{"_id":"60b85b62858dddb6c97b7a17c0510310","slug":"insurance-company-directed-to-pay-rs-4-50-lakh-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीमा कंपनी को 4.50 लाख रुपये भुगतान करने का निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीमा कंपनी को 4.50 लाख रुपये भुगतान करने का निर्देश
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 07 Feb 2016 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला उपभोक्ता फोरम ने वाहन दुुर्घटना के एक मामले में बीमा कंपनी की दलील खारिज करते हुए पीड़ित पक्ष को लगभग साढ़े 4 लाख रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया है। बीमा कंपनी का कहना था कि दुर्घटनाग्रस्त कार में 6 सवारियां बैठी थी। इसलिए बीमा का लाभ नहीं दिया जा सकता। घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 3 वर्ष की एक बच्ची जाह्नवी बच गयी थी। कोर्ट ने जाह्नवी को अलग से सवारी न मानते हुए भुगतान के निर्देश दिए। कहा कि यदि एक माह के अंदर यह रकम न अदा की गई तो कंपनी को 12 प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से भुगतान करना पड़ेगा।
भीटी थानाक्षेत्र के चंदापुर रामबाबा गांव निवासी ओेंकारनाथ तिवारी ने गत 22 जनवरी 2013 को न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में एक मुकदमा दायर किया। बताया कि उन्होंने बीते दिनों एक कार खरीदी थी, जिसका नेशनल इंश्योरेंश कंपनी से बीमा था। इसकी संपूर्ण बीमित धनराशि 4 लाख 58 हजार 623 रुपए है। 13 अक्टूबर 2011 को उसके परिवार के सदस्य कहीं जा रहे थे। इसी बीच दुर्घटना हो गई, जिसमें जाह्नवी 3 वर्ष को छोड़ अन्य पांच परिवारीजनों की मौत हो गई।
घटना से वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बीमा कंपनी से बीमित धनराशि की मांग की गई, तो वह हीलाहवाली कर रही है। परिवादी के अधिकवक्ता संतोष विश्वकर्मा ने बताया कि वाहन मालिक ने मुकदमे में नेशनल इंश्योरेंश कंपनी गोलघाट सिविल लाइंस सुल्तानपुर शाखा प्रबंधक व फैजाबाद के शाखा प्रबंधक को अपना वादी बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भीटी थानाक्षेत्र के चंदापुर रामबाबा गांव निवासी ओेंकारनाथ तिवारी ने गत 22 जनवरी 2013 को न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में एक मुकदमा दायर किया। बताया कि उन्होंने बीते दिनों एक कार खरीदी थी, जिसका नेशनल इंश्योरेंश कंपनी से बीमा था। इसकी संपूर्ण बीमित धनराशि 4 लाख 58 हजार 623 रुपए है। 13 अक्टूबर 2011 को उसके परिवार के सदस्य कहीं जा रहे थे। इसी बीच दुर्घटना हो गई, जिसमें जाह्नवी 3 वर्ष को छोड़ अन्य पांच परिवारीजनों की मौत हो गई।
विज्ञापन
घटना से वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बीमा कंपनी से बीमित धनराशि की मांग की गई, तो वह हीलाहवाली कर रही है। परिवादी के अधिकवक्ता संतोष विश्वकर्मा ने बताया कि वाहन मालिक ने मुकदमे में नेशनल इंश्योरेंश कंपनी गोलघाट सिविल लाइंस सुल्तानपुर शाखा प्रबंधक व फैजाबाद के शाखा प्रबंधक को अपना वादी बनाया।
विज्ञापन