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अम्बेडकरनगर: 94 लाख से 11 आंगनबाड़ी केंद्र बनकर तैयार
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अंबेडकरनगर। सभी नौ विकास खंडों में करीब 94 लाख की लागत से 11 आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। जल्द ही बाल विकास विभाग इनका कब्जा लेने की तैयारी में है। आंगनबाड़ी को अपना भवन मिल जाने से करीब 25 हजार आबादी को सरकार की विभिन्न योजनाओं का सुचारु लाभ मिलेगा।
जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं व बच्चों को सरकार की योजनाओं का लाभ देने के लिए 2551 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन पर मौजूदा समय में 2,83,000 से अधिक महिलाएं व बच्चे पंजीकृत हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं व बच्चों को प्रतिमाह पौष्टिक आहर उपलब्ध कराया जाता है।
आंगनबाड़ी केंद्र को भवन का लाभ दिलाने के लिए बीते दिनों विभाग ने 65 केंद्रों की सूची शासन को भेजी थी। इनमें से 11 के निर्माण के लिए शासन ने हरी झंडी दी थी। प्रत्येक के निर्माण के लिए 8.52 लाख रुपये की स्वीकृति मिली। 93,72,000 रुपये की लागत से कार्यदायी संस्था ने अधिकांश का निर्माण पूरा करा दिया है। ऐसे में अब विभाग इसे हैंडओवर की तैयारी में है।
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इनका लगभग पूरा हुआ निर्माण कार्यदायी संस्था ने भीटी विकास खंड के बौरे, भियांव के जगदीशपुर कपिलेश्वर, बसखारी के टड़वा धारूपुर, रामनगर में धर्मपुर करमैतेपुर, कटेहरी में रासलपारा रग्घुपट्टी, घरवासपुर चौबे, जलालपुर में हासिमपुर जिंदासपुर, टांडा में अशरफपुुर, गोवर्धनपुर, जहांगीरगंज में नरियांव तथा अकबरपुर में कोटवा महमदपुर में निर्माण लगभग पूरा कर लिया है। इसमें दो कमरे के अलावा एक हाल का निर्माण कराया गया है।
अभी 2119 आंगनबाड़ी केंद्रों को अभी अपना निजी भवन मिलने का इंतजार है। इसमें नगरीय क्षेत्र में संचालित 29 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में चल रहे हैं। जबकि शेष अन्य पंचायत भवन, परिषदीय स्कूल आदि स्थानों पर चल रहे हैं। 421 के पास अपना भवन है। फिलहाल आने वाले दिनों में 11 केंद्रों को अपना भवन मिल जाने से इनकी संख्या 432 हो जाएगी।
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जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं व बच्चों को सरकार की योजनाओं का लाभ देने के लिए 2551 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन पर मौजूदा समय में 2,83,000 से अधिक महिलाएं व बच्चे पंजीकृत हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं व बच्चों को प्रतिमाह पौष्टिक आहर उपलब्ध कराया जाता है।
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आंगनबाड़ी केंद्र को भवन का लाभ दिलाने के लिए बीते दिनों विभाग ने 65 केंद्रों की सूची शासन को भेजी थी। इनमें से 11 के निर्माण के लिए शासन ने हरी झंडी दी थी। प्रत्येक के निर्माण के लिए 8.52 लाख रुपये की स्वीकृति मिली। 93,72,000 रुपये की लागत से कार्यदायी संस्था ने अधिकांश का निर्माण पूरा करा दिया है। ऐसे में अब विभाग इसे हैंडओवर की तैयारी में है।
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इनका लगभग पूरा हुआ निर्माण कार्यदायी संस्था ने भीटी विकास खंड के बौरे, भियांव के जगदीशपुर कपिलेश्वर, बसखारी के टड़वा धारूपुर, रामनगर में धर्मपुर करमैतेपुर, कटेहरी में रासलपारा रग्घुपट्टी, घरवासपुर चौबे, जलालपुर में हासिमपुर जिंदासपुर, टांडा में अशरफपुुर, गोवर्धनपुर, जहांगीरगंज में नरियांव तथा अकबरपुर में कोटवा महमदपुर में निर्माण लगभग पूरा कर लिया है। इसमें दो कमरे के अलावा एक हाल का निर्माण कराया गया है।
अभी 2119 आंगनबाड़ी केंद्रों को अभी अपना निजी भवन मिलने का इंतजार है। इसमें नगरीय क्षेत्र में संचालित 29 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में चल रहे हैं। जबकि शेष अन्य पंचायत भवन, परिषदीय स्कूल आदि स्थानों पर चल रहे हैं। 421 के पास अपना भवन है। फिलहाल आने वाले दिनों में 11 केंद्रों को अपना भवन मिल जाने से इनकी संख्या 432 हो जाएगी।