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सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम से बेअसर रहा भारत बंद
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अंबेडकरनगर के बीएनकेबी पीजी कॉलेज परिसर में युवाओं को समझाते एएसपी संजय राय।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। अग्निपथ योजना के विरोध में सोमवार को विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा घोषित भारत बंद जिले में बेअसर साबित रहा। बंद का कोई भी असर किसी भी स्थान पर दिखायी नहीं पड़ा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद रही। शहर के सभी प्रमुख बाजार व प्रतिष्ठान खुले रहे। यहां दिन भर खरीददारों की चहल पहल भी रही। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए रेलवे व बस स्टेशन सहित बाजारों में अफसरों की अगुवाई में पुलिस फोर्स तैनात रही। कड़ी सुरक्षा के चलते ही बंद के दौरान कहीं से भी धरना प्रदर्शन व हंगामे की कोई खबर सामने नहीं आई।
बंद को देखते हुए अकबरपुर डिपो की सभी 56 बसों का संचालन रोक दिया गया, तो वहीं बस स्टेशन व रेलवे स्टेशन के साथ ही सार्वजनिक स्थल भी पूरी तरह से छावनी में तब्दील रहे। शहर के संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन के माध्यम से हुई। इस दौरान पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी पुलिस फोर्स के साथ लगातार इलाकों में भ्रमणशील रहे। हालांकि बसों का संचालन न होने से गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा जबकि कई प्रमुख ट्रेनों के निरस्त हाने के कारण स्टेशन पर भी आरक्षित टिकट निरस्त कराने वालों की भीड़ जुटी रही।
बंद को बेअसर साबित करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को निगरानी में जुटी टीमों ने किसी भी स्थान पर युवाओं की भीड़ को जुटने नही दिया। इस दौरान अकबरपुर अयोध्या मार्ग स्थित राजकीय उद्यान पार्क में युवाओं के एकत्रित होने की सूचना के बाद एसडीएम की अगुवाई में पहुंची पुलिस फोर्स ने युवाओं को समझा बुझा कर वापस घरों को भेजा।
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सड़क पर नहीं उतरीं बसें
भारत बंद को देखते हुए अकबरपुर बस स्टेशन में मौजूद 56 बसें सोमवार को सड़क पर नहीं उतरीं। सोमवार सुबह से ही बसों को जहां तहां खड़ा कर दिया गया। अग्रिम आदेश तक बसों के संचालन पर रोक लगने का नतीजा रहा कि गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आजमगढ़ जाने के लिए बस के लिए इधर उधर भटक रहे अरविंद सिंह व सुनील ने कहा कि यदि उन्हें पता होता कि सरकारी बसों का संचालन नहीं होगा, तो फिर किसी और दिन वहां जाने का कार्यक्रम बनाते। परिवार के साथ लखनऊ जाने के लिए वाहन के लिए भटक रहे शहजादपुर के आलम ने कहा कि एक तो ट्रेनों का संचालन कम हो रहा, तो दूसरी तरफ बसें भी नहीं चलीं। अकबरपुर बस स्टेशन के प्रभारी एसएन मिश्र ने बताया कि आला अफसरों के निर्देशानुसार सुबह से ही बसों को अकबरपुर व टांडा बस स्टेशन परिसर के अलावा नेवतरिया पुल के निकट खड़ा कर दिया गया। एक भी बस का संचालन नहीं हुआ।
डेढ़ सौ टिकट हुए निरस्त
ज्यादातर ट्रेनों के रद्द होने से ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना सोमवार को यात्रियों को करना पड़ा। अग्रिपथ विरोध को देखते हुए फरक्का अप डाउन एक्सप्रेस, देहरादून अप डाउन एक्सप्रेस, मालदा डाउन अप एक्सप्रेस, साबरमती अप डाउन एक्सप्रेस व पटना इंदौर अप डाउन एक्सप्रेस के निरस्त होने से संबंधित ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अकबरपुर रेलवे स्टेशन अधीक्षक जयप्रकाश ने बताया कि रविवार को जहां लगभग 200 आरक्षित टिकट निरस्त हुए थे, तो वहीं सोमवार को डेढ़ सौ टिकट यात्रियों द्वारा निरस्त कराए गए।
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बंद को देखते हुए अकबरपुर डिपो की सभी 56 बसों का संचालन रोक दिया गया, तो वहीं बस स्टेशन व रेलवे स्टेशन के साथ ही सार्वजनिक स्थल भी पूरी तरह से छावनी में तब्दील रहे। शहर के संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन के माध्यम से हुई। इस दौरान पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी पुलिस फोर्स के साथ लगातार इलाकों में भ्रमणशील रहे। हालांकि बसों का संचालन न होने से गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा जबकि कई प्रमुख ट्रेनों के निरस्त हाने के कारण स्टेशन पर भी आरक्षित टिकट निरस्त कराने वालों की भीड़ जुटी रही।
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बंद को बेअसर साबित करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को निगरानी में जुटी टीमों ने किसी भी स्थान पर युवाओं की भीड़ को जुटने नही दिया। इस दौरान अकबरपुर अयोध्या मार्ग स्थित राजकीय उद्यान पार्क में युवाओं के एकत्रित होने की सूचना के बाद एसडीएम की अगुवाई में पहुंची पुलिस फोर्स ने युवाओं को समझा बुझा कर वापस घरों को भेजा।
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सड़क पर नहीं उतरीं बसें
भारत बंद को देखते हुए अकबरपुर बस स्टेशन में मौजूद 56 बसें सोमवार को सड़क पर नहीं उतरीं। सोमवार सुबह से ही बसों को जहां तहां खड़ा कर दिया गया। अग्रिम आदेश तक बसों के संचालन पर रोक लगने का नतीजा रहा कि गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आजमगढ़ जाने के लिए बस के लिए इधर उधर भटक रहे अरविंद सिंह व सुनील ने कहा कि यदि उन्हें पता होता कि सरकारी बसों का संचालन नहीं होगा, तो फिर किसी और दिन वहां जाने का कार्यक्रम बनाते। परिवार के साथ लखनऊ जाने के लिए वाहन के लिए भटक रहे शहजादपुर के आलम ने कहा कि एक तो ट्रेनों का संचालन कम हो रहा, तो दूसरी तरफ बसें भी नहीं चलीं। अकबरपुर बस स्टेशन के प्रभारी एसएन मिश्र ने बताया कि आला अफसरों के निर्देशानुसार सुबह से ही बसों को अकबरपुर व टांडा बस स्टेशन परिसर के अलावा नेवतरिया पुल के निकट खड़ा कर दिया गया। एक भी बस का संचालन नहीं हुआ।
डेढ़ सौ टिकट हुए निरस्त
ज्यादातर ट्रेनों के रद्द होने से ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना सोमवार को यात्रियों को करना पड़ा। अग्रिपथ विरोध को देखते हुए फरक्का अप डाउन एक्सप्रेस, देहरादून अप डाउन एक्सप्रेस, मालदा डाउन अप एक्सप्रेस, साबरमती अप डाउन एक्सप्रेस व पटना इंदौर अप डाउन एक्सप्रेस के निरस्त होने से संबंधित ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अकबरपुर रेलवे स्टेशन अधीक्षक जयप्रकाश ने बताया कि रविवार को जहां लगभग 200 आरक्षित टिकट निरस्त हुए थे, तो वहीं सोमवार को डेढ़ सौ टिकट यात्रियों द्वारा निरस्त कराए गए।