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Ambedkar Nagar News: हृदय रोग की दवाओं से लेकर विटामिन की गोलियां तक नदारद
Tue, 12 Nov 2024 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 12 Nov 2024 12:49 AM IST
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जिला अस्पताल में पर्चा कटाने के लिए लगी लाइन।
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इन दिनों तगड़ा झटका लग रहा है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की गोलियां अस्पताल में नहीं हैं तो वहीं हृदय रोग से संबंधित एटोरवास्टेटिन दवा भी नदारद है। ठंड के दस्तक देने के बावजूद जिला अस्पताल में इनहेलर पाउडर भी उपलब्ध नहीं है। ऐसा तब है जब बदलते मौसम के बीच जिला अस्पताल में दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
बेहतर इलाज व सभी दवाएं मुफ्त उपलब्ध होने की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को जिला अस्पताल से अक्सर मायूसी हाथ लगती है। कोई न कोई समस्या यहां खड़ी ही रहती है। बीते कुछ दिनों से मौसम में बदलाव हुआ है। सुबह व शाम जहां हल्की ठंड ने दस्तक दी है तो वहीं दिन के तापमान में भी कमी हो रही है। इसके चलते वायरल बुखार समेत कई अन्य प्रकार के रोगों से लोग तेजी से ग्रस्त होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सामान्य दिनों में जहां औसतन 900 मरीजों की ओपीडी होती है तो वहीं मौजूदा समय में प्रतिदिन औसतन 1250 मरीजों की ओपीडी हो रही है। सोमवार को लगभग साढ़े 1100 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इन सबके बीच कई प्रमुख दवाओं की अनुपलब्धता से मरीजों को समस्या हुई। सांस व जकड़न के लिए महत्वपूर्ण दवा इनहेलर पाउडर न सिर्फ जिला अस्पताल बल्कि सीएचसी व पीएचसी में भी नहीं है। जिला अस्पताल में दिल के दौरे, स्ट्रोक व कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने जैसी हृदय संबंधी बीमारियों में महत्वपूर्ण दवा माने जाने वाली एटोरवास्टेटिन टेबलेट के साथ ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की गोलियां भी नहीं हैं। नतीजा यह है कि इन दवाओं को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। इससे मरीजों को आर्थिक चपत लग रही है।
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बाहर से खरीदनी पड़ी दवाएंसोमवार को जिला अस्पताल में मिले अलावलपुर के सतीश अपनी मां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। सतीश ने बताया कि चिकित्सक ने इनहेलर पाउडर लिखा था, लेकिन जब दवा काउंटर पर पहुंचे तो बताया गया कि इसे बाहर से खरीदना होगा। इसी प्रकार उकरा के हिमांशु ने कहा कि उनकी दादी कई दिनों से बीमार चल रही हैं। चिकित्सक ने विटामिन बी काॅम्प्लेक्स व इनहेलर दोनों दवाएं लिखी थीं। जिला अस्पताल में न होने के चलते इन्हें बाहर से लेना पड़ा। इसी प्रकार कई अन्य मरीजों व उनके तीमारदारों ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल में सभी दवाओं की बेहतर ढंग से उपलब्धता की मांग की।
स्वास्थ्य निदेशालय को भेजा पत्र
कुछ दवाएं नहीं हैं, हालांकि उनके वैकल्पिक दवाएं उपलब्ध हैं। सभी रोगों की ज्यादातर दवाएं यहां हैं। जो दवाएं नहीं हैं उनकी उपलब्धता के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। -डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस
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बेहतर इलाज व सभी दवाएं मुफ्त उपलब्ध होने की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को जिला अस्पताल से अक्सर मायूसी हाथ लगती है। कोई न कोई समस्या यहां खड़ी ही रहती है। बीते कुछ दिनों से मौसम में बदलाव हुआ है। सुबह व शाम जहां हल्की ठंड ने दस्तक दी है तो वहीं दिन के तापमान में भी कमी हो रही है। इसके चलते वायरल बुखार समेत कई अन्य प्रकार के रोगों से लोग तेजी से ग्रस्त होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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सामान्य दिनों में जहां औसतन 900 मरीजों की ओपीडी होती है तो वहीं मौजूदा समय में प्रतिदिन औसतन 1250 मरीजों की ओपीडी हो रही है। सोमवार को लगभग साढ़े 1100 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इन सबके बीच कई प्रमुख दवाओं की अनुपलब्धता से मरीजों को समस्या हुई। सांस व जकड़न के लिए महत्वपूर्ण दवा इनहेलर पाउडर न सिर्फ जिला अस्पताल बल्कि सीएचसी व पीएचसी में भी नहीं है। जिला अस्पताल में दिल के दौरे, स्ट्रोक व कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने जैसी हृदय संबंधी बीमारियों में महत्वपूर्ण दवा माने जाने वाली एटोरवास्टेटिन टेबलेट के साथ ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की गोलियां भी नहीं हैं। नतीजा यह है कि इन दवाओं को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। इससे मरीजों को आर्थिक चपत लग रही है।
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बाहर से खरीदनी पड़ी दवाएंसोमवार को जिला अस्पताल में मिले अलावलपुर के सतीश अपनी मां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। सतीश ने बताया कि चिकित्सक ने इनहेलर पाउडर लिखा था, लेकिन जब दवा काउंटर पर पहुंचे तो बताया गया कि इसे बाहर से खरीदना होगा। इसी प्रकार उकरा के हिमांशु ने कहा कि उनकी दादी कई दिनों से बीमार चल रही हैं। चिकित्सक ने विटामिन बी काॅम्प्लेक्स व इनहेलर दोनों दवाएं लिखी थीं। जिला अस्पताल में न होने के चलते इन्हें बाहर से लेना पड़ा। इसी प्रकार कई अन्य मरीजों व उनके तीमारदारों ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल में सभी दवाओं की बेहतर ढंग से उपलब्धता की मांग की।
स्वास्थ्य निदेशालय को भेजा पत्र
कुछ दवाएं नहीं हैं, हालांकि उनके वैकल्पिक दवाएं उपलब्ध हैं। सभी रोगों की ज्यादातर दवाएं यहां हैं। जो दवाएं नहीं हैं उनकी उपलब्धता के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। -डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस