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सिर्फ दो किलो दाल से बना 79 बच्चों का एमडीएम

Thu, 07 Nov 2019 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 10:42 PM IST
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MDM of 79 children made of just two kilos pulses
अंबेडकरनगर। डीएम राकेश कुमार मिश्र के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय गदायां की प्रधानाचार्य परवीन बानो नदारद पाई गईं। विद्यालय में 228 के सापेक्ष कुल 79 बच्चे ही आए थे। पढ़ाई का स्तर इतना खराब मिला कि दीवारों पर लिखे स्लोगन का अर्थ तक बच्चे नहीं बता पाए। 79 छात्र-छात्राओं के लिए एमडीएम में सिर्फ दो किलो दाल का प्रयोग किया गया था। डीएम ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए बीएसए को टीम गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया। यहीं स्थापित आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता अनुपस्थित पाई गईं।
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डीएम राकेश कुमार मिश्र गुरुवार को प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय गदायां का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। वहां रजिस्टर में प्रधानाचार्य परवीन बानो की उपस्थिति तो अंकित थी, लेकिन वे मौके से नदारद थीं। शिक्षिका सुधा पांडेय ने बताया कि वे किसी काम से गई हैं। हालांकि ऐसा कोई जरूरी काम नहीं बताया जा सका, जिसके चलते विद्यालय अवधि में ही जाना जरूरी था।
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विद्यालय में कुल 228 छात्र-छात्राएं पंजीकृत मिले, लेकिन उपस्थिति पर ध्यान न देने के कारण गुरुवार को सिर्फ 79 बच्चे ही आए थे। समूचे विद्यालय परिसर में घास उगी थी। किसी छात्र के पास यूनिफार्म नहीं थी तो किसी के पास जूते व किताब। छात्र-छात्राओं के उपयोग के लिए नियमानुसार पर्याप्त साबुन तक नहीं थे। आग से बचाव के लिए अग्निशमन सिलेंडर तो था, लेकिन बीते आठ वर्ष से इसे रिफिल नहीं कराया गया था।
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गुणवत्ता परखने के लिए डीएम ने एमडीएम चखा। दाल काफी पतली थी और उसमें नमक तेज था। पूछने पर बताया गया कि 79 छात्र-छात्राओं के लिए सिर्फ दो किलो ग्राम दाल का ही प्रयोग किया गया है। एमडीएम मानक के अनुरूप नहीं मिला। खाना लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा था। स्कूल में रसोई गैस सिलेंडर नहीं था। एमडीएम बनाने के लिए कुल चार रसोइया नियुक्त हैं मगर मौके पर चार ही मिलीं। शौचालय उपयोग के लिए ठीक पाया गया।

डीएम ने इन खामियों को देखते हुए संपूर्ण प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित करने का निर्देश दिया। बीएसए से कहा कि अविलंब टीम गठित कर जांच कराई जाए। विद्यालय परिसर में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र में कुल 80 छात्र-छात्राएं पंजीकृत मिले। उपस्थिति रजिस्टर पर मात्र 10 बच्चों का नाम दर्ज था। कोई भी छात्र उपस्थित नहीं मिला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शहाना परवीन नदारद मिलीं। सहायिका लता मिश्रा उपस्थित पाई गईं। डीएम ने अनुपस्थित कार्यकत्री से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
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