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समस्याओं का समाधान न होने से बढ़ रही किसानों में नाराजगी
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अंबेडकरनगर। एनएच 233 से प्रभावित किसानों ने टांडा नगर में बैठककर अपने हक की आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन का रवैया किसानों को लेकर बेहद खराब रहा है। उनकी समस्याओं के निराकरण की बजाए उन्हें परेशान करने का काम किया जा रहा है, लेकिन अब किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है। न्याय नहीं किया गया तो आंदोलन को विवश होंगे।
किसान रामसुरेश ने कहा कि शासन-प्रशासन के चक्कर में किसानों की उम्मीदें पूरी होती नहीं दिख रही हैं। सड़क निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण तो कर लिया गया, लेकिन समुचित मुआवजा दिलाए जाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह है कि आज किसानों को अपने ही हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार किसानों की दशा व दिशा में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाए नहीं तो किसानों का मोह खेती-किसानी से समाप्त हो जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि शासन प्रशासन किसानों के साथ दोहरा मापदंड अपना रहा है। पड़ोसी जिले आजमगढ़ के किसानों को अलग रेट से अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा दिया गया, जबकि जिले के किसानों को उससे कम रेट पर भुगतना किया गया, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। वक्ताओं ने कहा कि जब तक उन्हें उनके भूमि का समुचित मुआवजा नहीं मिल जाता है तब तक वे अपने हक के लिए संघर्ष करते रहेंगे। इस मौके पर सीताराम, अवधेश, रामजीत आदि मौजूद रहे।
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किसान रामसुरेश ने कहा कि शासन-प्रशासन के चक्कर में किसानों की उम्मीदें पूरी होती नहीं दिख रही हैं। सड़क निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण तो कर लिया गया, लेकिन समुचित मुआवजा दिलाए जाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह है कि आज किसानों को अपने ही हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार किसानों की दशा व दिशा में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाए नहीं तो किसानों का मोह खेती-किसानी से समाप्त हो जाएगा।
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वक्ताओं ने कहा कि शासन प्रशासन किसानों के साथ दोहरा मापदंड अपना रहा है। पड़ोसी जिले आजमगढ़ के किसानों को अलग रेट से अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा दिया गया, जबकि जिले के किसानों को उससे कम रेट पर भुगतना किया गया, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। वक्ताओं ने कहा कि जब तक उन्हें उनके भूमि का समुचित मुआवजा नहीं मिल जाता है तब तक वे अपने हक के लिए संघर्ष करते रहेंगे। इस मौके पर सीताराम, अवधेश, रामजीत आदि मौजूद रहे।
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