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किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू ने की महापंचायत, काफी संख्या में लोग पहुंचे
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फोटो 15, अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट पर भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित महापंचायत में मौजूद पदाधिका?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। लगभग एक पखवारे से किसानों व आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे भाकियू अराजनैतिक कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट के निकट महापंचायत की। जिम्मेदारों पर उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि किसान व आमजन विभिन्न प्रकार की मुश्किलों से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। यह अत्यंत चिंता का विषय है। उपेक्षा के चलते ही महापंचायत करने को मजबूर होना पड़ा। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ, तो इससे भी बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस बीच महापंचायत को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर रखे थे।
गौरतलब है कि लगभग एक पखवारे से भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक कार्यकर्ता किसानों व आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। मांगों का निस्तारण न होने से नाराज संगठन ने शनिवार को महापंचायत की। बड़ी संख्या में पहंचे कार्यकर्ताओं को संबंधित करते हुए जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि खाद व बीज के लिए किसान भटक रहा है। मौसम की मार ने धान व गन्ने की फसलों को बर्बाद कर दिया है। छुट्टा पशु खेतों में खड़ी फसल को नष्ट कर रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार जिम्मेदारों से की गई, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।
मंडल उपाध्यक्ष चलाकू पाल ने कहा कि जिस किसान बिल को संसद में पारित किया गया है, वह किसानों के हित में कतई नहीं है। यह बिल पूंजीपतियों को लाभ दिलाने के लिए है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। कहा कि जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कई अन्य मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तालाबों पर कब्जा लगातार जारी है। जब जब संगठन धरने पर बैठता है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो इससे भी बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। इस दौरान राकेश कुमार, रामजीत, लालचंद्र, बृजलाल, घनश्याम, सुमित्रा, ममता, रेखा, कंचन, बनारसी आदि मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि लगभग एक पखवारे से भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक कार्यकर्ता किसानों व आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। मांगों का निस्तारण न होने से नाराज संगठन ने शनिवार को महापंचायत की। बड़ी संख्या में पहंचे कार्यकर्ताओं को संबंधित करते हुए जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि खाद व बीज के लिए किसान भटक रहा है। मौसम की मार ने धान व गन्ने की फसलों को बर्बाद कर दिया है। छुट्टा पशु खेतों में खड़ी फसल को नष्ट कर रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार जिम्मेदारों से की गई, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।
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मंडल उपाध्यक्ष चलाकू पाल ने कहा कि जिस किसान बिल को संसद में पारित किया गया है, वह किसानों के हित में कतई नहीं है। यह बिल पूंजीपतियों को लाभ दिलाने के लिए है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। कहा कि जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कई अन्य मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तालाबों पर कब्जा लगातार जारी है। जब जब संगठन धरने पर बैठता है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मागों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो इससे भी बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। इस दौरान राकेश कुमार, रामजीत, लालचंद्र, बृजलाल, घनश्याम, सुमित्रा, ममता, रेखा, कंचन, बनारसी आदि मौजूद रहे।
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