{"_id":"5f89d4688ebc3e9bae32bc87","slug":"hospital-ambedkar-nagar-news-lko545614499","type":"story","status":"publish","title_hn":"दर्द से कराहते रहे मरीज, कक्ष में चाय की चुस्कियां लेते रहे चिकित्सक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दर्द से कराहते रहे मरीज, कक्ष में चाय की चुस्कियां लेते रहे चिकित्सक
विज्ञापन
फोटो-16, अंबेडकरनगर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में चिकित्सक का इंतजार करते मरीज।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में शुक्रवार को मरीजों के इलाज को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई। मरीज दर्द से कराहते रहे, लेकिन चिकित्सक दरवाजा बंद आराम फरमाते रहे। मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने जब इस पर कड़ी नाराजगी जताई तो इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने इलाज शुरू किया। तीमारदारों ने लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए कदम उठाने की मांग भी की है।
जिला अस्पताल में समय पर मरीजों के इलाज को लेकर अक्सर चिकित्सकों की लापरवाही सामने आती रहती है। विलंब से अस्पताल आने व समय से पहले ही अस्पताल छोड़ देने की आदत चिकित्सकों की तमाम निर्देशों के बावजूद दूर नहीं हो पा रही है। मरीजों के इलाज को लेकर जिला अस्पताल के चिकित्सक कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार सुबह छह से अधिक मरीज इमरजेंसी में इलाज के अभाव में दर्द से कराहते रहे, लेकिन उस समय इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अजीत भारती कमरे का दरवाजा बंद कर चाय की चुस्कियां लेने में मशगूल रहे। इस पर तीमारदारों ने नाराजगी जतानी शुरू की तो करीब आधे घंटे बाद चिकित्सक ने मरीजों का इलाज शुरू किया।
बताते चलें कि अकबरपुर कोतवाली अन्तर्गत उकरा निवासी सुखमती सर्पदंश का शिकार हो गई थी। शुक्रवार सुबह उसे लेकर हिमांशु, गंगाराम, रितांशु जिला अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि जब वे मरीज को लेकर इमरजेंसी पहुंचे तो चिकित्सक फौरन इलाज करने के बजाए अपने कक्ष में चले गए और दरवाजा बंद कर चाय पीने लगे। लगभग 25 मिनट बाद वह कक्ष से बाहर निकले। इस दौरान सुखमती दर्द से कराहती रही। तीमारदारों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इस दौरान मरीज को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
विज्ञापन
इसी प्रकार खजूरडीह के गौरव, हैदरगंज कौड़ाराघवपुर निवासी राधेलाल, लोरपुर निवासी शंभूनाथ, टांडा निवासी अर्पित भी इलाज के लिए पहुंचे थे। उनका भी आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक कमरे से बाहर नहीं निकले। जब उनके साथ आए तीमारदारों में आक्रोश फैलने लगा तो करीब आधे घंटे बाद इलाज सुनिश्चित किया जा सका। उधर, चिकित्सक डॉ. अजीत भारती ने आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि उन्होंने समय पर ठीक ढंग से मरीजों का इलाज किया। उनका कहना है कि इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान वह चिकित्सक कक्ष में मौजूद थे। उधर, सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में समय पर मरीजों के इलाज को लेकर अक्सर चिकित्सकों की लापरवाही सामने आती रहती है। विलंब से अस्पताल आने व समय से पहले ही अस्पताल छोड़ देने की आदत चिकित्सकों की तमाम निर्देशों के बावजूद दूर नहीं हो पा रही है। मरीजों के इलाज को लेकर जिला अस्पताल के चिकित्सक कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार सुबह छह से अधिक मरीज इमरजेंसी में इलाज के अभाव में दर्द से कराहते रहे, लेकिन उस समय इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अजीत भारती कमरे का दरवाजा बंद कर चाय की चुस्कियां लेने में मशगूल रहे। इस पर तीमारदारों ने नाराजगी जतानी शुरू की तो करीब आधे घंटे बाद चिकित्सक ने मरीजों का इलाज शुरू किया।
विज्ञापन
बताते चलें कि अकबरपुर कोतवाली अन्तर्गत उकरा निवासी सुखमती सर्पदंश का शिकार हो गई थी। शुक्रवार सुबह उसे लेकर हिमांशु, गंगाराम, रितांशु जिला अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि जब वे मरीज को लेकर इमरजेंसी पहुंचे तो चिकित्सक फौरन इलाज करने के बजाए अपने कक्ष में चले गए और दरवाजा बंद कर चाय पीने लगे। लगभग 25 मिनट बाद वह कक्ष से बाहर निकले। इस दौरान सुखमती दर्द से कराहती रही। तीमारदारों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इस दौरान मरीज को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
विज्ञापन
इसी प्रकार खजूरडीह के गौरव, हैदरगंज कौड़ाराघवपुर निवासी राधेलाल, लोरपुर निवासी शंभूनाथ, टांडा निवासी अर्पित भी इलाज के लिए पहुंचे थे। उनका भी आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक कमरे से बाहर नहीं निकले। जब उनके साथ आए तीमारदारों में आक्रोश फैलने लगा तो करीब आधे घंटे बाद इलाज सुनिश्चित किया जा सका। उधर, चिकित्सक डॉ. अजीत भारती ने आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि उन्होंने समय पर ठीक ढंग से मरीजों का इलाज किया। उनका कहना है कि इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान वह चिकित्सक कक्ष में मौजूद थे। उधर, सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी।