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श्रद्धा व उल्लास से मनाई गई मकर संक्रांति
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अंबेडकरनगर के शास्त्रीनगर में संचालित गुरुकुल में आयोजित खिचड़ी भोज में शामिल लोग।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। मकर संक्रांति का पर्व जिले में गुरुवार को श्रद्धा व उल्लास से मनाया गया। घरों से लेकर विभिन्न धार्मिक स्थानों पर अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान-पूजन कर दान पुण्य किया। जिला मुख्यालय पर पूजन-अर्चन के लिए जहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी, वहीं टांडा, आलापुर आदि क्षेत्रों में सरयू नदी के पवित्र घाटों पर मकर संक्रांति के मौके पर स्नान-पूजन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। भोर से ही विभिन्न घाटों पर स्नान व पूजन का दौर शुरू हो गया।
श्रद्धालुओं ने स्नान कर मंदिरों में स्थापित विग्रहों का पूजन-अर्चन कर पुरोहितों को दान दिया। कई जगह युवाओं ने जहां पतंगबाजी का लुत्फ उठाया तो कई स्थानों पर सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। वहीं कुछ क्षेत्रों में शुक्रवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।
जिले में मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार को उल्लास से मनाया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर भगवान सूर्य की आराधना की। घरों में श्रद्धालुओं ने सुबह ही स्नान कर पुरोहितों को तिल व चावल का दान दिया। तमाम श्रद्धालुओं मंदिरों में पहुंचकर घर व समाज की सलामती के लिए पूजा-अर्चना की। अकबरपुर नगर के गायत्री मंदिर, शहजादपुर शिवाला, रामजानकी मंदिर व नगर पालिका कार्यालय के बगल स्थित दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पहुंचकर पूजन-अर्चन किया।
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जिला मुख्यालय के शास्त्रीनगर मोहल्ले में स्थित सप्त ऋषि गुरुकुल संस्थान में मकर संक्रांति के मौके पर खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। गुरुकुल के बच्चों के साथ नागरिकों ने खिचड़ी ग्रहण की। मुख्य अतिथि ब्राह्मण सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष हरिओम तिवारी ने लोगों को मकर संक्रांति की बधाई दी। आचार्य गिरीशानंद तिवारी ने लोगों को मकर संक्रांति पर्व की महत्ता के बारे में जानकारी दी। जिला मुख्यालय पर कई अन्य स्थानों पर हवन-पूजन के साथ सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। इसमें नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। युवाओं ने पतंगबाजी का भी लुत्फ उठाया।
टांडा के श्रीतामेश्वरनाथ महादेव मंदिर डुहिया, श्री हनुमानगढ़ी घाट, राजघाट सहित अन्य सरयू घाट पर भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई। हर-हर गंगे के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू में स्नान कर मंदिरों में पूजन-अर्चन कर पुरोहितों को दान देकर सुख समृद्धि की कामना की। घरों में श्रद्धालुओं ने भगवान सत्यनारायण की कथा सुन ब्राह्मणों को खिचड़ी दान की।
पं. वेदप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि भगवान भास्कर के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। जब सूर्य गोचर वश भ्रमण करते हुए मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। नगर के चिरकुट घाट स्थित शिव मंदिर में पं. अजीत द्विवेदी के संयोजन में श्री सुदंर कांड पाठ का आयोजन हुआ। श्रीसुंदर कांड समापन पर भगवान शिव का भव्य श्रृगार हुआ। आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।
नगर के मुबारकपुर में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के मुबारकपुर इकाई अध्यक्ष मनोज यादव व मंत्री मोतीलाल के संयोजन में सुंदर कांड पाठ का आयोजन हुआ। आलापुर, जलालपुर, भीटी व कटेहरी आदि क्षेत्रों में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया।
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श्रद्धालुओं ने स्नान कर मंदिरों में स्थापित विग्रहों का पूजन-अर्चन कर पुरोहितों को दान दिया। कई जगह युवाओं ने जहां पतंगबाजी का लुत्फ उठाया तो कई स्थानों पर सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। वहीं कुछ क्षेत्रों में शुक्रवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।
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जिले में मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार को उल्लास से मनाया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर भगवान सूर्य की आराधना की। घरों में श्रद्धालुओं ने सुबह ही स्नान कर पुरोहितों को तिल व चावल का दान दिया। तमाम श्रद्धालुओं मंदिरों में पहुंचकर घर व समाज की सलामती के लिए पूजा-अर्चना की। अकबरपुर नगर के गायत्री मंदिर, शहजादपुर शिवाला, रामजानकी मंदिर व नगर पालिका कार्यालय के बगल स्थित दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पहुंचकर पूजन-अर्चन किया।
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जिला मुख्यालय के शास्त्रीनगर मोहल्ले में स्थित सप्त ऋषि गुरुकुल संस्थान में मकर संक्रांति के मौके पर खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। गुरुकुल के बच्चों के साथ नागरिकों ने खिचड़ी ग्रहण की। मुख्य अतिथि ब्राह्मण सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष हरिओम तिवारी ने लोगों को मकर संक्रांति की बधाई दी। आचार्य गिरीशानंद तिवारी ने लोगों को मकर संक्रांति पर्व की महत्ता के बारे में जानकारी दी। जिला मुख्यालय पर कई अन्य स्थानों पर हवन-पूजन के साथ सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। इसमें नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। युवाओं ने पतंगबाजी का भी लुत्फ उठाया।
टांडा के श्रीतामेश्वरनाथ महादेव मंदिर डुहिया, श्री हनुमानगढ़ी घाट, राजघाट सहित अन्य सरयू घाट पर भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई। हर-हर गंगे के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू में स्नान कर मंदिरों में पूजन-अर्चन कर पुरोहितों को दान देकर सुख समृद्धि की कामना की। घरों में श्रद्धालुओं ने भगवान सत्यनारायण की कथा सुन ब्राह्मणों को खिचड़ी दान की।
पं. वेदप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि भगवान भास्कर के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। जब सूर्य गोचर वश भ्रमण करते हुए मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। नगर के चिरकुट घाट स्थित शिव मंदिर में पं. अजीत द्विवेदी के संयोजन में श्री सुदंर कांड पाठ का आयोजन हुआ। श्रीसुंदर कांड समापन पर भगवान शिव का भव्य श्रृगार हुआ। आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।
नगर के मुबारकपुर में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के मुबारकपुर इकाई अध्यक्ष मनोज यादव व मंत्री मोतीलाल के संयोजन में सुंदर कांड पाठ का आयोजन हुआ। आलापुर, जलालपुर, भीटी व कटेहरी आदि क्षेत्रों में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया।