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बारिश से खिल उठे किसानों के चेहरे
अंबेडकरनगर
Updated Tue, 06 Sep 2016 10:29 PM IST
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अंबेडकरनगर में मंगलवार को सायं घंटेभर हुई मूसलधार बारिश से इस तरह हुआ सड़कों पर जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार सायं हुई तेज बारिश खेतों में सिंचाई के अभाव में सूख रही धान की फसल के लिए संजीवनी साबित हुई। इससे चिंतित किसानों के चेहरे भी खिल उठे। सिंचाई की उधेड़बुन में लगे किसानों ने राहत की सांस ली।
लंबे समय से तेज बारिश न होने के चलते धान की फसलों पर प्रतिकूल असर की आशंकाएं बढ़ने लगी थी। किसान इससे खासे परेशान थे। बारिश ने एक तरफ जहां किसानों को भारी राहत दी, वहीं शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में आवागमन व जल निकासी का संकट भी पैदा कर दिया। इससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बताते चलें कि जिले में लंबे समय से तेज बारिश नहीं हुई थी। अगस्त में तो सामान्य से काफी कम बारिश हुई थी, इससे किसानों के बीच हाहाकार स्थिति उत्पन्न हो गई थी। तेज बारिश न होने से किसानों के समक्ष धान फसल की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था।
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कई क्षेत्रों में किसानों ने फसलों की सिंचाई भी शुरू कर दी थी, तो कुछ क्षेत्रों में किसान फसलों की सिंचाई के उधेड़बुन में फंसे थे। बदहाल विद्युत आपूर्ति व माइनरों के टेल तक पानी न पहुंचने के चलते लगभग पूरे जिले में सिंचाई का जबरदस्त संकट खड़ा हो गया था।
बीते दिनों बारिश हुई भी तो वह कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रह गई। इससे इसका कोई खास लाभ किसानों को नहीं पहुंचा था। लगातार हो रही तेज धूप व उमस के बीच इन दिनों सिंचाई के अभाव में धान की फसलों पर प्रतिकूल असर भी दिखाई पड़ने लगा था।
इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी खिंचने लगी थी। किसान इस बात को लेकर खासे परेशान थे कि आखिर अभी से सिंचाई करके धान की पैदावार कर पाना संभव नहीं हैं। यदि बारिश ने साथ नहीं दिया तो धान का बेहतर उत्पादन कर पाना मुश्किल है।
मंगलवार दोपहर बाद अचानक बादल उमड़ने घुमड़ने लगे। इससे एक तरफ जहां लोगों को तेज धूप व उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ किसानों की उम्मीदें बारिश को लेकर प्रबल हुई। शाम होते-होते मौसम बारिश के अनुकूल हो गया और जिला मुख्यालय समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश शुरू हो गई।
जिले के लगभग सभी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश से जहां खेतों में मुरझा रही धान की फसल को संजीवनी मिल गई, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे। लगभग एक घंटे हुई तेज बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली।
किसानों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी साबित हुई है। इससे फसलों को व्यापक लाभ पहुंचा है। दूसरी तरफ तेज बारिश ने शहर से लेकर गांव तक आवागमन प्रभावित कर दिया। इससे लोगों को आवागमन में भी खासी मुश्किल हुई।
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लंबे समय से तेज बारिश न होने के चलते धान की फसलों पर प्रतिकूल असर की आशंकाएं बढ़ने लगी थी। किसान इससे खासे परेशान थे। बारिश ने एक तरफ जहां किसानों को भारी राहत दी, वहीं शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में आवागमन व जल निकासी का संकट भी पैदा कर दिया। इससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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बताते चलें कि जिले में लंबे समय से तेज बारिश नहीं हुई थी। अगस्त में तो सामान्य से काफी कम बारिश हुई थी, इससे किसानों के बीच हाहाकार स्थिति उत्पन्न हो गई थी। तेज बारिश न होने से किसानों के समक्ष धान फसल की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था।
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कई क्षेत्रों में किसानों ने फसलों की सिंचाई भी शुरू कर दी थी, तो कुछ क्षेत्रों में किसान फसलों की सिंचाई के उधेड़बुन में फंसे थे। बदहाल विद्युत आपूर्ति व माइनरों के टेल तक पानी न पहुंचने के चलते लगभग पूरे जिले में सिंचाई का जबरदस्त संकट खड़ा हो गया था।
बीते दिनों बारिश हुई भी तो वह कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रह गई। इससे इसका कोई खास लाभ किसानों को नहीं पहुंचा था। लगातार हो रही तेज धूप व उमस के बीच इन दिनों सिंचाई के अभाव में धान की फसलों पर प्रतिकूल असर भी दिखाई पड़ने लगा था।
इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी खिंचने लगी थी। किसान इस बात को लेकर खासे परेशान थे कि आखिर अभी से सिंचाई करके धान की पैदावार कर पाना संभव नहीं हैं। यदि बारिश ने साथ नहीं दिया तो धान का बेहतर उत्पादन कर पाना मुश्किल है।
मंगलवार दोपहर बाद अचानक बादल उमड़ने घुमड़ने लगे। इससे एक तरफ जहां लोगों को तेज धूप व उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ किसानों की उम्मीदें बारिश को लेकर प्रबल हुई। शाम होते-होते मौसम बारिश के अनुकूल हो गया और जिला मुख्यालय समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश शुरू हो गई।
जिले के लगभग सभी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश से जहां खेतों में मुरझा रही धान की फसल को संजीवनी मिल गई, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे। लगभग एक घंटे हुई तेज बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली।
किसानों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी साबित हुई है। इससे फसलों को व्यापक लाभ पहुंचा है। दूसरी तरफ तेज बारिश ने शहर से लेकर गांव तक आवागमन प्रभावित कर दिया। इससे लोगों को आवागमन में भी खासी मुश्किल हुई।