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ठंडक बढ़ने से अच्छी फसल की उम्मीद
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2016 10:46 PM IST
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तापमान में हो रहे परिवर्तन का अन्य फसलों पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालाकि जिस तरह पछुआ हवा शुक्रवार शाम से चल रही है, उसे देखते हुए उम्मीद है कि आगे भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। बीते कुछ दिनों में हुई सर्दी में कमी ने गेहूं किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। दरअसल गेहूं की अच्छी फसल के लिए तापमान में कमी जरूरी है।
दिसंबर व जनवरी में जब तेज सर्दी पड़नी चाहिए उस समय ठंडक कम होने का सीधा प्रभाव गेहूं की फसल पर पड़ रहा था। इस बीच शुक्रवार दोपहर बाद से अचानक पछुआ हवा चलने लगी, जिससे तापमान में कमीं आने लगी। यह सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा।
सर्दी के लौटने पर एक तरफ जहां गेहूं किसानों ने राहत की सांस ली, वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने इसे एक अच्छा संकेत बताया। उनका मानना है कि यदि ऐसा ही मौसम आगामी एक पखवारे तक रहता है, तो इसका व्यापक लाभ गेहूं की फसल को मिलेगा।
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कृषि वैज्ञानिक चंद्रप्रकाश पाण्डेय ने बदले मौसम के संबंध में बताया कि जिस प्रकार से दिसंबर व जनवरी में ठंडक होनी चाहिए, वह नहीं हुई। इससे गेहूं की फसल पर प्रभाव पडने लगा था। शुक्रवार से जिस प्रकार मौसम में बदलाव आया है, वह एक राहत की खबर है।
बताया कि यदि एक पखवारे तक भी यदि इसी प्रकार तापमान में कमीं होती रही, तो इससे गेहूं के दाने अच्छे होंगे। वनस्पति विज्ञान के प्रवक्ता डा. अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फिलहाल जिस प्रकार से सर्दी में वृद्धि हुई है, यह गेहूं की फसल के लिए अच्छा संकेत है। यदि यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी बरकरार रहता है, तो इसका व्यापक लाभ फसल को होगा।
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दिसंबर व जनवरी में जब तेज सर्दी पड़नी चाहिए उस समय ठंडक कम होने का सीधा प्रभाव गेहूं की फसल पर पड़ रहा था। इस बीच शुक्रवार दोपहर बाद से अचानक पछुआ हवा चलने लगी, जिससे तापमान में कमीं आने लगी। यह सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा।
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सर्दी के लौटने पर एक तरफ जहां गेहूं किसानों ने राहत की सांस ली, वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने इसे एक अच्छा संकेत बताया। उनका मानना है कि यदि ऐसा ही मौसम आगामी एक पखवारे तक रहता है, तो इसका व्यापक लाभ गेहूं की फसल को मिलेगा।
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कृषि वैज्ञानिक चंद्रप्रकाश पाण्डेय ने बदले मौसम के संबंध में बताया कि जिस प्रकार से दिसंबर व जनवरी में ठंडक होनी चाहिए, वह नहीं हुई। इससे गेहूं की फसल पर प्रभाव पडने लगा था। शुक्रवार से जिस प्रकार मौसम में बदलाव आया है, वह एक राहत की खबर है।
बताया कि यदि एक पखवारे तक भी यदि इसी प्रकार तापमान में कमीं होती रही, तो इससे गेहूं के दाने अच्छे होंगे। वनस्पति विज्ञान के प्रवक्ता डा. अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फिलहाल जिस प्रकार से सर्दी में वृद्धि हुई है, यह गेहूं की फसल के लिए अच्छा संकेत है। यदि यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी बरकरार रहता है, तो इसका व्यापक लाभ फसल को होगा।