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Ambedkar Nagar News: बजट के अभाव में लटका फायर स्टेशनों का निर्माण
Mon, 16 Oct 2023 10:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 16 Oct 2023 10:15 AM IST
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टांडा व भीटी में भूमि उपलब्ध होने के बाद भी वर्षों से निर्माण शुरू होने का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। बजट के अभाव में भीटी व टांडा में अग्निशमन केंद्र का निर्माण अधर में लटका है। भीटी के परसौली में नौ वर्ष पहले भूमि का अधिग्रहण तो कर लिया गया लेकिन अब तक निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका। नतीजा यह है कि आग की घटना पर काबू पाने के लिए अकबरपुर फायर स्टेशन की टीम को जाना पड़ता है। इसी प्रकार टांडा के हकीमपुर में भूमि के अधिग्रहण के बाद भी निर्माण नहीं शुरू हो सका। यहां किराये के भवन में केंद्र संचालित है।
आग की घटनाओं पर अंकुश पाने को लेकर प्रत्येक तहसील में एक-एक अग्निशमन केंद्र की स्थापना की योजना गति नहीं पकड़ रही है। आलापुर, जलालपुर व अकबरपुर में अग्निशमन केंद्र है। अपने भवन में इसका संचालन हो रहा है। टांडा में जहां किराये के भवन में केंद्र संचालित है तो वहीं भीटी में अब तक स्थापना ही नहीं हो पाई है। नतीजा यह है कि भीटी तहसील क्षेत्र में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अकबरपुर स्थित अग्निशमन केंद्र से टीम को लगभग 25 किमी. की दूरी तय कर जाना पड़ता है। इससे कभी-कभी ऐसा होता है कि जब टीम पहुंचती है तो काफी नुकसान हो चुका होता है।
इसे देखते हुए वर्ष 2014 में शासन ने तहसील में फायर स्टेशन निर्माण को मंजूरी प्रदान की थी। भवन निर्माण के लिए परसौली गांव में छह हजार वर्ग फुट भूमि का अधिग्रहण भी कर लिया गया। भूमि की रजिस्ट्री भी हो गई। लेकिन शासन से बजट न मिलने से अब तक निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका है। ऐसे में समस्या जस की तस बनी हुई है। इसी प्रकार टांडा के हकीमपुर में भी 2022 में भूमि का अधिग्रहण निर्माण के लिए किया गया। यहां भी बजट के अभाव में निर्माण शुरू नहीं हो सका। ऐसे में यहां इन दिनों यहां नगर नियंत्रण कक्ष से संचालन हो रहा है। स्थानाभाव के चलते यहां भी बेहतर ढंग से फायर स्टेशन का संचालन नहीं हो पा रहा।
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उठाना पड़ता है बड़ा नुकसान
जैतूपुर निवासी विशाल व शिवप्रकाश ने कहा कि फायर स्टेशन न होने से व्यापक मुश्किलें होती हैं। प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा सकी। बीते वर्ष आग की अलग-अलग घटनाओं में गेहूं किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। रामबाबा के भीमसिंह व शंभू ने कहा कि आग लगने पर जब तक अकबरपुर से टीम आती है तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। यदि तहसील क्षेत्र में फायर स्टेशन होता तो इस प्रकार के नुकसान से बचा जा सकता है।
किया जा रहा पत्राचार
भीटी व टांडा में भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। भवन निर्माण के लिए पुलिस महानिदेशक फायर को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। - जेपी सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। बजट के अभाव में भीटी व टांडा में अग्निशमन केंद्र का निर्माण अधर में लटका है। भीटी के परसौली में नौ वर्ष पहले भूमि का अधिग्रहण तो कर लिया गया लेकिन अब तक निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका। नतीजा यह है कि आग की घटना पर काबू पाने के लिए अकबरपुर फायर स्टेशन की टीम को जाना पड़ता है। इसी प्रकार टांडा के हकीमपुर में भूमि के अधिग्रहण के बाद भी निर्माण नहीं शुरू हो सका। यहां किराये के भवन में केंद्र संचालित है।
आग की घटनाओं पर अंकुश पाने को लेकर प्रत्येक तहसील में एक-एक अग्निशमन केंद्र की स्थापना की योजना गति नहीं पकड़ रही है। आलापुर, जलालपुर व अकबरपुर में अग्निशमन केंद्र है। अपने भवन में इसका संचालन हो रहा है। टांडा में जहां किराये के भवन में केंद्र संचालित है तो वहीं भीटी में अब तक स्थापना ही नहीं हो पाई है। नतीजा यह है कि भीटी तहसील क्षेत्र में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अकबरपुर स्थित अग्निशमन केंद्र से टीम को लगभग 25 किमी. की दूरी तय कर जाना पड़ता है। इससे कभी-कभी ऐसा होता है कि जब टीम पहुंचती है तो काफी नुकसान हो चुका होता है।
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इसे देखते हुए वर्ष 2014 में शासन ने तहसील में फायर स्टेशन निर्माण को मंजूरी प्रदान की थी। भवन निर्माण के लिए परसौली गांव में छह हजार वर्ग फुट भूमि का अधिग्रहण भी कर लिया गया। भूमि की रजिस्ट्री भी हो गई। लेकिन शासन से बजट न मिलने से अब तक निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका है। ऐसे में समस्या जस की तस बनी हुई है। इसी प्रकार टांडा के हकीमपुर में भी 2022 में भूमि का अधिग्रहण निर्माण के लिए किया गया। यहां भी बजट के अभाव में निर्माण शुरू नहीं हो सका। ऐसे में यहां इन दिनों यहां नगर नियंत्रण कक्ष से संचालन हो रहा है। स्थानाभाव के चलते यहां भी बेहतर ढंग से फायर स्टेशन का संचालन नहीं हो पा रहा।
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उठाना पड़ता है बड़ा नुकसान
जैतूपुर निवासी विशाल व शिवप्रकाश ने कहा कि फायर स्टेशन न होने से व्यापक मुश्किलें होती हैं। प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा सकी। बीते वर्ष आग की अलग-अलग घटनाओं में गेहूं किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। रामबाबा के भीमसिंह व शंभू ने कहा कि आग लगने पर जब तक अकबरपुर से टीम आती है तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। यदि तहसील क्षेत्र में फायर स्टेशन होता तो इस प्रकार के नुकसान से बचा जा सकता है।
किया जा रहा पत्राचार
भीटी व टांडा में भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। भवन निर्माण के लिए पुलिस महानिदेशक फायर को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। - जेपी सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी