आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला का इलाज ठप, बैंक भेज रहा नोटिस

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Wed, 21 Oct 2020 10:57 PM IST
विज्ञापन
फोटो 09 मुरारी देवी
फोटो 09 मुरारी देवी - फोटो : AMBEDKAR NAGAR

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
राजेसुल्तानपुर। आर्थिक तंगी के बीच बीमारी से जूझ रही महिला की मदद को कोई आगे नहीं आ रहा। इससे महिला का इलाज हो पाना संभव नहीं हो पा रहा। हालांकि महिला के परिजनों ने सामर्थ्य के अनुसार इलाज कराया, लेकिन आर्थिक स्थिति दयनीय होने तथा आगामी माह में बेटी की शादी होने के चलते महिला ने मजबूरन इलाज बंद करवा दिया।
विज्ञापन

वहीं महिला के इलाज के लिए बैंक से पूर्व में लिए गए कर्ज की भरपाई समय से न होने के चलते बैंक से नोटिस भी जारी हो गया है। महिला का कहना है कि सरकार द्वारा संचालित तमाम स्वास्थ्य योजनाएं उनके लिए छलावा साबित हो रहीं। कहीं से मदद की आस न जगते देख महिला ने मुख्यमंत्री समेत सोशल मीडिया के माध्यम से मदद की गुहार लगाई है।
राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र अन्तर्गत फरीदपुर हेठरिया गांव निवासिनी मुरारी देवी गृहणी हैं। पति लालजी पाल परिवार के पालन पोषण के लिए शहर में रहकर निजी नौकरी करते हैं। हालांकि बीते दिनों कोरोना संक्रमण के बीच हुए लॉकडाउन के बाद से लालजी घर पर ही रह रहे हैं। महिला की तीन पुत्री व एक पुत्र हैं, जो पढ़ते हैं। समस्या यह है कि बीते दिनों मुरारी देवी की तबीयत खराब हो जाने के चलते उन्हें लखनऊ पीजीआई में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां से उनका इलाज अभी तक चल रहा था, लेकिन आर्थिक तंगी तथा अप्रैल माह में होने वाली बेटी की शादी के लिए कुछ पैसा इक्ट्ठा हो सके, इसके लिए महिला ने खुद को इलाज से अलग कर लिया है। मौजूदा समय में महिला का इलाज बंद है।
और तो और इस बीच एक नई समस्या तब आ गई, जब बैंक से पूर्व में इलाज के लिए गए कर्ज की अदायगी समय से न होने के चलते बैंक ने नोटिस जारी कर दिया। नोटिस मिलते ही परिजनों में घोर निराशा छा गई। महिला का कहना है कि इलाज के लिए उनके पास पैसा नहीं है। सरकार गरीबों के इलाज के लिए तमाम स्वास्थ्य योजनाएं तो चला रही है, लेकिन उनके लिए यह महज छलावा बनकर रह गया है। दूसरी तरफ आर्थिक तंगी के चलते परिवार का पालन पोषण भी संभव नहीं हो पा रहा। महिला का कहना है कि राशन कार्ड में उनके सभी परिवार के सदस्यों का नाम भी दर्ज नहीं किया गया, नहीं तो सभी को राशन मिलता। उनकी इस समस्या को जनप्रतिनिधियों द्वारा भी नजरअंदाज किया जा रहा है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X