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रात भर अंधेरे में रही 30 हजार की आबादी
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Fri, 19 Jun 2015 11:11 PM IST
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तमाम प्रयास के बाद शुक्रवार सुबह दस बजे ापूर्ति बहाल हो सकी। उधर नगर के अन्य हिस्सों में भी पूरी रात बिजली की आवाजाही लगी रही। रमजान का पहले ही दिन रोजेदारों को भी खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
विद्युत आपूर्ति को लेकर पावर कॉर्पोरेशन लगातार उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। रमजान पर सभी को उम्मीद थी कि एक माह तक तो विद्युत आपूर्ति सामान्य ढंग से मिलती रहेगी। इसकी उम्मीद भी तब जगी जब नए रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति का आदेश निर्गत कर दिया गया।
इसमें शहरी क्षेत्र में शाम छह से लेकर अगले दिन सुब पांच बजे तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति का समय निर्धारित किया गया था। गुरुवार को पहले दिन उपभोक्ताओं को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलना था। इसे लेकर उपभोक्ता भी खासे उत्साहित थे। इससे पहले रात नौ बजे से 12 बजे तक तो कटौती होती ही थी।
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शाम छह से नौ बजे तक भी कम से कम दो बार आपूर्ति में व्यवधान पड़ता था। गुरुवार को पहले ही दिन पावर कॉर्पोरेशन की नई व्यवस्था छिन्नभिन्न हो गई। जिला मुख्यालय को जिस मरैला विद्युत उपकेंद्र व टाउन विद्युत उपकेंद्र से बिजली मिलती है, उन दोनों ही उपकेंद्र के क्षेत्र में शाम छह बजे से विद्युत ट्रिपिंग का दौर चलता रहा।
रात दस बजे से पहले ही मरैला के निकट एक पेड़ विद्युत लाइन पर गिर जाने के चलते जिला मुख्यालय के कई मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति अचानक ठप पड़ गई। कुछ देर तक इंतजार के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो उपभोक्ताओं के फोन घनघनाने लगे।
आधी रात के बाद तक जब बिजली नहीं आई, तो मुश्किलें और बढ़ने लगीं। तेज गर्मी व उमस के बीच रात बीतना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। किसी तरह पूरी रात लगभग 30 हजार की आबादी ने अंधेरे व गर्मी के बीच बिताई। सुबह भी आपूर्ति बहाल न हो पाने से पेयजल आपूर्ति के संकट से भी सैकड़ों परिवारों को जूझना पड़ा।
नहाने व अन्य कार्यों के लिए तो पानी फिर भी मिल गया, लेकिन पेयजल के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत रही। शुक्रवार दस बजे के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हुई, तो जाकर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। उधर टाउन उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को भी रात में कई बार बाधित विद्युत आपूर्ति का सामना करना पड़ा। रातभर आपूर्ति बहाल रखने के निर्देशों के बीच इससे संबंधित क्षेत्रों में भी तीन से चार बार काफी देर देर तक के लिए कटौती हुई।
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विद्युत आपूर्ति को लेकर पावर कॉर्पोरेशन लगातार उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। रमजान पर सभी को उम्मीद थी कि एक माह तक तो विद्युत आपूर्ति सामान्य ढंग से मिलती रहेगी। इसकी उम्मीद भी तब जगी जब नए रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति का आदेश निर्गत कर दिया गया।
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इसमें शहरी क्षेत्र में शाम छह से लेकर अगले दिन सुब पांच बजे तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति का समय निर्धारित किया गया था। गुरुवार को पहले दिन उपभोक्ताओं को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलना था। इसे लेकर उपभोक्ता भी खासे उत्साहित थे। इससे पहले रात नौ बजे से 12 बजे तक तो कटौती होती ही थी।
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शाम छह से नौ बजे तक भी कम से कम दो बार आपूर्ति में व्यवधान पड़ता था। गुरुवार को पहले ही दिन पावर कॉर्पोरेशन की नई व्यवस्था छिन्नभिन्न हो गई। जिला मुख्यालय को जिस मरैला विद्युत उपकेंद्र व टाउन विद्युत उपकेंद्र से बिजली मिलती है, उन दोनों ही उपकेंद्र के क्षेत्र में शाम छह बजे से विद्युत ट्रिपिंग का दौर चलता रहा।
रात दस बजे से पहले ही मरैला के निकट एक पेड़ विद्युत लाइन पर गिर जाने के चलते जिला मुख्यालय के कई मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति अचानक ठप पड़ गई। कुछ देर तक इंतजार के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो उपभोक्ताओं के फोन घनघनाने लगे।
आधी रात के बाद तक जब बिजली नहीं आई, तो मुश्किलें और बढ़ने लगीं। तेज गर्मी व उमस के बीच रात बीतना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। किसी तरह पूरी रात लगभग 30 हजार की आबादी ने अंधेरे व गर्मी के बीच बिताई। सुबह भी आपूर्ति बहाल न हो पाने से पेयजल आपूर्ति के संकट से भी सैकड़ों परिवारों को जूझना पड़ा।
नहाने व अन्य कार्यों के लिए तो पानी फिर भी मिल गया, लेकिन पेयजल के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत रही। शुक्रवार दस बजे के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हुई, तो जाकर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। उधर टाउन उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को भी रात में कई बार बाधित विद्युत आपूर्ति का सामना करना पड़ा। रातभर आपूर्ति बहाल रखने के निर्देशों के बीच इससे संबंधित क्षेत्रों में भी तीन से चार बार काफी देर देर तक के लिए कटौती हुई।