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जिला अस्पताल में बहुत उम्मीद लेकर न आइए
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फोटो-20, अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में एक्सरे न होने से मरीजों को रेफर कराते घायल धर्मेन्द्र के परिव?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिलना किसी चुनौती से कम नहीं। अस्पताल में न तो एंटी रैबीज वैक्सीन है और न ही मिर्गी के मरीज को लगने वाला इफ्सोलिस इंजेक्शन। इलाज के समय इस्तेमाल में आने वाले ग्लब्स भी खत्म हो चुके हैं। वहीं लंबे समय से मरीजों को न तो सामान्य एक्सरे की सुविधा मिल रही है और न ही डिजिटल एक्सरे हो पा रहा है।
जिला अस्पताल में लगभग 20 दिनों से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं है, वहीं बीते दो दिन से मिर्गी मरीजों को लगने वाला इफ्सोलिस इंजेक्शन भी समाप्त हो गया है। सामान्य व डिजिटल एक्स रे का कार्य पूरी तरह ठप है तो इलाज के दौरान प्रयुक्त होने वाला गल्व्ज भी दो दिन से समाप्त हो चुका है। नतीजा यह है कि एक्स रे न होने से मरीजों को जहां पैथालॉजी सेंटर पर पैसे भरकर एक्सरे कराना पड़ रहा है, वहीं एंटी रैबीज इजेक्शन के लिए मरीजों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मरीजों को सामान्य जांच व दवा जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। इससेे मरीजों व तीमारदारों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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लगभग एक माह से डिजिटल एक्स रे पूरी तरह ठप है। सामान्य एक्स रे का कार्य भी ठप था, लेकिन लगभग एक सप्ताह पूर्व प्लेट उपलब्ध होने के बाद कार्य शुरू हो सका था। इस बीच बीते दो दिनों से एक बार फिर से प्लेट समाप्त होने पर सामान्य एक्स रे का भी कार्य ठप हो गया। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। बीते तीन दिनों से ग्लव्ज का भी जिला अस्पताल में टोटा हो गया है। एक दिन पहले सीएमएस ने निजी तौर पर ग्लव्ज की व्यवस्था की थी।
सोमवार को मार्ग हादसे में मोहिउद्दीनपुर संतराम व जहांगीरगंज थाना अंतर्गत जोगापुर निवासी धर्मेंद्र घायल हो गए थे। दोनों के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक्स रे की सुविधा न होने से तीमारदारों उन्हें निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। भीटी निवासी महमूद अपने छोटे भाई रईस को लेकर जिला अस्पताल में पहुंचे थे। उसे मिर्गी के दौर आते थे। यहां आने पर पता चला कि इफ्लोसिस इंजेक्शन ही नहीं है। ऐसे में उसे बाहर से इंजेक्शन खरीदने को मजबूर होना पड़ा।
एंटी रैबीज व इफ्लोसिस इंजेक्शन, डिजिटल व सामान्य एक्स रे के लिए प्लेट व ग्लब्स के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। जल्द ही उपलब्ध होने की संभावना है। - डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस
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जिला अस्पताल में लगभग 20 दिनों से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं है, वहीं बीते दो दिन से मिर्गी मरीजों को लगने वाला इफ्सोलिस इंजेक्शन भी समाप्त हो गया है। सामान्य व डिजिटल एक्स रे का कार्य पूरी तरह ठप है तो इलाज के दौरान प्रयुक्त होने वाला गल्व्ज भी दो दिन से समाप्त हो चुका है। नतीजा यह है कि एक्स रे न होने से मरीजों को जहां पैथालॉजी सेंटर पर पैसे भरकर एक्सरे कराना पड़ रहा है, वहीं एंटी रैबीज इजेक्शन के लिए मरीजों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
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जिला अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मरीजों को सामान्य जांच व दवा जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। इससेे मरीजों व तीमारदारों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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लगभग एक माह से डिजिटल एक्स रे पूरी तरह ठप है। सामान्य एक्स रे का कार्य भी ठप था, लेकिन लगभग एक सप्ताह पूर्व प्लेट उपलब्ध होने के बाद कार्य शुरू हो सका था। इस बीच बीते दो दिनों से एक बार फिर से प्लेट समाप्त होने पर सामान्य एक्स रे का भी कार्य ठप हो गया। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। बीते तीन दिनों से ग्लव्ज का भी जिला अस्पताल में टोटा हो गया है। एक दिन पहले सीएमएस ने निजी तौर पर ग्लव्ज की व्यवस्था की थी।
सोमवार को मार्ग हादसे में मोहिउद्दीनपुर संतराम व जहांगीरगंज थाना अंतर्गत जोगापुर निवासी धर्मेंद्र घायल हो गए थे। दोनों के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक्स रे की सुविधा न होने से तीमारदारों उन्हें निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। भीटी निवासी महमूद अपने छोटे भाई रईस को लेकर जिला अस्पताल में पहुंचे थे। उसे मिर्गी के दौर आते थे। यहां आने पर पता चला कि इफ्लोसिस इंजेक्शन ही नहीं है। ऐसे में उसे बाहर से इंजेक्शन खरीदने को मजबूर होना पड़ा।
एंटी रैबीज व इफ्लोसिस इंजेक्शन, डिजिटल व सामान्य एक्स रे के लिए प्लेट व ग्लब्स के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। जल्द ही उपलब्ध होने की संभावना है। - डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस