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बच्चों में विकसित करें सीखने की प्रवृत्ति
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अंबेडकरनगर के बसखारी स्थित बीआरसी कार्यालय पर आयोजित प्रशिक्षण में भाग लेतीं आंगनबाड़ी कार्यक?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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बसखारी (अंबेडकरनगर)। बसखारी बीआरसी कार्यालय के तत्वावधान में ब्लॉक कार्यालय स्थित उत्सव वाटिका में अर्ली चाइल्ड केयर एजूकेशन विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पठन-पाठन के बेहतर तरीकों से अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्हें बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति का विकास करना होगा। सीखने से बच्चे चीजों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
मुख्य अतिथि बीएसए कार्यालय के प्रशिक्षक सुरेश कुमार तिवारी व खंड शिक्षा अधिकारी बसखारी रामचंद्र मौर्या ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य नौनिहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें सीखने की प्रवृत्ति का विकास करना है। जब बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति का विकास होगा, तभी वे चीजों को बेहतर ढंग से सीख सकेंगे। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सभी बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित करें।
खंड शिक्षा अधिकारी रामचंद्र मौर्य ने कहा कि छोटे बच्चों को खिलौनों व अन्य माध्यम से अक्षर ज्ञान शब्द ज्ञान, अंक ज्ञान आदि कराया जाना प्रस्तावित है। अध्यापकों तथा नोडल अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण में जो भी बताया जा रहा है, उसके अनुसार बच्चों को शिक्षित किया जाए तो बच्चों को शिक्षा में रुचि पैदा करने में आसानी होगी।
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खेलकूद के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के प्रति रुचि उत्पन्न करना इसका प्रमुख उद्देश्य है, जिससे वर्तमान समय में जो बच्चे किताबों से दूर भागने का प्रयास करते हैं, उन्हें किताबों से जोड़ा जा सकता है। संचालन गंगादीन यादव ने किया। इस मौके पर प्रशिक्षक अनुराधा पटेल, सहायक अध्यापक पूजा मिश्रा, सहायक अध्यापक मोनिका आदि मौजूद रहीं। एआरपी गंगादीन यादव ने बताया प्रशिक्षण में कुल 214 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 135 सहायक अध्यापक एवं 50 नोडल अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
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मुख्य अतिथि बीएसए कार्यालय के प्रशिक्षक सुरेश कुमार तिवारी व खंड शिक्षा अधिकारी बसखारी रामचंद्र मौर्या ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य नौनिहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें सीखने की प्रवृत्ति का विकास करना है। जब बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति का विकास होगा, तभी वे चीजों को बेहतर ढंग से सीख सकेंगे। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सभी बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित करें।
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खंड शिक्षा अधिकारी रामचंद्र मौर्य ने कहा कि छोटे बच्चों को खिलौनों व अन्य माध्यम से अक्षर ज्ञान शब्द ज्ञान, अंक ज्ञान आदि कराया जाना प्रस्तावित है। अध्यापकों तथा नोडल अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण में जो भी बताया जा रहा है, उसके अनुसार बच्चों को शिक्षित किया जाए तो बच्चों को शिक्षा में रुचि पैदा करने में आसानी होगी।
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खेलकूद के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के प्रति रुचि उत्पन्न करना इसका प्रमुख उद्देश्य है, जिससे वर्तमान समय में जो बच्चे किताबों से दूर भागने का प्रयास करते हैं, उन्हें किताबों से जोड़ा जा सकता है। संचालन गंगादीन यादव ने किया। इस मौके पर प्रशिक्षक अनुराधा पटेल, सहायक अध्यापक पूजा मिश्रा, सहायक अध्यापक मोनिका आदि मौजूद रहीं। एआरपी गंगादीन यादव ने बताया प्रशिक्षण में कुल 214 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 135 सहायक अध्यापक एवं 50 नोडल अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।