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टिकट कटते ही सांसद हरिओम ने दिखाया बागी रुख

Mon, 15 Apr 2019 10:47 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2019 10:47 PM IST
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टिकट कटते ही सांसद हरिओम ने दिखाया बागी रुख
टिकट कटते ही सांसद हरिओम ने दिखाए बगावती तेवर
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अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव में टिकट कटते ही सांसद हरिओम पांडेय का दर्द खुलकर सामने आ गया है। सोमवार शाम उनका एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने पार्टी पर कई गंभीर व आपत्तिजनक आरोप जड़ दिए।


कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से यदि पीएम बन जाएं, तो उनकी शुभकामना है, लेकिन जिस तरह से यूपी की उनकी कैबिनेट व कोर कमेटी जिस तरह से काम कर रही है, उसके चलते समूचे पूर्वांचल में वाराणसी को छोड़ भाजपा कोई और सीट नहीं जीतने जा रही। आरोप लगाया कि संगठन महासचिव सुनील बंसल की गणेश परिक्रमा न करने के चलते ही उनका टिकट कटा है।
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सोमवार अपराह्न भाजपा ने अंबेडकरनगर संसदीय सीट से बहराइच निवासी व प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा को टिकट देने की घोषणा की। इसके कुछ देर बाद ही भाजपा सांसद हरिओम पांडेय का एक ऑडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया।
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इसमें उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। कहा कि समूचे प्रदेश में ब्राह्मण वर्ग का अपमान हो रहा है। ब्राह्मणों की हत्या हो रही है। कहीं कोई सुनवाई नहीं है। आम ब्राह्मण ये सब देख रहा है। ब्राह्मणों के साथ ही पार्टी में दलितों की भी सुनवाई कहीं नहीं है।


उम्र का हवाला देकर कलराज मिश्र, मुरली मनोहर जोशी व सुमित्रा महाजन जैसे नेताओं का टिकट काट दिया गया मगर कई अन्य वर्ग के ऐसे नेताओं पर ये सिद्धांत लागू नहीं किया जाता।


इसका खामियाजा भाजपा को समूचे पूर्वांचल में भुगतना पड़ेगा। ऑडियो में हरिओम पांडेय कह रहे हैं कि वाराणसी सीट को छोड़ दिया जाए, तो बाराबंकी से लेकर आसपास के जिलों व समूचे पूर्वांचल में कोई और सीट भाजपा जीतने नहीं जा रही है।


पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी में मोदी जी की जो कैबिनेट काम कर रही है और जो कोर कमेटी है, वह बिकी हुई है। बसपा के एक पूर्व सांसद से मिलीभगत कर ही ये टिकट दिया गया है, जिससे उन्हें चुनाव में फायदा हो जाए।


ऑडियो में हरिओम पांडेय कह रहे हैं कि मेरे पास भी टिकट खरीदने का पैसा होता या कुछ और उपलब्ध कराने (आपत्तिजनक आरोप) की हैसियत होती, तो मुझे भी टिकट मिल जाता। मैं काम करने में विश्वास करता रहा, जबकि दूसरे लोग गणेश परिक्रमा व भ्रष्टाचार में जुटे रहे। कहा कि मैंने संगठन महासचिव सुनील बंसल की परिक्रमा नहीं की। ऐसा करता, तो मेरा भी टिकट न कटता।


ऑडियो में हरिओम पांडेय कह रहे हैं कि अंबेडकरनगर जिले में कुर्मी वर्ग के बड़े नेता विनय कटियार चुनाव लड़ने आए थे। मगर जनता ने उन्हें पसंद नहीं किया। भाजपा में विनय कटियार से बड़े कुर्मी नेता नहीं हैं मुकुट बिहारी। कुर्मीवाद को ही बढ़ावा देना था, तो जिले के किसी नेता को टिकट देना चाहिए था।


स्थानीय लोगों ने जो मेहनत की है, उन्हें उसका हक मिलना चाहिए। बाहरी लोगों को लाकर चुनाव लड़ाने का क्या औचित्य है। फर्जी आंकड़ों के आधार पर उन्हें यहां लाया गया है। ऐसे लोगों को पता ही नहीं कि अंबेडकरनगर संसदीय सीट पर जातीय आंकड़ा क्या है।


सांसद हरिओम पांडेय ने कहा कि वे अभी इस मामले में कोई अपील नहीं जारी करेंगे। पार्टी ने जो किया है, उसका खामियाजा उसे भुगतना ही पड़ेगा। कहा कि मेरा सीधा होना ही शायद अपराध है, लेकिन मैं जैसा हूं, वैसा ही रहूंगा। मैं अभी कोई अपील नहीं करूंगा। सोच समझकर आगे बात करूंगा।


सांसद ने संगठन पर कई गंभीर आरोप लगाए। कहा कि बीते दिनों एक लड़की ने पार्टी जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म का आरोप लगाया, धरने पर बैठी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। ऐसे लोगों पर कार्रवाई इसलिए नहीं की गई, क्योंकि ऊपर तक पैसा पहुंचाने के साथ ही ऊपर तक कुछ और पहुंचाने का काम किया गया। इसी के चलते कार्रवाई की बजाए आरोप लगाने वाली लड़की को ही पीटकर भगा दिया गया।


सोशल मीडिया पर सोमवार को वायरल ऑडियो के बारे में जानकारी के लिए अमर उजाला संवाददाता ने भाजपा सांसद हरिओम पांडेय को कई बार फोन किया मगर कॉल रिसीव नहीं हुई। बाद में सांसद के पीआरओ प्रकाश त्रिपाठी से अमर उजाला ने इस बारे में बातचीत की। इस पर प्रकाश ने बताया कि सांसद हरिओम पांडेय भाजपा के अनुशासित सिपाही हैं और पीएम नरेंद्र मादी के साथ हैं। कुछ चीजें हैं, जिन्हें पार्टी को देखना होगा, बाकी हरिओम पांडेय पार्टी के साथ हैं।



वायरल ऑडियो में भाजपा जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसको लेकर अमर उजाला संवाददाता ने जिलाध्यक्ष से बातचीत की तो वह बोले- किसने क्या कहा, मैंने नहीं सुना। कुछ लोगों ने इस बारे में बताया जरूर मगर उन आरोपों में कोई दम नहीं है। न ही कोई तथ्य है। फिजूल की बातों में पड़ने के बजाय मैं संगठन की मजबूती पर जोर दे रहा हूं।
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