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माइनर कटी, 200 बीघा फसल जलमग्न
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। सिंचाई विभाग की उदासीनता आम नागरिकों व किसानों पर फिर भारी पड़ी। करीब एक माह के अंदर शिवतारा माइनर की पटरी संदहां मजगवां के पास बुधवार को चौथी बार कट गईं। इससे करीब 200 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। माइनर का पानी दलित बस्ती के करीब आधा दर्जन घरों में घुस गया। उधर जहांगीरगंज रजवाहा की पटरी मसेना मिर्जापुर के पास बुधवार रात कट जाने से 50 बीघा से अधिक फसल जलमग्न होने के साथ ही जेबी इंटर कॉलेज परिसर भी जलाशय में तब्दील हो गया।
माइनरों की सफाई व पटरी की मरम्मत में बरती जा रही लापरवाही किसानों व आम नागरिकों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। इन दिनों नहर व माइनरों में पानी उफान पर है। इसे नियंत्रित करने में सिंचाई विभाग तनिक भी दिलचस्पी नहीं ले रहा है। इसके चलते ही आए दिन माइनर की पटरियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं। शिवतारा माइनर एक माह के अंदर चौथी बार संदहां मगजवां गांव के पास बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गई।
इससे संदहां मजगवां, बरई का पूरा व दलित बस्ती के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। लगभग 10 फीट चौड़ाई में पटरी क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते पानी से जहां 200 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई, वहीं दलित बस्ती के करीब आधा दर्जन घरों पानी घुस गया। ग्रामीणों के घरों में चूल्हा नहीं जल सका। दलित बस्ती व बरई का पूरा गांव के लोगों को आवागमन संकट से भी जूझना पड़ रहा है।
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इसके अलावा यह माइनर सेखौलिया गांव के पास भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे 50 बीघा से अधिक फसल जलमग्न होने के साथ ही गांव भी पानी से घिर गया है। उधर बुधवार को जहांगीरगंज मसेना मिर्जापुर के पास जहांगीरगंज रजवाहा की पटरी टूट जाने से जय बजरंग जेबी इंटर कॉलेज परिसर भी जलाशय में तब्दील हो गया है। गुरुवार को स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यहां भी करीब 50 बीघा फसल जलमग्न है।
शेखौलिया के रामपूजन पांडेय, संदहां मजगवां के प्रदीप कुमार, राधेश्याम, बरई का पूरा निवासी शिवकुमार, मनीराम, दलित बस्ती के सियाराम व पवन कुमार आदि ने सिंचाई विभाग के रवैए पर नाराजगी जतायी। कहा कि कई बार लिखित व मौखिक शिकायत के बावजूद अब तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके चलते ही मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मनमानी का आलम यह कि माइनर में पानी बंद करने की भी जरूरत नहीं महसूस की जा रही है। लगातार माइनर में पानी आने से फसलों के डूबने के साथ ही घरों में पानी घुस रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पटरी जल्द दुरुस्त कराने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही माइनर की सफाई व पटरियों की मरम्मत करने को भी कहा गया है जिससे भविष्य में इस तरह की मुश्किलें न उत्पन्न हों।
-रोशनी यादव, एसडीएम
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माइनरों की सफाई व पटरी की मरम्मत में बरती जा रही लापरवाही किसानों व आम नागरिकों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। इन दिनों नहर व माइनरों में पानी उफान पर है। इसे नियंत्रित करने में सिंचाई विभाग तनिक भी दिलचस्पी नहीं ले रहा है। इसके चलते ही आए दिन माइनर की पटरियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं। शिवतारा माइनर एक माह के अंदर चौथी बार संदहां मगजवां गांव के पास बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गई।
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इससे संदहां मजगवां, बरई का पूरा व दलित बस्ती के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। लगभग 10 फीट चौड़ाई में पटरी क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते पानी से जहां 200 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई, वहीं दलित बस्ती के करीब आधा दर्जन घरों पानी घुस गया। ग्रामीणों के घरों में चूल्हा नहीं जल सका। दलित बस्ती व बरई का पूरा गांव के लोगों को आवागमन संकट से भी जूझना पड़ रहा है।
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इसके अलावा यह माइनर सेखौलिया गांव के पास भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे 50 बीघा से अधिक फसल जलमग्न होने के साथ ही गांव भी पानी से घिर गया है। उधर बुधवार को जहांगीरगंज मसेना मिर्जापुर के पास जहांगीरगंज रजवाहा की पटरी टूट जाने से जय बजरंग जेबी इंटर कॉलेज परिसर भी जलाशय में तब्दील हो गया है। गुरुवार को स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यहां भी करीब 50 बीघा फसल जलमग्न है।
शेखौलिया के रामपूजन पांडेय, संदहां मजगवां के प्रदीप कुमार, राधेश्याम, बरई का पूरा निवासी शिवकुमार, मनीराम, दलित बस्ती के सियाराम व पवन कुमार आदि ने सिंचाई विभाग के रवैए पर नाराजगी जतायी। कहा कि कई बार लिखित व मौखिक शिकायत के बावजूद अब तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके चलते ही मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मनमानी का आलम यह कि माइनर में पानी बंद करने की भी जरूरत नहीं महसूस की जा रही है। लगातार माइनर में पानी आने से फसलों के डूबने के साथ ही घरों में पानी घुस रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पटरी जल्द दुरुस्त कराने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही माइनर की सफाई व पटरियों की मरम्मत करने को भी कहा गया है जिससे भविष्य में इस तरह की मुश्किलें न उत्पन्न हों।
-रोशनी यादव, एसडीएम