राशनकार्ड पात्रता सूची से काट दिया जाएगा।
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सात दिन में मांगा जवाब
शासन से मिली सूची के अनुसार जिले में 19390 ऐसे राशनकार्ड धारक हैं, जिनके नाम न सिर्फ जिले की राशनकार्ड सूची में शामिल हैं, बल्कि अन्य प्रांत की भी पात्रता सूची में सम्मिलित हैं। ऐसे राशनकार्ड धारकों को नोटिस भेजकर कहा जा रहा है कि वे किस स्थान पर राशनकार्ड रखना चाहते हैं। यदि नोटिस भेजने के एक सप्ताह के अंदर जवाब नहीं दिया गया, तो फिर जिले की राशनकार्ड सूची से उनका नाम हटा दिया जाएगा।
-राकेश कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी
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दो प्रांतों में रहकर राशनकार्ड बनवाकर योजनाओं का लाभ लेने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए बीते दिनों वन नेशन, वन राशन योजना के तहत भारत सरकार ने सत्यापन कराया था। इस सत्यापन का मुख्य उद्देश्य यह था कि यदि कोई व्यक्ति दो स्थानों पर राशनकार्ड बनवाकर योजनाओं का लाभ ले रहा हो, तो एक स्थान से उसका नाम हटाया जा सके। सत्यापन के दौरान पाया गया कि अंबेडकरनगर जनपद में 19390 ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका जिले के अलावा अन्य प्रदेशों में भी राशनकार्ड है। साथ ही दोनों ही स्थानों पर राशनकार्ड से योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है। इस पर एनआईसी लखनऊ ने जिलापूर्ति अधिकारी को संबंधित राशनकार्ड धारकों की सूची उपलब्ध करा दी। साथ ही निर्देशित किया कि इन राशनकार्ड धारकों के परिवार को नोटिस भेजकर यह स्पष्ट किया जाए कि किस प्रांत के राशनकार्ड को निरस्त किया जाए।
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जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय के लिपिक गौरव ने बताया कि शासन से प्राप्त हुई सूची के आधार पर सभी खंड विकास अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों को सूची उपलब्ध करा दी गई है। पहले संबंधित परिवार को नोटिस भेजकर उनसे किसी एक स्थान से नाम कटवाने के लिए आवेदन मांगा जाएगा। यदि कोई जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित का नाम जनपद की राशनकार्ड पात्रता सूची से काट दिया जाएगा।
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शासन से मिली सूची के अनुसार जिले में 19390 ऐसे राशनकार्ड धारक हैं, जिनके नाम न सिर्फ जिले की राशनकार्ड सूची में शामिल हैं, बल्कि अन्य प्रांत की भी पात्रता सूची में सम्मिलित हैं। ऐसे राशनकार्ड धारकों को नोटिस भेजकर कहा जा रहा है कि वे किस स्थान पर राशनकार्ड रखना चाहते हैं। यदि नोटिस भेजने के एक सप्ताह के अंदर जवाब नहीं दिया गया, तो फिर जिले की राशनकार्ड सूची से उनका नाम हटा दिया जाएगा।
-राकेश कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी