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बिजली को तरस रही अकबरपुर व आस पास की डेढ लाख आबादी
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:33 PM IST
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अंबेडकरनगर। फीडर जलने के चलते जिला मुख्यालय व आसपास के क्षेत्रों के लगभग डेढ़ लाख लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं। असल में अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र का एक फीडर 10 दिन पहले फुंक गया था। अभी तक पावर कॉर्पोरेशन ने इसे दुरुस्त नहीं कराया है। नतीजा यह है कि उपकेंद्र से जुड़े लगभग डेढ़ लाख लोगों को बमुश्किल छह घंटे ही औसतन बिजली मिल पा रही है।
उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर पावर कॉर्पोरेशन की ओर से दावे तो खूब किए जाते हैं, लेकिन उसे जमीनी हकीकत देने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र का स्पेयर फीडर लगभग 10 दिन से फुंका पड़ा है। इससे इस फीडर से जुड़ी 22 से अधिक ग्राम पंचायतों की लगभग 25 हजार आबादी की विद्युत गुल हो गई।
संबंधित फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं ने जब आपूर्ति सुचारु करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों पर दबाव बनाया, तो वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य फीडर की बिजली में कटौती कर उसे स्पेयर फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराई जानी लगी।
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इसके चलते उपकेंद्र से जुड़े लगभग डेढ़ लाख लोगोें के समक्ष बिजली का संकट खड़ा हो गया है। जिला मुख्यालय को 24 घंटे, अन्य नगरीय क्षेत्र को 20 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का रोस्टर है। फीडर के जलने से संबंधित उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत चालित उद्योग धंधे जहां बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए हैं, वहीं घरेलू कामकाज से लेकर विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी कार्यों पर भी असर देखने को मिल रहा है। अधिशाषी अभियंता विद्युत एके यादव ने कहा कि फीडर में गड़बड़ी आ गई है। उसकी मरम्मत कराई जा रही है। दो-तीन दिन में विद्युत आपूर्ति सभी क्षेत्रों में सुचारु हो जाने की उम्मीद है।
पेयजल की भी बढ़ी समस्या
शहरी व नगरीय क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली न उपलब्ध होने से सबसे अधिक समस्या पेयजल को लेकर उत्पन्न हो गई है। अक्सर सुबह के समय बिजली कटौती होने से टुल्लू पंप नहीं चल पाता। इससे उपभोक्ताओं को एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर जब भी पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों से शिकायत की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है।
उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री से की शिकायत
बरधाभिउरा के मनोज जायसवाल ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए कहा कि जब से स्पेयर फीडर जला है, तब से आठ घंटे बिजली मिलना भी दूभर हो गया है। दरअसल स्पेयर फीडर के जलने से उससे जुड़े उपभोक्ताओं को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टाउन व साउथ वेस्ट फीडर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। शिकायत में कहा कि जब इस संबंध में पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों से शिकायत की जाती है, तो व्यवस्था में सुधार की बजाय अभद्रता की जाती है। टाउन फीडर से जुड़े गौहन्ना के संतोष कुमार व राजेश ने कहा कि सिर्फ दावा करने से ही कुछ नहीं होता। उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली मिल सके, इसे लेकर पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए। कहा कि 10 दिन से स्पेयर फीडर खराब पड़ा है, लेकिन उसे ठीक कराने की बजाय टाउन व साइथ वेस्ट फीडर से वैकल्पिक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
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उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर पावर कॉर्पोरेशन की ओर से दावे तो खूब किए जाते हैं, लेकिन उसे जमीनी हकीकत देने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र का स्पेयर फीडर लगभग 10 दिन से फुंका पड़ा है। इससे इस फीडर से जुड़ी 22 से अधिक ग्राम पंचायतों की लगभग 25 हजार आबादी की विद्युत गुल हो गई।
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संबंधित फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं ने जब आपूर्ति सुचारु करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों पर दबाव बनाया, तो वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य फीडर की बिजली में कटौती कर उसे स्पेयर फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराई जानी लगी।
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इसके चलते उपकेंद्र से जुड़े लगभग डेढ़ लाख लोगोें के समक्ष बिजली का संकट खड़ा हो गया है। जिला मुख्यालय को 24 घंटे, अन्य नगरीय क्षेत्र को 20 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का रोस्टर है। फीडर के जलने से संबंधित उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत चालित उद्योग धंधे जहां बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए हैं, वहीं घरेलू कामकाज से लेकर विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी कार्यों पर भी असर देखने को मिल रहा है। अधिशाषी अभियंता विद्युत एके यादव ने कहा कि फीडर में गड़बड़ी आ गई है। उसकी मरम्मत कराई जा रही है। दो-तीन दिन में विद्युत आपूर्ति सभी क्षेत्रों में सुचारु हो जाने की उम्मीद है।
पेयजल की भी बढ़ी समस्या
शहरी व नगरीय क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली न उपलब्ध होने से सबसे अधिक समस्या पेयजल को लेकर उत्पन्न हो गई है। अक्सर सुबह के समय बिजली कटौती होने से टुल्लू पंप नहीं चल पाता। इससे उपभोक्ताओं को एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर जब भी पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों से शिकायत की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है।
उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री से की शिकायत
बरधाभिउरा के मनोज जायसवाल ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए कहा कि जब से स्पेयर फीडर जला है, तब से आठ घंटे बिजली मिलना भी दूभर हो गया है। दरअसल स्पेयर फीडर के जलने से उससे जुड़े उपभोक्ताओं को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टाउन व साउथ वेस्ट फीडर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। शिकायत में कहा कि जब इस संबंध में पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों से शिकायत की जाती है, तो व्यवस्था में सुधार की बजाय अभद्रता की जाती है। टाउन फीडर से जुड़े गौहन्ना के संतोष कुमार व राजेश ने कहा कि सिर्फ दावा करने से ही कुछ नहीं होता। उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली मिल सके, इसे लेकर पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए। कहा कि 10 दिन से स्पेयर फीडर खराब पड़ा है, लेकिन उसे ठीक कराने की बजाय टाउन व साइथ वेस्ट फीडर से वैकल्पिक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।