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सड़क पर उतरे बैंक कर्मी, 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
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फोटो-5 अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर अपनी मांगों को लेकर पदमार्च करते बैंक कर्मचारी -संवाद
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर गुरुवार को बैंकों के निजीकरण के विरोध में जिले में पहले दिन 12 बैंकों की 100 से अधिक शाखाओं में हड़ताल रहा। इससे लगभग 100 करोड़ से अधिक का लेनदेन कार्य प्रभावित हुआ। हड़ताल न होने की जानकारी के चलते जिला मुख्यालय समेत विभिन्न क्षेत्रों की बैंक शाखाओं में पहुंचे ग्राहकों को निराशा हाथ लगी।
लेनदेन न होने के कारण ग्राहकों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। अकबरपुर नगर के बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर एकजुट विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने पदमार्च किया। कहा कि सरकार जिस तरह से बैंकों का निजीकरण कर रही है, वह चिंताजनक है। आंदोलित बैंक कर्मचारियों ने कहा कि सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर गुरुवार को जिले के विभिन्न बैंक शाखाओं के कर्मचारियों ने दो सरकारी बैंकों के निजीकरण का विरोध किया। राष्ट्रीय आह्वान पर शुरू हुए दो दिवसीय हड़ताल व कार्य बहिष्कार के पहले दिन जिले की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक व पंजाब नेशनल बैंक समेत कुल 12 बैंकों की 100 से अधिक शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
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कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार व हड़ताल के चलते जिले में लगभग 100 करोड़ से अधिक लेनदेन प्रभावित हुआ। विभिन्न बैंकों में पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। अकबरपुर नगर के बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर गुरुवार को विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एकजुट हुए। यहां पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के प्रांतीय उपमहामंत्री आशुतोष सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित किया। कहा कि जिस तेजी के साथ सरकार बैंकों के निजीकरण के कार्य को अंजाम दे रही है, वह चिंताजनक है। सरकार सरकारी बैंकों का निजीकरण करके पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
प्रांतीय उप महामंत्री ने कहा कि अब यह लड़ाई सरकारी दोस्त बनाम सरकारी कर्मचारी की हो गई है। इसके लिए सभी नागरिकों को भी आवाज उठाना चाहिए। यदि इसी तरह सरकारी बैंकों के निजीकरण का कार्य चलता रहा तो आने वाले समय में जहां कर्मचारियों का भविष्य चौपट होगा, वहीं आम जनता को भी इसका खामियाजा भुगतना होगा। कहा कि इसके लिए किसानों व आम नागरिकों का भी समर्थन जुटाया जाएगा। बैंक ऑफ बड़ौदा इम्प्लाइजर के जिला सचिव अरुण कुमार तिवारी ने कहा कि सरकार ऐसा करके लोक तांत्रिक मूल्यों का अपमान कर रही है। कहा कि कर्मचारी सरकार के इस मनमानी को लेकर चुप नहीं बैठेंगे।
कहा कि यदि जल्द ही सरकार ने अपने फैसले को नही बदला तो आंदोलन जारी रहेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा अकबरपुर से दर्जनों की संख्या में कर्मचारियों ने निकलकर पदमार्च किया। पुराने तहसील तिराहा होते हुए शहजादपुर क्षेत्र के विभिन्न बैंकों तक गए और कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। इस मौके पर बैंककर्मी प्रमोद कुमार, आशीष शुक्ल, महेश कुमार, उमेश सिंह, राघवेंद्र, अनिल कुमार, उदयभान सिंह आदि मौजूद रहे।
मायूस होकर लौटे उपभोक्ता
पहितीपुर निवासी अंकुर गौतम गुरुवार को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पहुंचे थे। बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भुगतान के लिए चेक लगाया था। चेक अब तक क्लीयर नहीं हुआ। बैंककर्मियों ने उन्हें पासबुक लेकर आने को कहा था। यहां आने पर पता चला कि हड़ताल के चलते बैंक बंद है। वह प्रयागराज में तैयारी करते हैं। सोचा था कि बैंक का कार्य होने के बाद वह प्रयागराज के लिए निकल जाएंगे, लेकि ऐसा नहीं हो सका। मीरानपुर निवासी झगरू बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में हड़ताल से मायूस दिखे। बताया कि पेंशन की निकासी के लिए पहुंचे थे, लेकिन बैंक बंद होने से कार्य नही हो पाया।
यूनियन बैंक शाखा अकबरपुर पहुंचे सूरापुर के इंद्रजीत भी बैंक बंदी से निराश थे। बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को 10 हजार रुपये देने का वादा किया था, लेकिन बैंक बंद होने के चलते धन निकासी नहीं हो सकी। बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर पहुंचे बरियावन निवासी शशांक शेखर ने बताया कि इन दिनों उनका भवन निर्माण चल रहा है। धन निकासी के लिए बैंक आए थे लेकिन बैंक बंद है। ऐसे में अब उन्हें उधार लेने की मजबूरी है। कई अन्य उपभोक्ताओं ने भी इसी तरह की समस्या गिनाईं। कहा कि हड़ताल की जानकारी न होने के चलते बैंक तक पहुंच गए थे। अब धननिकासी न होने के कारण वापस घर लौटना पड़ रहा है।
आज भी जारी रहेगी हड़ताल
सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मचारी दो दिनी हड़ताल पर हैं। पहले दिन की हड़ताल से विभिन्न बैंक शाखाओं में ठप हुए कामकाज से 100 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। उपभोक्ताओं को मुश्किल न हो इसके लिए सूचना जारी कर दी गई है। - आशीष सिंह, एलडीएम
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लेनदेन न होने के कारण ग्राहकों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। अकबरपुर नगर के बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर एकजुट विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने पदमार्च किया। कहा कि सरकार जिस तरह से बैंकों का निजीकरण कर रही है, वह चिंताजनक है। आंदोलित बैंक कर्मचारियों ने कहा कि सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
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यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर गुरुवार को जिले के विभिन्न बैंक शाखाओं के कर्मचारियों ने दो सरकारी बैंकों के निजीकरण का विरोध किया। राष्ट्रीय आह्वान पर शुरू हुए दो दिवसीय हड़ताल व कार्य बहिष्कार के पहले दिन जिले की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक व पंजाब नेशनल बैंक समेत कुल 12 बैंकों की 100 से अधिक शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
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कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार व हड़ताल के चलते जिले में लगभग 100 करोड़ से अधिक लेनदेन प्रभावित हुआ। विभिन्न बैंकों में पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। अकबरपुर नगर के बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर गुरुवार को विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एकजुट हुए। यहां पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के प्रांतीय उपमहामंत्री आशुतोष सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित किया। कहा कि जिस तेजी के साथ सरकार बैंकों के निजीकरण के कार्य को अंजाम दे रही है, वह चिंताजनक है। सरकार सरकारी बैंकों का निजीकरण करके पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
प्रांतीय उप महामंत्री ने कहा कि अब यह लड़ाई सरकारी दोस्त बनाम सरकारी कर्मचारी की हो गई है। इसके लिए सभी नागरिकों को भी आवाज उठाना चाहिए। यदि इसी तरह सरकारी बैंकों के निजीकरण का कार्य चलता रहा तो आने वाले समय में जहां कर्मचारियों का भविष्य चौपट होगा, वहीं आम जनता को भी इसका खामियाजा भुगतना होगा। कहा कि इसके लिए किसानों व आम नागरिकों का भी समर्थन जुटाया जाएगा। बैंक ऑफ बड़ौदा इम्प्लाइजर के जिला सचिव अरुण कुमार तिवारी ने कहा कि सरकार ऐसा करके लोक तांत्रिक मूल्यों का अपमान कर रही है। कहा कि कर्मचारी सरकार के इस मनमानी को लेकर चुप नहीं बैठेंगे।
कहा कि यदि जल्द ही सरकार ने अपने फैसले को नही बदला तो आंदोलन जारी रहेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा अकबरपुर से दर्जनों की संख्या में कर्मचारियों ने निकलकर पदमार्च किया। पुराने तहसील तिराहा होते हुए शहजादपुर क्षेत्र के विभिन्न बैंकों तक गए और कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। इस मौके पर बैंककर्मी प्रमोद कुमार, आशीष शुक्ल, महेश कुमार, उमेश सिंह, राघवेंद्र, अनिल कुमार, उदयभान सिंह आदि मौजूद रहे।
मायूस होकर लौटे उपभोक्ता
पहितीपुर निवासी अंकुर गौतम गुरुवार को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पहुंचे थे। बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भुगतान के लिए चेक लगाया था। चेक अब तक क्लीयर नहीं हुआ। बैंककर्मियों ने उन्हें पासबुक लेकर आने को कहा था। यहां आने पर पता चला कि हड़ताल के चलते बैंक बंद है। वह प्रयागराज में तैयारी करते हैं। सोचा था कि बैंक का कार्य होने के बाद वह प्रयागराज के लिए निकल जाएंगे, लेकि ऐसा नहीं हो सका। मीरानपुर निवासी झगरू बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में हड़ताल से मायूस दिखे। बताया कि पेंशन की निकासी के लिए पहुंचे थे, लेकिन बैंक बंद होने से कार्य नही हो पाया।
यूनियन बैंक शाखा अकबरपुर पहुंचे सूरापुर के इंद्रजीत भी बैंक बंदी से निराश थे। बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को 10 हजार रुपये देने का वादा किया था, लेकिन बैंक बंद होने के चलते धन निकासी नहीं हो सकी। बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर पहुंचे बरियावन निवासी शशांक शेखर ने बताया कि इन दिनों उनका भवन निर्माण चल रहा है। धन निकासी के लिए बैंक आए थे लेकिन बैंक बंद है। ऐसे में अब उन्हें उधार लेने की मजबूरी है। कई अन्य उपभोक्ताओं ने भी इसी तरह की समस्या गिनाईं। कहा कि हड़ताल की जानकारी न होने के चलते बैंक तक पहुंच गए थे। अब धननिकासी न होने के कारण वापस घर लौटना पड़ रहा है।
आज भी जारी रहेगी हड़ताल
सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मचारी दो दिनी हड़ताल पर हैं। पहले दिन की हड़ताल से विभिन्न बैंक शाखाओं में ठप हुए कामकाज से 100 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। उपभोक्ताओं को मुश्किल न हो इसके लिए सूचना जारी कर दी गई है। - आशीष सिंह, एलडीएम