फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Fake Solution

समस्याओं को लेकर ग्रामीण परेशान, कागजों पर दिखाया निस्तारित

Tue, 20 Aug 2019 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 11:42 PM IST
विज्ञापन
Fake Solution
अंबेडकरनगर। जिले में शिकायतों के निस्तारण के नाम पर मनमानी का माहौल है। हालत यह है कि समाधान दिवसों में शिकायतें निस्तारित दिखा दी जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे इतर है। पीड़ित अपनी समस्याओं को लेकर भले ही तनाव में हैं, लेकिन कागजों में ऐसी समस्याओं का निपटारा दिखा दिया गया है। अमर उजाला ने जलालपुर व भीटी तहसील के सरकारी रजिस्टर में दर्ज कई शिकायतों के निस्तारण का सच जानने का प्रयास किया तो अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी खुलकर सामने आ गई।
विज्ञापन

किसी की खतौनी कब्जेदारी का मामला निस्तारित नहीं हो पाया तो किसी के चकमार्ग पैमाइश का मामला लटका हुआ है। कहीं चकरोड पर घर बना लेने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है तो कहीं पुश्तैनी भूमि पर कब्जा कर लेने का मामला जस का तस है। ऐसे सभी मामलों को सरकारी रजिस्टर में निस्तारित दिखाया गया है। नतीजा यह कि पीड़ित लगातार अधिकारियों की चौखट नापने को विवश हैं।
विज्ञापन

राज्य सरकार जब अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने में जुटी हुई है, तो भी सरकार की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं को निस्तारण करने तथा कार्यप्रणाली में बदलाव लाने की जरूरत नहीं महसूस की जा रही है। समस्याओं के निस्तारण को लेकर तहसीलों में क्या माहौल है यह जानने के लिए अमर उजाला ने मंगलवार को दो तहसीलों जलालपुर व भीटी का रुख किया। वहां कर्मचारियों से उन आवेदन पत्रों की जानकारी मांगी गई, जिनमें समस्याओं का निस्तारण हो चुका है। इस पर दोनों ही तहसीलों से अलग अलग नाम दिए गए। अमर उजाला टीम ने संबंधित नंबरों पर फोन करना शुरू किया, तो समस्याओं के निस्तारण के नाम पर चल रही मनमानी तार तार होती दिखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार मालीपुर निवासी रमापति उर्फ मोहन ने गांव के चकरोड पर एक व्यक्ति द्वारा घर बना लिए जाने की शिकायत की थी। यह शिकायत बाकायदा दर्ज है। शिकायत का निस्तारण दिखा दिया गया है, जबकि दूरभाष पर रमापति ने बताया कि तहसील दिवस में तीन बार प्रार्थनापत्र देने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
जैतपुर निवासी मुन्नीलाल की शिकायत थी कि उनकी पुश्तैनी भूमि पर अवैध कब्जा हो गया है। कागजों में यह मामला भी निस्तारित है, लेकिन टेलीफोन करने पर मुन्नीलाल ने बताया कि भूमि पर अभी भी कब्जा नहीं मिल पाया है। मंगुराडिला निवासी अहमद के नाम से भी समस्या का निस्तारण दर्ज है। दूरभाष पर अहमद बताते हैं कि आठ बार वे भूमि से कब्जा हटवाने के लिए प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। उस पर कोई कार्रवाई न कर मनमाने ढंग से निस्तारण दिखा दिया गया है।
भीटी प्रतिनिधि के अनुसार फरीदपुर निवासी कमला प्रसाद ने चकमार्ग की पैमाइश किए जाने का जो प्रार्थनापत्र समाधान दिवस में दिया था, उसे निस्तारित दिखा दिया गया है। उन्हें फोन किया यगा, तो बताया कि समस्या अभी भी बरकरार है। पांच बार तहसील में प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है। चपरा के चंद्रमणि तिवारी का रास्ता विपक्षियों द्वारा रोके जाने की शिकायत की गई थी। इसे भी निस्तारित दिखाया गया है, जबकि चंद्रमणि ने मंगलवार को बताया कि अभी तक समस्या नहीं निपटी है।
विशुनपुर के रामकुमार का मामला भी कागजों में निस्तारित है, जबकि वे चकमार्ग की पैमाइश के लिए अब तक नौ बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। कहा कि कागजों में समस्या निस्तारण दिखा देने की कार्यशैली से ही आमलोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मुकुंदीपुर निवासी शेरसिंह खतौनी पर कब्जेदारी के लिए परेशान हैं। तहसील का चक्कर लगाते थक चुके हैं, लेकिन समस्या को निस्तारित बताकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पूरी कर चुका है।

संपूर्ण समाधान दिवस के साथ ही कार्यालयों में आने वाली शिकायतों के प्रभावी ढंग से निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को हैं। इसकी क्रॉस चेकिंग की भी व्यवस्था है। समय-समय पर जिला स्तर से भी मॉनीटरिंग होती रहती है। अब फिर से दिखवाया जाएगा कि मामलों के निस्तारण की क्या स्थिति है। समस्या नहीं निपटी है तो उसे कैसे निस्तारित दिखाया गया।
- अमरनाथ राय, एडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed