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टांडा में कुर्मी व अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिनिधियों का रहा दबदबा

Sun, 30 Jan 2022 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 11:51 PM IST
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Kurmi and minority representatives dominated in Tanda
अंबेडकरनगर। सात दशक के भीतर टांडा विधानसभा सीट पर हुए चुनावों में कुर्मी व अल्पसंख्यक वर्ग के जनप्रतिनिधियों का दबदबा रहा है। यहां वर्ष 1962 से अब तक हुए चुनाव में 4 बार अल्पसंख्यक वर्ग का जनप्रतिनिधि चुना गया, तो 10 बार कुर्मी वर्ग के प्रत्याशी को विधायक बनने का मौका मिला। लंबे समय तक बसपा के कब्जे में रही इस सीट पर पिछले दो चुनाव से सपा व भाजपा का कब्जा रहा है। टांडा सीट पर भाजपा को छोड़ कांग्रेस, सपा व बसपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। भाजपा से यहां सिटिंग विधायक संजू देवी हैं, जिनके अलावा अन्य दावेदार भी टिकट की दौड़ में हैं।
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जिले की टांडा विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास अत्यंत रोचक रहा है। इस सीट से चुने जाने वाले कई विधायकों को मंत्री बनने तक का मौका मिला है। जिला मुख्यालय अकबरपुर के अलावा शहरी आबादी के मामले में भी टांडा का मुख्य स्थान है। वस्त्र उद्योग के लिए देश के बाहर तक प्रसिद्ध टांडा से यूं तो विधानसभा चुनाव की शुरुआत 1951 से हुई, लेकिन तब दो विधायक चुने जाते थे। वर्ष 1962 से टांडा सीट के नाम पर इकलौते विधायक के चुने जाने का सिलसिला शुरू हुआ। उस समय कांग्रेस के जयराम वर्मा विधायक चुने गए।
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1967 में कांग्रेस के आरसी आजाद विधायक बने, तो 1969 मेें उन्हेें बीकेडी से विधायक बनने का मौका मिला। 1970 के उपचुनाव में जयराम वर्मा बीकेडी से विधायक बनने में कामयाब रहे। 1974 में कांग्रेस से निसार अहमद अंसारी, 1977 में जनता पार्टी के अब्दुल हफीज, वर्ष 1980 में जनता पार्टी सेक्यूलर से गोपीनाथ वर्मा विधायक चुने गए। वर्ष 1985 में कांग्रेस के टिकट पर जयराम वर्मा विधायक बने, तो 1988 में हुए उपचुनाव में लोकदल के टिकट पर फिर से गोपीनाथ वर्मा विधायक चुने गए।
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1989 मेें जनता दल के टिकट पर गोपीनाथ वर्मा विधायक बने, तो 1991 में जनता दल से लड़कर लालजी वर्मा को विधायक बनने का मौका मिला। 1993 में बीएसपी से मसूद अहमद विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद 1996 से लेकर 2007 तक बसपा के टिकट पर लालजी वर्मा तीन बार विधायक चुने गए। वर्ष 2012 में सपा के अजीमुलहक पहलवान निर्वाचित हुए, तो 2017 में भाजपा के टिकट पर संजू देवी विधायक बनीं।

मौजूदा चुनाव में सपा ने यहां से पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा, कांग्रेस ने पूर्व जिलाध्यक्ष मेराजुद्दीन किछौछवी, तो वहीं बसपा ने पहले भी चुनाव लड़ चुके पार्टी नेता मनोज वर्मा को फिर से प्रत्याशी बनाया है। भाजपा की तरफ से मौजूदा विधायक संजू देवी के अलावा कुर्मी वर्ग से जुड़े दो पूर्व जिलाध्यक्ष टिकट के प्रबल दावेदार बने हुए हैं।
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