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ड्रैगन फ्रूट की खेती से सुभाष को मिली पहचान

Tue, 27 Jul 2021 11:16 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 11:16 PM IST
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फोटो 7, अंबेडकरनगर के जलालपुर बड़ागांव में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे किसान सुभाष वर्मा। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। बड़ागांव निवासी सुभाष वर्मा इन दिनों किसानों के लिए प्रेरणाश्रोत बन गए हैं। तीन वर्ष पहले लीक से हटकर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू करने वाले सुभाष अब किसी पहचान के मोहताज नही हैं। उन्होंने न सिर्फ जिले में अलग पहचान बनाई है कि बल्कि गैर प्रांतों से लोग ड्रैगन फ्रूट की खरीददारी के लिए उनसे संपर्क करते रहते हैं। ड्रैगन फ्रूट औषधीय फल है, जो किसी भी संक्रमण को रोकने में प्रभावी है। कोरोना काल में इस फल की मांग तेजी से बढ़ी है। उन्होंने जब इसकी खेती शुरू की थी, तो उसकी बिक्री आदि को लेकर असमंजस था। इन दिनों खेतों में तैयार ड्रैगन फ्रूट ऑनलाइन मार्केटिंग एप के जरिए न सिर्फ अंबेडकरनगर बल्कि यूपी के अन्य जनपदों के अलावा देश के कई राज्यों में बिक रहा है। शुरुआत के दो वर्षों में पर्याप्त फल न लगने के कारण कोई खास लाभ नहीं मिला, लेकिन इस बार फल लगने से सुभाष को बेहतर फायदे की उम्मीद है।
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बड़ागांव निवासी किसान सुभाष वर्मा एक अग्रणी किसान परिवार से जुड़े हैं। उनके पिता आलोक वर्मा भी तकनीकी व नई तरह की खेती करने में दिलचस्पी रखते थे। बेहतर चना उत्पादन के लिए उनके पिता को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने का अवसर मिल चुका है। अच्छी खेती करने का गुण पिता से विरासत में मिलने के बाद सुभाष उनसे और आगे निकल चुके हैं। करीब तीन वर्ष पूर्व उन्होंने यूट्यूब के जरिए ड्रैगन फ्रूट के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद जानकारी कि गुजरात के जामनगर में इसकी बड़े पैमाने पर खेती होती है। उन्होंने वहां के किसानों से संपर्क किया, और विस्तार से समझा। इसके बाद करीब 10 बिस्वा भूमि में इसकी खेती शुरु की। उस समय अधिकांश लोगों को इसका नाम तक ही नही पता था। सभी को लग रहा था कि आखिर इसका फल कैसे होगा, और इसकी बिक्री कहां होगी। इस बीच अब सुभाष ड्रैगन फ्रूट की खेती को लेकर न सिर्फ आस पास के बल्कि जनपद के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
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शुरुआत के दो वर्षों में तो सुभाष को इस खेती से कोई विशेष लाभ नहीं मिला, लेकिन अब उन्हें इस खेती से लाभ मिलना शुरु हो गया है। इस बार उन्होंने करीब 50 हजार रुपए के फल की बिक्री ऑफ लाइन व ऑनलाइन की है। इससे अन्य किसान भी अब प्रेरित हो रहे हैं। सुभाष ने लगभग 250 पेड़ लगाया है। उनके मुताबिक यह पेड़ लगभग 25 वर्षों तक फल देंगे। करीब एक वर्ष बाद प्लांट तैयार हो जाता है। दूसरे वर्ष से फ्रूट निकलने लगते हैं। हालांकि तीसरे साल से ही अच्छी मात्रा में फल का उत्पादन होता है। इसके लिए तापमान 10 डिग्री से अधिक और 40 डिग्री के बीच हो तो अच्छा रहता है। इसकी खेती के लिए किसी विशेष किस्म की जमीन की जरूरत नहीं होती है। बस हमें इस बात का ध्यान रखना होता है कि जल जमाव न हो। महीने में एक बार सिंचाई की जरूरत होती है।
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औषधीय फल है ड्रैगन
सुभाष ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट इम्यूनिटी बूस्टर में काफी बेहतर काम करता है। कोरोना महामारी में इम्युनिटी बढ़ाने में लोगों ने इसका खूब प्रयोग किया। मौजूदा समय में भी इसकी भारी डिमांड है। इसकी सप्लाई वे स्थानीय बाजार से लेकर लखनऊ तक कर रहे हैं। इसके अलावा ऑनलाइन एप के जरिए दिल्ली, हरियाणा आदि प्रांतों में भी बिक्री हो रही है। बताया कि 80 से 150 रुपए तक प्रति फल की बिक्री होती है। इसकी खेती में बिजनेस का अच्छा स्कोप है। बताया कि पहले ड्रैगन फ्रूट की खेती भारत में नहीं हो रही थी। यह अमेरिका, वियतनाम, थाईलैंड जैसे देशों से भारत में आता था, लेकिन पिछले कुछ सालों से भारत में भी बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन हो रहा है। गुजरात तो इसका हब है। यहां सरकार ने इसका नाम कमलम रखा है।

पौधों को लगाने की विधि व सावधानी
पौधे अच्छे किस्म के होने चाहिए। क्राफ्टेड प्लांट हो तो ज्यादा बेहतर होगा, क्योंकि उसे तैयार होने में समय कम लगता है। प्लांटिंग के बाद नियमित रूप से कल्टीवेशन और ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। इसके सहारे के लिए सीमेंट के खंभे की भी जरूरत होती है। एक खंभे के साथ तीन प्लांट लगाए जा सकते हैं। जैसे-जैसे प्लांट बढ़ता है उसे रस्सी से बांधते जाते हैं। बरसात को छोड़कर पूरे साल ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए जा सकते हैं। मार्च से जुलाई के बीच रोपण करना ज्यादा बेहतर होता है। साथ ही इसकी नियमित निगरानी जरूरी है। सुभाष ने बताया कि वे दो तरह के ड्रैगन फ्रूट उगा रहे हैं। इसमें गुलाबी व सफेद फल के प्लांट शामिल हैं। हर प्लांट की खूबसूरती अपने आप में खास होती है।

फोटो 8, अंबेडकरनगर के जलालपुर बड़ागांव निवासी सुभाष वर्मा के खेत में तैयार रहा ड्रैगन फ्रूट।

फोटो 8, अंबेडकरनगर के जलालपुर बड़ागांव निवासी सुभाष वर्मा के खेत में तैयार रहा ड्रैगन फ्रूट।- फोटो : AMBEDKAR NAGAR

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