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खुफिया कैमरों से होगी अस्पताल के कामकाज की निगरानी
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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए अब काम काज की सीधी निगरानी खुफिया कैमरों से होगी। निदेशालय स्तर से सीधे ऑन लाइन कनेक्ट रहने वाले सीसीटीवी कैमरों से अधिकारी इमरजेंसी व ओपीडी ड्यूटी में तैनात मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ के कार्यों पर सीधी नजर रखेंगे। इसके लिए निदेशालय स्तर से जिला अस्पताल के ओपीडी व दवा वितरण कक्ष के पास लगे सीसीटीवी कैमरों को निदेशालय से जोड़ने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही परिसर स्थित मातृ शिशु विंग में भी सीसीटीवी कैमरा लगवाने की प्रक्रिया शुरू की गयी है।
अस्पतालों में इलाज के दौरान होेने वाली परेशानियों से मरीजों को बचाने के लिए ऑनलाइन निगरानी की कार्य योजना तैयार की गई। इसी के अनुपालन में अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सभी जिला अस्पतालों को पत्र जारी किया है। इसमें जिला अस्पताल के ओपीडी व दवा वितरण कक्ष पर लगे सीसीटीवी कैमरों को निदेशालय से जोड़ने के लिए निर्देशित किया गया है।
ताकि निदेशालय में बैठे अधिकारी भी सीधे सीसीटीवी कैमरे के जरिए अस्पताल के हालात का मुआयना कर सकें। इसके घेरे में ओपीडी व दवा वितरण कक्ष की निगरानी में लगे सीसीटीवी कैमरे होगी। इससे न सिर्फ चिकित्सकों की लेटलतीफी पकड़ी जा सकेगी बल्कि दवा वितरण में होने वाली कर्मचारियों की मनमानी पर भी लगाम कसेगी। भरोसा जताया जा रहा है कि इससे अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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जिला अस्पताल में पहले से ही ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी वार्ड आदि की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं। अब इन्हें ऑनलाइन निदेशालय से जोड़ने की कवायद शुरू की गयी है। साथ ही परिसर स्थित मातृ शिशु विंग को भी सीसीटीवी युक्त बनाने का कार्य शुरू कराया गया है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि निदेशालय स्तर से जिला अस्पताल व मातृ शिशु विंग के सीसीटीवी कैमरों को ऑनलाइन जोड़ने के लिए कोड भेज दिया गया है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल व मातृ शिशु विंग के सीसीटीवी कैमरों को निदेशालय से कनेक्ट किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए अस्पतालों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। सभी सीएचसी व पीएचसी में चिकित्सकों के ड्यूटी चार्ट को चस्पा करने का भी निर्देश दिया गया है।
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अस्पतालों में इलाज के दौरान होेने वाली परेशानियों से मरीजों को बचाने के लिए ऑनलाइन निगरानी की कार्य योजना तैयार की गई। इसी के अनुपालन में अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सभी जिला अस्पतालों को पत्र जारी किया है। इसमें जिला अस्पताल के ओपीडी व दवा वितरण कक्ष पर लगे सीसीटीवी कैमरों को निदेशालय से जोड़ने के लिए निर्देशित किया गया है।
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ताकि निदेशालय में बैठे अधिकारी भी सीधे सीसीटीवी कैमरे के जरिए अस्पताल के हालात का मुआयना कर सकें। इसके घेरे में ओपीडी व दवा वितरण कक्ष की निगरानी में लगे सीसीटीवी कैमरे होगी। इससे न सिर्फ चिकित्सकों की लेटलतीफी पकड़ी जा सकेगी बल्कि दवा वितरण में होने वाली कर्मचारियों की मनमानी पर भी लगाम कसेगी। भरोसा जताया जा रहा है कि इससे अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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जिला अस्पताल में पहले से ही ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी वार्ड आदि की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं। अब इन्हें ऑनलाइन निदेशालय से जोड़ने की कवायद शुरू की गयी है। साथ ही परिसर स्थित मातृ शिशु विंग को भी सीसीटीवी युक्त बनाने का कार्य शुरू कराया गया है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि निदेशालय स्तर से जिला अस्पताल व मातृ शिशु विंग के सीसीटीवी कैमरों को ऑनलाइन जोड़ने के लिए कोड भेज दिया गया है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल व मातृ शिशु विंग के सीसीटीवी कैमरों को निदेशालय से कनेक्ट किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए अस्पतालों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। सभी सीएचसी व पीएचसी में चिकित्सकों के ड्यूटी चार्ट को चस्पा करने का भी निर्देश दिया गया है।