{"_id":"6373dc7a18c87e68d23ca7b3","slug":"387-potholes-on-ten-km-long-ring-road-in-akbarpur-nagar-ambedkar-nagar-news-lko6573347135","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकबरपुर नगर में दस किमी लंबे रिंग रोड पर 387 गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकबरपुर नगर में दस किमी लंबे रिंग रोड पर 387 गड्ढे
विज्ञापन
अंबेडकरनगर के रायबरेली एनएच पर बने गड्ढे। -संवाद
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय के बाहरी हिस्से में बना नेशनल हाईवे पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो गया है। अकबरपुर नगर के बाहर लगभग दस किलोमीटर हिस्से में रिंगरोड का काम करने वाले इस राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर बने छोटे बड़े 387 गड्ढों से चलना तक दुश्वार बना है। वैसे तो टांडा से लेकर महरुआ होते हुए कटका तक पूरा एनएच जर्जर व बदहाल पड़ा है लेकिन शहर के बाहर का हिस्सा इससे सबसे ज्यादा प्रभावित दिखता है।
टांडा से लेकर रायबरेली तक जाने वाले नेशनल हाईवे के निर्माण में बरती गई लापरवाही इस रास्ते पर चलने वाले यात्रियों पर भारी पड़ रही है। घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल से सड़क जगह जगह उखड़ गई है। महरुआ से लेकर सुल्तानपुर जनपद के सेमरी होते हुए कटका तक सड़क की इस बदहाली को जगह-जगह बने गड्ढे और बढ़ा रहे हैं।
महरुआ से अकबरपुर नगर तथा अकबरपुर से टांडा तक की सड़क भी जगह-जगह उखड़ कर खस्ताहाल हो चुकी है। इससे वाहन सवारों के साथ ही पैदल आवागमन तक में सभी को परेशानी उठानी पड़ती है। सबसे ज्यादा परेशानी तो अकबरपुर नगर के बाहर से होकर बने इस नेशनल हाईवे पर चलने के दौरान हो रही है।
विज्ञापन
नेशनल हाईवे का निर्माण नगर के बाहर रिंग रोड के तौर पर कराया गया है। अकबरपुर टांडा मार्ग पर कटरिया याकूबपुर के निकट से नेशनल हाइवे को शहर के बाहर से मोड़ दिया गया है। यहां से यह नेशनल हाइवे अकबरपुर जलालपुर, अकबरपुर मालीपुर तथा अकबरपुर दोस्तपुर मुख्य मार्ग को पार करता हुआ अकबरपुर महरुआ मार्ग पर भिखारीपुर तक रिंग रोड के तौर पर प्रयोग में आता है। कटरिया याकूबपुर से लेकर भिखारीपुर तक नेशनल हाइवे का यह हिस्सा लगभग कदम कदम पर गड्ढों में तब्दील है।
हादसे का सबब बन रहे एप्रोच मार्ग
नेशनल हाईवेे पर अकबरपुर नगर के बाहर के हिस्से में दो ओवरब्रिज बने हैं। इसकी मदद से ही स्थानीय नागरिक व बाहरी यात्री नेशनल हाइवे का इस्तेमाल आवागमन में बेहतर ढंग से कर पाते हैं। लापरवाही के चलते नगर के बसखारी मार्ग पर नेशनल हाईवे तक जाने के लिए एप्रोच मार्ग का निर्माण ही नहीं हुआ है। ऊबड़ खाबड़ गड्ढे से होकर छोटे बड़े वाहन बमुश्किल नेशनल हाइवे तक पहुंच पाते हैं। दूसरा ओवरब्रिज मालीपुर रोड पर बना है। यहां भी एप्रोच मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया। इसके चलते यहां भी गहरे गड्ढों से होकर वाहनों को आना जाना पड़ रहा है। इन दोनों एप्रोच मार्ग पर कई बार वाहन पलट चुके हैं।
इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को एक पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि राजमार्ग की खराबी से अगर कोई हादसा होता है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी उनकी होगी। हाईवे पर बने गड्ढों को दुरुस्त बनाने के लिए एक बार फिर से पत्र भेजा जाएगा।
सैमुअल पॉल एन, डीएम
विज्ञापन
टांडा से लेकर रायबरेली तक जाने वाले नेशनल हाईवे के निर्माण में बरती गई लापरवाही इस रास्ते पर चलने वाले यात्रियों पर भारी पड़ रही है। घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल से सड़क जगह जगह उखड़ गई है। महरुआ से लेकर सुल्तानपुर जनपद के सेमरी होते हुए कटका तक सड़क की इस बदहाली को जगह-जगह बने गड्ढे और बढ़ा रहे हैं।
विज्ञापन
महरुआ से अकबरपुर नगर तथा अकबरपुर से टांडा तक की सड़क भी जगह-जगह उखड़ कर खस्ताहाल हो चुकी है। इससे वाहन सवारों के साथ ही पैदल आवागमन तक में सभी को परेशानी उठानी पड़ती है। सबसे ज्यादा परेशानी तो अकबरपुर नगर के बाहर से होकर बने इस नेशनल हाईवे पर चलने के दौरान हो रही है।
विज्ञापन
नेशनल हाईवे का निर्माण नगर के बाहर रिंग रोड के तौर पर कराया गया है। अकबरपुर टांडा मार्ग पर कटरिया याकूबपुर के निकट से नेशनल हाइवे को शहर के बाहर से मोड़ दिया गया है। यहां से यह नेशनल हाइवे अकबरपुर जलालपुर, अकबरपुर मालीपुर तथा अकबरपुर दोस्तपुर मुख्य मार्ग को पार करता हुआ अकबरपुर महरुआ मार्ग पर भिखारीपुर तक रिंग रोड के तौर पर प्रयोग में आता है। कटरिया याकूबपुर से लेकर भिखारीपुर तक नेशनल हाइवे का यह हिस्सा लगभग कदम कदम पर गड्ढों में तब्दील है।
हादसे का सबब बन रहे एप्रोच मार्ग
नेशनल हाईवेे पर अकबरपुर नगर के बाहर के हिस्से में दो ओवरब्रिज बने हैं। इसकी मदद से ही स्थानीय नागरिक व बाहरी यात्री नेशनल हाइवे का इस्तेमाल आवागमन में बेहतर ढंग से कर पाते हैं। लापरवाही के चलते नगर के बसखारी मार्ग पर नेशनल हाईवे तक जाने के लिए एप्रोच मार्ग का निर्माण ही नहीं हुआ है। ऊबड़ खाबड़ गड्ढे से होकर छोटे बड़े वाहन बमुश्किल नेशनल हाइवे तक पहुंच पाते हैं। दूसरा ओवरब्रिज मालीपुर रोड पर बना है। यहां भी एप्रोच मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया। इसके चलते यहां भी गहरे गड्ढों से होकर वाहनों को आना जाना पड़ रहा है। इन दोनों एप्रोच मार्ग पर कई बार वाहन पलट चुके हैं।
इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को एक पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि राजमार्ग की खराबी से अगर कोई हादसा होता है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी उनकी होगी। हाईवे पर बने गड्ढों को दुरुस्त बनाने के लिए एक बार फिर से पत्र भेजा जाएगा।
सैमुअल पॉल एन, डीएम