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Ambedkar Nagar News: खेत-सड़कों पर लगा जमावड़ा, कागजों में सारे पशु संरक्षित

Wed, 05 Apr 2023 11:43 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Apr 2023 11:43 PM IST
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Gathering on farm-roads, all animals protected in papers
अंबेडकरनगर। जिले के शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में भले ही छुट्टा पशु घूम रहे हों लेकिन पशुपालन विभाग के आंकड़े सुखद तस्वीर पेश कर रहे हैं। उनके आंकड़ों की मानें तो कोई भी निराश्रित पशु अब बाहर नहीं है। विभाग के अनुसार कुल 7028 पशु शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में स्थित 28 गोआश्रय स्थलों व आम लोगों की देखरेख में रखे गए हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पशुओं के छुट्टा घूमने को लेकर सख्ती की है। उनका कहना है कि एक भी संरक्षित पशु बाहर न रहने पाएं। मुख्यमंत्री की सख्ती व चिंता यूं ही नहीं है। जिले में भी बड़ी तादाद में छुट्टा पशु अभी भी सड़कों से लेकर खेतों तक आम लोगों व किसानों की मुश्किल बने हुए हैं। आए दिन लोग ऐसे पशुओं को पकड़ने को लेकर आवाज उठाते रहते हैं। इन सबके बीच पशुपालन विभाग इन सब चिंताओं से जैसे बेखबर है।
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विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार कुल निराश्रित गोवंश 7019 थे। इससे भी अधिक 7028 पशुओं को संरक्षित कर दिया गया है। अस्थायी गोआश्रय स्थल में 3817, स्थायी स्थल में 1177, नगरीय स्थलों पर 104 तथा जिला पंचायत के गोआश्रय स्थलों पर 55 पशु संरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा सहभागिता योजना के तहत आमलोगों को बेहतर देखभाल के लिए 1875 पशु दे दिए गए हैं।
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28 स्थलों पर संरक्षित हैं पशु
जिले के 19 स्थानों पर अस्थायी गोआश्रय स्थल हैं जबकि चाचिकपुर भीटी में जिला पंचायत का एक स्थायी गोआश्रय स्थल है। चार वृहद गोआश्रय स्थल ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। चार गोआश्रय स्थल शहरी क्षेत्रों में हैं। इन सभी में ही सात हजार से अधिक पशुओं को रखा गया है।

ग्रामीणों ने ब्लाॅक में कैद किया था पशु
छुट्टा पशुओं द्वारा नुकसान किए जाने से नाराज होकर बीते दिनों ही नाराज ग्रामीणों ने ऐसे पशुओं को रामनगर ब्लाॅक परिसर में कैद कर दिया था। वहां प्रशासन से छुट्टा पशुओं को पकड़े जाने की मांग की जा रही थी लेकिन ध्यान न दिए जाने से उनका धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पशुओं को पकड़कर ब्लाॅक परिसर में बंद कर दिया। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने ऐसे पशुओं को गोआश्रय स्थल में पहुंचाया। इससे पहले भीटी व कटेहरी समेत जलालपुर में भी नाराज ग्रामीणों ने पशुओं को अलग-अलग स्थानों पर कैद किया था।


सभी संरक्षित पशु भेजे जाएंगे आश्रयस्थल
सभी संरक्षित पशुओं को गोआश्रय स्थल भेजने में तेजी के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा कोई भी पशु बाहर नहीं रहने पाएगा। इसके लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। - डाॅ. सदानंद गुप्ता, एडीएम
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