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9 बच्चों की हालत फिर बिगड़ी,भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Thu, 23 Mar 2017 01:09 AM IST
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बसखारी थाना अंतर्गत जूनियर हाईस्कूल दुर्गीपुर फैजुल्लाहपुर में जंगली पौधे केवाच की चपेट में आने से प्रभावित हुए जिन 48 छात्र छात्राओं को बसखारी सीएचसी में उपचार कर घर भेज दिया गया था, उनमें से नौ बच्चों की हालत फिर से बिगड़ गई।
इनमें से पांच बच्चे अपने घर से अभिभावकों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे, जबकि चार बच्चे स्कूल जाने के बाद असहज महसूस करने पर जिला अस्पताल लाए गए। सभी नौ छात्र छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। चिकित्सक लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं।
बीते मंगलवार को जूनियर हाईस्कूल दुर्गीपुर फैजुल्लाहपुर में परीक्षा देने के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक के बाद एक कर 48 बच्चों को खजुली होने लगी। इनमें से कुछ हालत इतनी बिगड़ी कि उनमें से कुछ विद्यालय में ही अचेत से हो गए।
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आनन फानन में सभी 48 प्रभावित बच्चों को सीएचसी बसखारी में भर्ती कराया गया था। इस बीच बुधवार सुबह एक बार फिर से विद्यालय पहुंचे चार छात्र-छात्राओं कीर्ति (13) पुत्री मनोज कुमार, रुचि (13) पुत्री खुशीराम, शशि (12) पुत्री रामअचल व प्रीति (14) पुत्री हरीलाल की तबियत फिर से खराब हो गई।
उनके पूरे शरीर में खुजली होने लगी। सूचना पर पहुंचे अभिभावकों ने प्रभावित छात्र छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा मंगलवार को प्रभावित हुए 48 छात्र छात्राओं में से पांच छात्र छात्राओं शब्बो (14) पुत्री रशीद, रितिका (11) पुत्री उमेशचंद्र, अनुराधा (12) पुत्री उमेशचंद्र, महिमा (12) पुत्र जैसराज व काजल (11) पुत्री रामसागर की तबियत बुधवार को उनके घर पर फिर से बिगड़ने लगी।
खुजली व दर्द की शिकायत पर परिवारीजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और उन्हें यहां भर्ती करा दिया। सीएमएस डा. केएस पाण्डेय ने बताया कि सभी छात्र छात्राओं की स्थिति सामान्य है।
इस मामले में प्रभावित छात्र छात्राओं के अभिभावक मनोज कुमार, खुशीराम, उमेशचंद्र, जैसराज, रामअचल व हरीलाल ने जिला अस्पताल में कहा कि प्रशासन जिस पौधे को केवाच बता रहा है, उसकी जांच कराई जाए।
बीएसए जेएन सिंह ने बताया प्राथमिक विद्यालय दुर्गीपुर फैजुल्लाहपुर में मंगलवार को छात्र छात्राओं की जो तबियत बिगड़ी थी, उसकी जांच कराई जा रही है। रामनगर के खण्ड शिक्षा अधिकारी सुनील यादव पूरे मामले की जल्द ही विस्तृत जांच रिपोर्ट देंगे।
फिलहाल प्राथमिक तौर पर केवाच के पौधे से ही बच्चों की तबियत बिगड़ने का मामला सामने आया है।
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इनमें से पांच बच्चे अपने घर से अभिभावकों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे, जबकि चार बच्चे स्कूल जाने के बाद असहज महसूस करने पर जिला अस्पताल लाए गए। सभी नौ छात्र छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। चिकित्सक लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं।
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बीते मंगलवार को जूनियर हाईस्कूल दुर्गीपुर फैजुल्लाहपुर में परीक्षा देने के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक के बाद एक कर 48 बच्चों को खजुली होने लगी। इनमें से कुछ हालत इतनी बिगड़ी कि उनमें से कुछ विद्यालय में ही अचेत से हो गए।
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आनन फानन में सभी 48 प्रभावित बच्चों को सीएचसी बसखारी में भर्ती कराया गया था। इस बीच बुधवार सुबह एक बार फिर से विद्यालय पहुंचे चार छात्र-छात्राओं कीर्ति (13) पुत्री मनोज कुमार, रुचि (13) पुत्री खुशीराम, शशि (12) पुत्री रामअचल व प्रीति (14) पुत्री हरीलाल की तबियत फिर से खराब हो गई।
उनके पूरे शरीर में खुजली होने लगी। सूचना पर पहुंचे अभिभावकों ने प्रभावित छात्र छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा मंगलवार को प्रभावित हुए 48 छात्र छात्राओं में से पांच छात्र छात्राओं शब्बो (14) पुत्री रशीद, रितिका (11) पुत्री उमेशचंद्र, अनुराधा (12) पुत्री उमेशचंद्र, महिमा (12) पुत्र जैसराज व काजल (11) पुत्री रामसागर की तबियत बुधवार को उनके घर पर फिर से बिगड़ने लगी।
खुजली व दर्द की शिकायत पर परिवारीजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और उन्हें यहां भर्ती करा दिया। सीएमएस डा. केएस पाण्डेय ने बताया कि सभी छात्र छात्राओं की स्थिति सामान्य है।
इस मामले में प्रभावित छात्र छात्राओं के अभिभावक मनोज कुमार, खुशीराम, उमेशचंद्र, जैसराज, रामअचल व हरीलाल ने जिला अस्पताल में कहा कि प्रशासन जिस पौधे को केवाच बता रहा है, उसकी जांच कराई जाए।
बीएसए जेएन सिंह ने बताया प्राथमिक विद्यालय दुर्गीपुर फैजुल्लाहपुर में मंगलवार को छात्र छात्राओं की जो तबियत बिगड़ी थी, उसकी जांच कराई जा रही है। रामनगर के खण्ड शिक्षा अधिकारी सुनील यादव पूरे मामले की जल्द ही विस्तृत जांच रिपोर्ट देंगे।
फिलहाल प्राथमिक तौर पर केवाच के पौधे से ही बच्चों की तबियत बिगड़ने का मामला सामने आया है।