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Ambedkar Nagar News: संयुक्त परिवार से मिलते अच्छे संस्कार
Mon, 19 Jun 2023 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 19 Jun 2023 11:05 PM IST
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गायत्री मंदिर परिसर में पारिवारिक गोष्ठी में मौजूद लोग।
अंबेडकरनगर। अकबरपुर के पुराने तहसील तिराहे के निकट स्थित गायत्री मंदिर परिसर में सोमवार को पारिवारिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में हुई गोष्ठी में लोगों को गृहस्थ आश्रम जीवन के बारे में विस्तार से समझाया गया।
मुख्य वक्ता आशीष कुमार ने लोगों को संयुक्त परिवार के बारे में बताया। कहा कि संयुक्त परिवार हमारी भारतीय परंपरा में समाहित है। संयुक्त परिवार से ही हमें अच्छे संस्कार व एक दूसरे की देखभाल की बेहतर जानकारी मिलती है। हम परिवार के साथ रहेंगे तो बुरी संगत में जाने से बचेंगे। उन्होंने माता-पिता को बताया कि उम्र के पड़ाव के साथ अपने बच्चों के साथ अपने व्यवहार में बदलाव करें। उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय व्यतीत करने का प्रयास करें।
उन्होंने माता-पिता, भाई, बहन व अन्य परिवारीजनों के साथ मधुर संबंध रखने की सलाह दी। कहा कि इससे परिवार का माहौल बेहतर रहेगा। लोगों को अध्यात्म से जुड़ने की भी सलाह दी। कहा कि हम जब अध्यात्म से जुड़ते हैं तो हमारी विचाराधारा सकारात्मक होती है। इससे उसके परिणाम भी अच्छे होते हैं। हमें सुखमय जीवन के लिए अपनी दिनचर्या से कुछ समय स्वयं के लिए निकालना चाहिए। इस मौके पर मंदिर के पुजारी विद्यासागर पांडेय, केपी द्विवेदी, श्रवण सिंह, बृजेश शुक्ल, वीरेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता आशीष कुमार ने लोगों को संयुक्त परिवार के बारे में बताया। कहा कि संयुक्त परिवार हमारी भारतीय परंपरा में समाहित है। संयुक्त परिवार से ही हमें अच्छे संस्कार व एक दूसरे की देखभाल की बेहतर जानकारी मिलती है। हम परिवार के साथ रहेंगे तो बुरी संगत में जाने से बचेंगे। उन्होंने माता-पिता को बताया कि उम्र के पड़ाव के साथ अपने बच्चों के साथ अपने व्यवहार में बदलाव करें। उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय व्यतीत करने का प्रयास करें।
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उन्होंने माता-पिता, भाई, बहन व अन्य परिवारीजनों के साथ मधुर संबंध रखने की सलाह दी। कहा कि इससे परिवार का माहौल बेहतर रहेगा। लोगों को अध्यात्म से जुड़ने की भी सलाह दी। कहा कि हम जब अध्यात्म से जुड़ते हैं तो हमारी विचाराधारा सकारात्मक होती है। इससे उसके परिणाम भी अच्छे होते हैं। हमें सुखमय जीवन के लिए अपनी दिनचर्या से कुछ समय स्वयं के लिए निकालना चाहिए। इस मौके पर मंदिर के पुजारी विद्यासागर पांडेय, केपी द्विवेदी, श्रवण सिंह, बृजेश शुक्ल, वीरेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।
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