फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Kisan

किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू ने की महापंचायत, काफी संख्या में लोग पहुंचे

Sat, 03 Oct 2020 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2020 10:42 PM IST
विज्ञापन
Kisan
फोटो 15, अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट पर भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित महापंचायत में मौजूद पदाधिका? - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। लगभग एक पखवारे से किसानों व आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे भाकियू अराजनैतिक कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट के निकट महापंचायत की। जिम्मेदारों पर उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि किसान व आमजन विभिन्न प्रकार की मुश्किलों से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। यह अत्यंत चिंता का विषय है। उपेक्षा के चलते ही महापंचायत करने को मजबूर होना पड़ा। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ, तो इससे भी बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस बीच महापंचायत को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर रखे थे।
विज्ञापन

गौरतलब है कि लगभग एक पखवारे से भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक कार्यकर्ता किसानों व आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। मांगों का निस्तारण न होने से नाराज संगठन ने शनिवार को महापंचायत की। बड़ी संख्या में पहंचे कार्यकर्ताओं को संबंधित करते हुए जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि खाद व बीज के लिए किसान भटक रहा है। मौसम की मार ने धान व गन्ने की फसलों को बर्बाद कर दिया है। छुट्टा पशु खेतों में खड़ी फसल को नष्ट कर रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार जिम्मेदारों से की गई, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।
विज्ञापन

मंडल उपाध्यक्ष चलाकू पाल ने कहा कि जिस किसान बिल को संसद में पारित किया गया है, वह किसानों के हित में कतई नहीं है। यह बिल पूंजीपतियों को लाभ दिलाने के लिए है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। कहा कि जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कई अन्य मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तालाबों पर कब्जा लगातार जारी है। जब जब संगठन धरने पर बैठता है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो इससे भी बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। इस दौरान राकेश कुमार, रामजीत, लालचंद्र, बृजलाल, घनश्याम, सुमित्रा, ममता, रेखा, कंचन, बनारसी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed