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Ambedkar Nagar News: 304 हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर लटका ताला, इलाज प्रभावित
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हेल्थ वेलनेस सेंटर जमुनीपुर। -संवाद
अंबेडकरनगर। ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कराने की व्यवस्था के विरोध व नियमित किए जाने की मांग को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की हड़ताल से 304 हेल्थ वेलनेस सेंटर पर ताला लटक गया। शुक्रवार को सेंटरों पर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को मायूस लौटना पड़ा तो वहीं टेली मेडिसिन व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप हो गई।
अलग-अलग मांग को लेकर सीएचओ के आंदोलन से जिले में स्वास्थ्य सेवा प्रभावित होने लगी हैं। मालूम हो कि जिले में 304 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। इसमें 274 सीएचओ की तैनाती है। हेल्थ वेलनेस सेंटर पर सामान्य मरीजों का इलाज होता है और आवश्यकतानुसार दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा गंभीर मरीजों का इलाज टेली मेडिसिन व्यवस्था के तहत इलाज कराया जाता है। मांगों को लेकर लखनऊ में चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जिले के लगभग सभी सीएचओ शुक्रवार को लखनऊ चले गए।
नतीजा यह हुआ कि सभी हेल्थ वेलनेस सेंटर पर ताला लटक गया। जो इक्कादुक्का सीएचओ जिले में थे भी तो वह भी सेंटर पर नहीं पहुंचे। नतीजा यह रहा कि संबंधित हेल्थ वेलनेस सेंटर पर पहुंचे मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। सीएचओ के सेंटर पर न बैठने का नतीजा रहा कि इससे टेली मेडिसिन सेवा भी शुक्रवार को पूरी तरह से ठप रही। जिला अस्पताल में स्थित टेली मेडिसिन कक्ष में चिकित्सक तो मौजूद रहे लेकिन कोई भी ऑनलाइन कॉल नहीं हुई। मालूम हो कि प्रतिदिन टेली मेडिसिन व्यवस्था के तहत औसतन 75 मरीजों का इलाज किया जाता है।
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जारी रहेगा आंदोलन, सीएमओ को सौंपा ज्ञापन
एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर्स के प्रांतीय आह्वान पर चल रहे आंदोलन के बीच शुक्रवार को जिलाध्यक्ष दिनेश यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कहा गया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराए जाने की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। जिन सीएचओ का कार्यकाल छह वर्ष हो चुका है उन्हें नियमित किया जाए। 4800 रुपये ग्रेड पे दिया जाए। इसके साथ ही महंगाई भत्ता भी दिया जाए। कहा गया कि यदि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू करनी ही है तो सभी स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी इसे लागू किया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान विकास गुप्ता, अलताफ अली, अंशिका राज, बिपिन, सत्यम, अशोक कुमार, अजय सुमंत आदि मौजूद रहे।
होगी कार्रवाई
सभी सीएचओ को निर्देशित किया गया है कि वे काम पर वापस लौटें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राजकुमार, सीएमओ
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अलग-अलग मांग को लेकर सीएचओ के आंदोलन से जिले में स्वास्थ्य सेवा प्रभावित होने लगी हैं। मालूम हो कि जिले में 304 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। इसमें 274 सीएचओ की तैनाती है। हेल्थ वेलनेस सेंटर पर सामान्य मरीजों का इलाज होता है और आवश्यकतानुसार दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा गंभीर मरीजों का इलाज टेली मेडिसिन व्यवस्था के तहत इलाज कराया जाता है। मांगों को लेकर लखनऊ में चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जिले के लगभग सभी सीएचओ शुक्रवार को लखनऊ चले गए।
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नतीजा यह हुआ कि सभी हेल्थ वेलनेस सेंटर पर ताला लटक गया। जो इक्कादुक्का सीएचओ जिले में थे भी तो वह भी सेंटर पर नहीं पहुंचे। नतीजा यह रहा कि संबंधित हेल्थ वेलनेस सेंटर पर पहुंचे मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। सीएचओ के सेंटर पर न बैठने का नतीजा रहा कि इससे टेली मेडिसिन सेवा भी शुक्रवार को पूरी तरह से ठप रही। जिला अस्पताल में स्थित टेली मेडिसिन कक्ष में चिकित्सक तो मौजूद रहे लेकिन कोई भी ऑनलाइन कॉल नहीं हुई। मालूम हो कि प्रतिदिन टेली मेडिसिन व्यवस्था के तहत औसतन 75 मरीजों का इलाज किया जाता है।
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जारी रहेगा आंदोलन, सीएमओ को सौंपा ज्ञापन
एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर्स के प्रांतीय आह्वान पर चल रहे आंदोलन के बीच शुक्रवार को जिलाध्यक्ष दिनेश यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कहा गया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराए जाने की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। जिन सीएचओ का कार्यकाल छह वर्ष हो चुका है उन्हें नियमित किया जाए। 4800 रुपये ग्रेड पे दिया जाए। इसके साथ ही महंगाई भत्ता भी दिया जाए। कहा गया कि यदि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू करनी ही है तो सभी स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी इसे लागू किया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान विकास गुप्ता, अलताफ अली, अंशिका राज, बिपिन, सत्यम, अशोक कुमार, अजय सुमंत आदि मौजूद रहे।
होगी कार्रवाई
सभी सीएचओ को निर्देशित किया गया है कि वे काम पर वापस लौटें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राजकुमार, सीएमओ