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Ambedkar Nagar News: होमगार्ड की मौत के मामले में बीमा कंपनी देगी पांच लाख
Tue, 06 Oct 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:07 PM IST
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अंबेडकरनगर। ड्यूटी के दौरान बिजली गिरने से होमगार्ड माकांत चौबे की मौत हो गई थी। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मामले में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को पांच लाख रुपये की बीमा राशि छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज समेत देने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को 45 दिन के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। परिवादी को 10 हजार रुपये मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने को कहा है।
आयोग के अनुसार, रमाकांत चौबे पंजीकृत होमगार्ड जवान थे। 16 जुलाई 2015 को जिलाधिकारी कार्यालय में ड्यूटी के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई थी। उनका दुर्घटना सुरक्षा बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये का बीमा था। बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया था कि घटना के समय रमाकांत ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। कंपनी ने यह भी दलील दी थी कि पोस्टमार्टम और पुलिस रिपोर्ट में आकाशीय बिजली से मौत होने की बात स्पष्ट नहीं है।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष दयाराम (एचजेएस) और सदस्य किरण ने पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जिला चिकित्सालय का मेमो, जुलाई 2015 का होमगार्ड ड्यूटी चार्ट और साक्षियों के बयानों का अवलोकन किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने माना कि रमाकांत की मौत ड्यूटी के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से हुई थी। बीमा कंपनी की ओर से क्लेम खारिज किए जाने को आयोग ने सेवा में कमी माना।
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परिवादी अमर कुमार चौबे मृतक के पुत्र हैं। मृतक की पत्नी और नामांकित विद्यावती की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। आयोग ने जिला कमांडेंट होमगार्ड्स के खिलाफ परिवाद खारिज कर दिया, जबकि बीमा कंपनी के खिलाफ परिवाद स्वीकार करते हुए भुगतान का आदेश दिया।
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आयोग के अनुसार, रमाकांत चौबे पंजीकृत होमगार्ड जवान थे। 16 जुलाई 2015 को जिलाधिकारी कार्यालय में ड्यूटी के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई थी। उनका दुर्घटना सुरक्षा बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये का बीमा था। बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया था कि घटना के समय रमाकांत ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। कंपनी ने यह भी दलील दी थी कि पोस्टमार्टम और पुलिस रिपोर्ट में आकाशीय बिजली से मौत होने की बात स्पष्ट नहीं है।
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मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष दयाराम (एचजेएस) और सदस्य किरण ने पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जिला चिकित्सालय का मेमो, जुलाई 2015 का होमगार्ड ड्यूटी चार्ट और साक्षियों के बयानों का अवलोकन किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने माना कि रमाकांत की मौत ड्यूटी के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से हुई थी। बीमा कंपनी की ओर से क्लेम खारिज किए जाने को आयोग ने सेवा में कमी माना।
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परिवादी अमर कुमार चौबे मृतक के पुत्र हैं। मृतक की पत्नी और नामांकित विद्यावती की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। आयोग ने जिला कमांडेंट होमगार्ड्स के खिलाफ परिवाद खारिज कर दिया, जबकि बीमा कंपनी के खिलाफ परिवाद स्वीकार करते हुए भुगतान का आदेश दिया।