{"_id":"64e500153231fbaf7c028784","slug":"farm-and-guava-orchard-in-saryu-ambedkar-nagar-news-c-91-1-slko1001-2046-2023-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: सरयू में समाए खेत व अमरूद का बाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: सरयू में समाए खेत व अमरूद का बाग
Wed, 23 Aug 2023 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 23 Aug 2023 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट के साथ कटान को लेकर माझा इलाके के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। कई दिन से जारी कटान थम नहीं रही है। मंगलवार को इटौरा ढोलीपुर गांव में अमरूद का एक बाग और लगभग चार बीघा खेत नदी में समा गए। कई अन्य खेत कटान के मुहाने पर हैं।
जिले में सरयू का जलस्तर पांच दिन से कम हो रहा है। इसके साथ ही कटान का सिलसिला जारी है। सबसे ज्यादा कटान माझा कम्हरिया क्षेत्र में हो रही है। तीन-चार दिन में आधा दर्जन किसानों के 18 बीघा खेत नदी में समा चुके हैं। हालात को देखते हुए कटान थमने के आसार भी कम नजर आ रहे हैं।
इटौरा ढोलीपुर गांव निवासी राघवेंद्र सिंह की माझा कम्हरिया में 40 पेड़ की अमरूद की बाग मंगलवार को सरयू में समा गई। इसके अलावा जयप्रकाश, प्रभाकर व संगमलाल श्रीवास्तव के करीब चार बीघा खेत भी कटान की भेंट चढ़ गए। कटान को देखते हुए कई किसानों के भूमिहीन होने का खतरा पैदा हो गया है।
विज्ञापन
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि नदी का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। कई गांवों के मार्ग पर भरा पानी हट चुका है। इससे आवागमन आसान हुआ है। कटान पर निगाह रखी जा रही है।
विज्ञापन
जिले में सरयू का जलस्तर पांच दिन से कम हो रहा है। इसके साथ ही कटान का सिलसिला जारी है। सबसे ज्यादा कटान माझा कम्हरिया क्षेत्र में हो रही है। तीन-चार दिन में आधा दर्जन किसानों के 18 बीघा खेत नदी में समा चुके हैं। हालात को देखते हुए कटान थमने के आसार भी कम नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
इटौरा ढोलीपुर गांव निवासी राघवेंद्र सिंह की माझा कम्हरिया में 40 पेड़ की अमरूद की बाग मंगलवार को सरयू में समा गई। इसके अलावा जयप्रकाश, प्रभाकर व संगमलाल श्रीवास्तव के करीब चार बीघा खेत भी कटान की भेंट चढ़ गए। कटान को देखते हुए कई किसानों के भूमिहीन होने का खतरा पैदा हो गया है।
विज्ञापन
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि नदी का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। कई गांवों के मार्ग पर भरा पानी हट चुका है। इससे आवागमन आसान हुआ है। कटान पर निगाह रखी जा रही है।