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धरने पर डटे भाकियू कार्यकर्ता
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अंबेडकरनगर। भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ता सुलेमपुर गांव के निकट किसानों व आमजन की विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं। रविवार को भी खराब मौसम के बीच धरने पर डटे कार्यकर्ताओं ने कहा कि एनएच 232 के प्रभावित किसानों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिल सका है।
धान क्रय केंद्रों पर भी लापरवाही बरती जा रही है। केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते किसानों को धान की उपज आढ़तियों के हाथों औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष विनय कुमार वर्मा ने कहा कि एनएच 232 के प्रभावित किसानों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिल सका है। इसके लिए जब भी आवाज बुलंद की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ती। किसान मुआवजे के लिए जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। तहसील अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि जिस प्रकार से किसानों की उपेक्षा की जा रही है, वह अत्यंत चिंताजनक व निंदनीय है।
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रणजीत, रक्षाराम, लक्ष्यराम, मस्तराम, केशवराम, रामजनम, कपिलदेव, रामसरोज, अशोक वर्मा, मयाराम, त्रिभुवन, रामनेवल, रामचंदर, राधेश्याम, राकेश कुमार, हनुमान प्रसाद ने कहा कि धान क्रय केंद्रों पर लापरवाही का माहौल है। कभी ऑफलाइन, तो कभी ऑनलाइन टोकन सिस्टम से खरीद के चलते किसानों को उपज की बिक्री करने में मुश्किलें हो रही हैं।
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धान क्रय केंद्रों पर भी लापरवाही बरती जा रही है। केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते किसानों को धान की उपज आढ़तियों के हाथों औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
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अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष विनय कुमार वर्मा ने कहा कि एनएच 232 के प्रभावित किसानों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिल सका है। इसके लिए जब भी आवाज बुलंद की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ती। किसान मुआवजे के लिए जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। तहसील अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि जिस प्रकार से किसानों की उपेक्षा की जा रही है, वह अत्यंत चिंताजनक व निंदनीय है।
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रणजीत, रक्षाराम, लक्ष्यराम, मस्तराम, केशवराम, रामजनम, कपिलदेव, रामसरोज, अशोक वर्मा, मयाराम, त्रिभुवन, रामनेवल, रामचंदर, राधेश्याम, राकेश कुमार, हनुमान प्रसाद ने कहा कि धान क्रय केंद्रों पर लापरवाही का माहौल है। कभी ऑफलाइन, तो कभी ऑनलाइन टोकन सिस्टम से खरीद के चलते किसानों को उपज की बिक्री करने में मुश्किलें हो रही हैं।