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जानलेवा हमले के गवाह को धमकी, मांगी रंगदारी
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अंबेडकरनगर। करीब चार साल पहले हंसवर थाना अन्तर्गत नसीराबाद बाजार स्थित एक चाय की दुकान पर धमकाने व रंगदारी का मामला सामने आया है। बसपा नेता के पुत्र व चालक पर जानलेवा हमले के अभियुक्त पर रविवार देर शाम मामले के गवाह को गवाही देने पर जान से हाथ धोने की धमकी देने व एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि उसके सहयोगी की तलाश की जा रही है। हंसवर थाना क्षेत्र के नसीराबाद निवासी हुसैन मोहम्मद पुत्र सकलैन व फरमान अली पुत्र जैगम अली रविवार देर शाम एक ही बाइक से घर जा रहे थे।
आरोप है कि जब वे वफा चौराहा भूलेपुर के पास पहुंचे तो इसी बीच भूलेपुर निवासी मोहम्मद अफजल व उसके एक साथी ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि अफजल ने हुसैन मोहम्मद पर तमंचा तान दिया। चेतावनी देते हुए कहा कि वह उसके खिलाफ न्यायालय में न दे। यदि गवाही दी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। साथ ही एक लाख रुपये की रंगदारी भी मांगी। बाद में जान से मारने की धमकी देते हुए दोनों भाग खड़े हुए। बाद में पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी।
थानाध्यक्ष श्रवणकुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज करते हुए आरोपी अफजल को गिरफ्तार जेल भेज दिया गया, जबकि उसके सहयोगी की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि 2016 में बसपा नेता रहे जुरगाम मेहंदी के पुत्र आरिफ व चालक शुभनीत यादव जब नसीराबाद स्थित होटल पर चाय पी रहे थे तो मोहम्मद अफजल पांच बाइक पर अपने 12 साथियों के साथ पहुंचा। आरोप था कि बदमाशों ने दोनों पर जानलेवा हमला किया। शुभनीत को गोली लगी थी। मामले में हुसैन मोहम्मद मुख्य गवाह था।
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आरोप है कि जब वे वफा चौराहा भूलेपुर के पास पहुंचे तो इसी बीच भूलेपुर निवासी मोहम्मद अफजल व उसके एक साथी ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि अफजल ने हुसैन मोहम्मद पर तमंचा तान दिया। चेतावनी देते हुए कहा कि वह उसके खिलाफ न्यायालय में न दे। यदि गवाही दी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। साथ ही एक लाख रुपये की रंगदारी भी मांगी। बाद में जान से मारने की धमकी देते हुए दोनों भाग खड़े हुए। बाद में पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी।
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थानाध्यक्ष श्रवणकुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज करते हुए आरोपी अफजल को गिरफ्तार जेल भेज दिया गया, जबकि उसके सहयोगी की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि 2016 में बसपा नेता रहे जुरगाम मेहंदी के पुत्र आरिफ व चालक शुभनीत यादव जब नसीराबाद स्थित होटल पर चाय पी रहे थे तो मोहम्मद अफजल पांच बाइक पर अपने 12 साथियों के साथ पहुंचा। आरोप था कि बदमाशों ने दोनों पर जानलेवा हमला किया। शुभनीत को गोली लगी थी। मामले में हुसैन मोहम्मद मुख्य गवाह था।
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