{"_id":"bb7b08f6d79c57b9d18cbaa8e336e549","slug":"minor-cleaning-are-made-from-donations-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंदा से करा रहे माइनर की सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंदा से करा रहे माइनर की सफाई
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2015 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवर्षण के चलते सूूख रही लगभग 500 बीघा धान की फसल को बचाने के लिए किसानों ने पैसा एकत्रित किया और अब जेसीबी मशीन लगाकर सफाई कराने का काम शुरू कर दिया है।
मालूम कि बनगांव डिहवा के ग्रामीण शुकलहिया माइनर से जुड़े हैं। इस माइनर से शुकलहिया, डिहवा, बनगांव, रम्मनपुर, सतरही, मरथुआ व झलरिया आदि गांवों के ग्रामीण अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। नहर विभाग की उदासीनता के चलते लम्बे समय से ठीक ढंग से माइनर की सफाई नहीं हुई।
यदि होती भी है तो सिर्फ खानापूर्ति कर छोड़ दिया जाता है। इससे माइनर जल्द ही बालू से जाम हो जाती है। इससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। पिछले कई दिनों से ग्रामीण नहर विभाग से माइनर की सफाई कराने की मांग कर रहे थे। परन्तु न तो इस तरफ नहर विभाग ने ध्यान दिया, और न ही प्रशासन ने।
विज्ञापन
अवर्षण के चलते किसानों के बीच अब सिंचाई का संकट पैदा हो गया है। डीजल चालित इंजनों से सिंचाई करना किसानों को काफी महंगा पड़ रहा है। ऐसे में किसानों ने चंदा लगाया, और अब जेसीबी मशीन से माइनर की सफाई कराने की पहल शुरु कर दी है।
लगभग एक किलोमीटर की दूरी में सफाई भी करा डाली है। क्षेत्र के अनिल सिंह ने नहर विभाग की उदासीनता से पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। डिहवा के सोहन प्रसाद सहित अन्य लोगों ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से भी मनरेगा के तहत माइनर की सफाई कराने की मांग की गई, लेकिन उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। ॉ
इससे 500 बीघा से अधिक धान की फसल प्रभावित हो रही है। कहा कि इसका खामियाजा आगामी चुनाव में जनप्रतिनिधियों को भी भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
मालूम कि बनगांव डिहवा के ग्रामीण शुकलहिया माइनर से जुड़े हैं। इस माइनर से शुकलहिया, डिहवा, बनगांव, रम्मनपुर, सतरही, मरथुआ व झलरिया आदि गांवों के ग्रामीण अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। नहर विभाग की उदासीनता के चलते लम्बे समय से ठीक ढंग से माइनर की सफाई नहीं हुई।
विज्ञापन
यदि होती भी है तो सिर्फ खानापूर्ति कर छोड़ दिया जाता है। इससे माइनर जल्द ही बालू से जाम हो जाती है। इससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। पिछले कई दिनों से ग्रामीण नहर विभाग से माइनर की सफाई कराने की मांग कर रहे थे। परन्तु न तो इस तरफ नहर विभाग ने ध्यान दिया, और न ही प्रशासन ने।
विज्ञापन
अवर्षण के चलते किसानों के बीच अब सिंचाई का संकट पैदा हो गया है। डीजल चालित इंजनों से सिंचाई करना किसानों को काफी महंगा पड़ रहा है। ऐसे में किसानों ने चंदा लगाया, और अब जेसीबी मशीन से माइनर की सफाई कराने की पहल शुरु कर दी है।
लगभग एक किलोमीटर की दूरी में सफाई भी करा डाली है। क्षेत्र के अनिल सिंह ने नहर विभाग की उदासीनता से पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। डिहवा के सोहन प्रसाद सहित अन्य लोगों ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से भी मनरेगा के तहत माइनर की सफाई कराने की मांग की गई, लेकिन उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। ॉ
इससे 500 बीघा से अधिक धान की फसल प्रभावित हो रही है। कहा कि इसका खामियाजा आगामी चुनाव में जनप्रतिनिधियों को भी भुगतना पड़ेगा।