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निरीक्षण की औपचारिकता निभा चली गई कायाकल्प टीम
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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल निरीक्षण के लिए लखनऊ से आई तीन सदस्यीय काया कल्प टीम सोमवार को महज औपचारिकता निभाकर चली गई। सफाई पर विशेष ध्यान देने व मरीजों का इलाज सुचारु रूप से करने का निर्देश दिया।
सोमवार पूर्वाह्न डॉ. शिवप्रकाश के नेतृत्व में डॉ. अजीत व डॉ. आरएस चौरसिया की टीम जिला अस्पताल पहुंची। अस्पताल परिसर स्थित 100 बेड वाले मातृ शिशु केंद्र के निरीक्षण के साथ ही जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भी जायजा लिया। वार्डों में पहुंचकर टीम के सदस्यों ने मरीजों व उनके तीमारदारों से बातचीत की। इलाज के साथ ही दवा व सफाई के बारे में जानकारी हासिल की। मरीजों व तीमारदारों ने बताया कि न सिर्फ नियमित सफाई होती है बल्कि मरीजों का इलाज भी सुचारु रूप से होता है। टीम ने अस्पताल प्रबंधन को सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
टीम के सदस्य डॉ. शिवप्रकाश ने बताया कि काया कल्प की अलग-अलग टीमें पूरे प्रदेश में सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पताल का जायजा ले रही हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद इसका मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें बेस्ट ऑफ थ्री को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम स्थान पाने वाले अस्पताल को 50 लाख, दूसरा स्थान पाने वाले को 30 लाख जबकि तीसरा स्थान पाने वाले को 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस दौरान सीएमएस डॉ. एसपी गौतम, अस्पताल प्रबंधक डॉ. हर्षित मौजूद रहे। उधर, कुछ तीमारदारों ने कहा कि टीम का निरीक्षण महज औपचारिकता भरा रहा। टीम आने से पहले ही अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्था दुरुस्त कर ली थी। न सिर्फ सफाई कराई गई बल्कि वॉल राइटिंग भी नए सिरे से कराई गई। यदि यही निरीक्षण औचक होता तो अस्पताल में फैली अव्यवस्था दिखाई देती।
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सोमवार पूर्वाह्न डॉ. शिवप्रकाश के नेतृत्व में डॉ. अजीत व डॉ. आरएस चौरसिया की टीम जिला अस्पताल पहुंची। अस्पताल परिसर स्थित 100 बेड वाले मातृ शिशु केंद्र के निरीक्षण के साथ ही जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भी जायजा लिया। वार्डों में पहुंचकर टीम के सदस्यों ने मरीजों व उनके तीमारदारों से बातचीत की। इलाज के साथ ही दवा व सफाई के बारे में जानकारी हासिल की। मरीजों व तीमारदारों ने बताया कि न सिर्फ नियमित सफाई होती है बल्कि मरीजों का इलाज भी सुचारु रूप से होता है। टीम ने अस्पताल प्रबंधन को सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
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टीम के सदस्य डॉ. शिवप्रकाश ने बताया कि काया कल्प की अलग-अलग टीमें पूरे प्रदेश में सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पताल का जायजा ले रही हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद इसका मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें बेस्ट ऑफ थ्री को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम स्थान पाने वाले अस्पताल को 50 लाख, दूसरा स्थान पाने वाले को 30 लाख जबकि तीसरा स्थान पाने वाले को 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस दौरान सीएमएस डॉ. एसपी गौतम, अस्पताल प्रबंधक डॉ. हर्षित मौजूद रहे। उधर, कुछ तीमारदारों ने कहा कि टीम का निरीक्षण महज औपचारिकता भरा रहा। टीम आने से पहले ही अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्था दुरुस्त कर ली थी। न सिर्फ सफाई कराई गई बल्कि वॉल राइटिंग भी नए सिरे से कराई गई। यदि यही निरीक्षण औचक होता तो अस्पताल में फैली अव्यवस्था दिखाई देती।
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