फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Banks could not provide sufficient money due to lack of cash

कैश का टोटा, बैंकों से नहीं निकल सकी पर्याप्त रकम

Thu, 24 Nov 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Thu, 24 Nov 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
Banks could not provide sufficient money due to lack of cash
एसबीआई कृषि शाखा - फोटो : अमर उजाला

नोटबंदी के बाद से बैंकों व एटीएम से धन-निकासी को लेकर उत्पन्न हुई समस्या गुरुवार को भी जारी रही। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के बैंक कैश की कमी से जूझते रहे। इसके चलते ज्यादातर बैंकों से उपभोक्ताओं को पर्याप्त धनराशि नहीं मिल सकी। मात्र दो से चार हजार रुपये ही उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो सका।

विज्ञापन


नतीजतन सहालग के मौसम में आम जन को आवश्यक धनराशि न मिलने से उन्हें समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना किसी तैयारी के ही नोटबंदी का फैसला कतई उचित नहीं था। उधर, गुरुवार को भी एटीएम सेवा उपभोक्ताओं की अपेक्षा पर खरा नहीं उतर सकी। ज्यादातर एटीएम के शटर ही नहीं खुले। जिनके खुले भी, उसमें दोपहर तक धनराशि समाप्त हो गई।
विज्ञापन


 बड़े नोटों पर बैन लगने के बाद जैसे-जैसे समय बीत रहा है, रकम जमा करने वालों की लाइन तो छोटी हो रही है लेकिन धन-निकासी करने वाली लाइन लंबी होती जा रही है। हालांकि कैश की उपलब्धता कम होने के चलते बैंकों से पर्याप्त धनराशि उपभोक्ताओं को उपलब्ध नहीं हो पा रही है। प्रतिदिन की तरह गुरुवार को भी बैंक खुलने से काफी पहले ही धन-निकासी के लिए उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला मुख्यालय स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया, एक्सिस बैंक व एचडीएफसी को छोड़कर अन्य बैंकों में दोपहर होते-होते कैश की कमी होने लगी। नतीजतन शुरुआत में तो इन बैंकों से पांच से 10 हजार रुपये दिया गया लेकिन दोपहर बाद कैश की कमी होने से दो से चार हजार रुपये ही उपभोक्ताओं को दिए गए। बैंक ऑफ बड़ौदा की पूर्वी उत्तर ग्रामीण बैंक शाखाओं में कैश की कमी गुरुवार को भी बनी रही।

ग्रामीण बैंकों से अधिकतम दो हजार रुपये की ही निकासी हो सकी। जलालपुर, भीटी, आलापुर व टांडा तहसील क्षेत्रों के ज्यादातर बैंकों में कैश की कमी होने से उपभोक्ताओं को पर्याप्त धनराशि नहीं मिल सकी। उधर, नोटबंदी के बाद से बेपटरी हुई एटीएम सेवा गुरुवार को भी पटरी पर नहीं आ सकी।

जिला मुख्यालय पर स्टेट बैंक, एचडीएफसी व एक्सिस बैंक के मात्र एक-एक एटीएम से ही धन-निकासी हो सकी लेकिन अन्य बैंकों के एटीएम के शटर नहीं खुल सके। जिन एटीएम से धनराशि निकल भी रही थी, वहां दोपहर बाद रकम समाप्त हो गई। इससे लाइन में उपभोक्ताओं को मायूसी हाथ लगी। बैंक व एटीएम से आवश्यकतानुसार धनराशि न निकलने से उपभोक्ताओं में नाराजगी व्याप्त होने लगी है।

स्टेट बैंक आफ इंडिया की अकबरपुर शाखा में दो हजार रुपये लेकर निकले अकबरपुर के उपभोक्ता रामअकबाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें 10 हजार रुपये की जरूरत थी लेकिन मात्र दो हजार ही मिल सके। बीओबी की अकबरपुर शाखा में लाइन में लगे इम्तियाज हुसैन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे तीन दिन से बैंक का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन आवश्यकतानुसार धनराशि नहीं मिल सकी।


इसी बैंक में लाइन में लगे दिलशाद, सुनील व अभिषेक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नोटबंदी से पहले आवश्यक व्यवस्था पहले ही कर लेनी चाहिए थी। एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार धनराशि मिल सके, इसके लिए उच्चस्तर पर आवश्यक प्रयास चल रहे हैं। कैश की कमी जरूर रही लेकिन शीघ्र ही इसमें सुधार की उम्मीद है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed