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पेंट की दुकान में लगी भीषण आग, घंटों रही अफरातफरी
Updated Sun, 23 Sep 2018 01:05 AM IST
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अंबेडकरनगर। कोतवाली क्षेत्र अकबरपुर में नई सड़क स्थित एक पेंट की दुकान में शनिवार पूर्वाह्न शार्ट-सर्किट से आग लग गई। तेज हवा के चलते कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। लपटें उठती देख अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग दुकानें बंद कर सड़क पर आ गए। दमकल की आठ गाड़ियों ने लगभग चार घंटे बाद आग पर काबू पाया। आग से 50 लाख से अधिक का नुकसान हुआ। लगभग तीन घंटे तक एनएच 232 पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
अकबरपुर निवासी राजकुमार की नई सड़क पर पेंट की दुकान है। चार मंजिला भवन की पहली व दूसरी मंजिल पर पेंट व हार्डवेयर का सामान रखा है जबकि तीसरी मंजिल पर परिवार के साथ रहता है। बताया जाता है कि शनिवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे दुकान के पिछले भाग में स्थित गोदाम में शार्ट-सर्किट से आग लग गई। आग ने पेंट व प्लाई को चपेट में ले लिया। लपटें उठती देख परिवारीजनों व दुकान के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। तेज हवा के चलते कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास के दुकानदार भी अपने प्रतिष्ठान बंद कर सड़क पर आ गए। इस बीच पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अकबरपुर फायर ब्रिगेड टीम ने आग बुझाना शुरू कर दिया। आग की विभीषिका के आगे अकबरपुर की फायर टीम नाकाफी साबित हो रही थी। इस पर जिले के अन्य क्षेत्रों से भी फायर ब्रिगेड की टीमें बुलाई गईं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं फायर ब्रिगेड की आठ टीमों ने लगभग चार घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। पीड़ित राजकुमार के अनुसार आग से 50 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। पेंट की दुकान में आग लगने से नेशनल हाईवे 232 पर लगभग तीन घंटे तक आवागमन ठप रहा।
फायर कर्मियों ने एलपीजी सिलेंडर बाहर निकाला
जिला मुख्यालय पर आग की बड़ी घटना को देखते हुए न सिर्फ अकबरपुर बल्कि आलापुर, टांडा, जलालपुर व भीटी से फायर ब्रिगेड के आठ वाहनों को बुलाया गया। फायर कर्मियों का ध्यान आग पर काबू पाने के साथ ही आवासीय भवन में मौजूद चार रसोई गैस सिलेंडर को सही सलामत बाहर निकालना था। दरअसल यदि रसोई गैस सिलेंडर में आग लग जाती तो भारी नुकसान हो सकता था। फायर टीम ने सभी एलपीजी सिलेंडर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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परिवर्तित मार्ग से गुजारे गए वाहन
टांडा-अकबरपुर-रायबरेली राजमार्ग पर आग की बड़ी घटना होने से किसी प्रकार का जान माल का नुकसान न हो इसके लिए इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया गया। पुराने तहसील तिराहा व पहितीपुर चौराहे पर बैरीकेडिंग लगाकर आवागमन रोक दिया गया। बड़े वाहनों को बाईपास से गुजारा गया तो छोटे वाहनों को तमसा मार्ग से गुजारा गया। लगभग तीन घंटे तक इस मार्ग पर आवागमन ठप रहा।
आसपास के लोगों ने भी आग बुझाने में की मदद
आग का विकराल रूप देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। आग आसपास की दुकानों व घरों तक न पहुंचे, इससे बचाने के लिए आमजन भी आग बुझाने में फायर कर्मियों के सहयोग में जुट गए। कोई बाल्टी लेकर दौड़ा तो किसी ने अपने घर से पाइप लगाकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। आसपास के लोगों ने अपनी-अपनी दुकानों व घरों की छतों पर पानी डालना शुरू कर दिया। तीन घंटे बाद जब आग पर काबू पाया गया तो लोगों ने चैन की सांस ली।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
पेंट की दुकान में आग लगने के बाद एसडीएम सदर अभिषेक पाठक व सीओ धर्मेंद्र सचान ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों अधिकारी अधीनस्थों के साथ घंटों मौके पर डटे रहे। आग पर काबू पाने के साथ ही अधिकारियों का फोकस इस बात पर भी था कि भीड़ के चलते कोई और हादसा न हो जाए। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी मौके पर बुला लिया गया था।
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अकबरपुर निवासी राजकुमार की नई सड़क पर पेंट की दुकान है। चार मंजिला भवन की पहली व दूसरी मंजिल पर पेंट व हार्डवेयर का सामान रखा है जबकि तीसरी मंजिल पर परिवार के साथ रहता है। बताया जाता है कि शनिवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे दुकान के पिछले भाग में स्थित गोदाम में शार्ट-सर्किट से आग लग गई। आग ने पेंट व प्लाई को चपेट में ले लिया। लपटें उठती देख परिवारीजनों व दुकान के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। तेज हवा के चलते कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास के दुकानदार भी अपने प्रतिष्ठान बंद कर सड़क पर आ गए। इस बीच पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अकबरपुर फायर ब्रिगेड टीम ने आग बुझाना शुरू कर दिया। आग की विभीषिका के आगे अकबरपुर की फायर टीम नाकाफी साबित हो रही थी। इस पर जिले के अन्य क्षेत्रों से भी फायर ब्रिगेड की टीमें बुलाई गईं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं फायर ब्रिगेड की आठ टीमों ने लगभग चार घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। पीड़ित राजकुमार के अनुसार आग से 50 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। पेंट की दुकान में आग लगने से नेशनल हाईवे 232 पर लगभग तीन घंटे तक आवागमन ठप रहा।
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फायर कर्मियों ने एलपीजी सिलेंडर बाहर निकाला
जिला मुख्यालय पर आग की बड़ी घटना को देखते हुए न सिर्फ अकबरपुर बल्कि आलापुर, टांडा, जलालपुर व भीटी से फायर ब्रिगेड के आठ वाहनों को बुलाया गया। फायर कर्मियों का ध्यान आग पर काबू पाने के साथ ही आवासीय भवन में मौजूद चार रसोई गैस सिलेंडर को सही सलामत बाहर निकालना था। दरअसल यदि रसोई गैस सिलेंडर में आग लग जाती तो भारी नुकसान हो सकता था। फायर टीम ने सभी एलपीजी सिलेंडर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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परिवर्तित मार्ग से गुजारे गए वाहन
टांडा-अकबरपुर-रायबरेली राजमार्ग पर आग की बड़ी घटना होने से किसी प्रकार का जान माल का नुकसान न हो इसके लिए इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया गया। पुराने तहसील तिराहा व पहितीपुर चौराहे पर बैरीकेडिंग लगाकर आवागमन रोक दिया गया। बड़े वाहनों को बाईपास से गुजारा गया तो छोटे वाहनों को तमसा मार्ग से गुजारा गया। लगभग तीन घंटे तक इस मार्ग पर आवागमन ठप रहा।
आसपास के लोगों ने भी आग बुझाने में की मदद
आग का विकराल रूप देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। आग आसपास की दुकानों व घरों तक न पहुंचे, इससे बचाने के लिए आमजन भी आग बुझाने में फायर कर्मियों के सहयोग में जुट गए। कोई बाल्टी लेकर दौड़ा तो किसी ने अपने घर से पाइप लगाकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। आसपास के लोगों ने अपनी-अपनी दुकानों व घरों की छतों पर पानी डालना शुरू कर दिया। तीन घंटे बाद जब आग पर काबू पाया गया तो लोगों ने चैन की सांस ली।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
पेंट की दुकान में आग लगने के बाद एसडीएम सदर अभिषेक पाठक व सीओ धर्मेंद्र सचान ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों अधिकारी अधीनस्थों के साथ घंटों मौके पर डटे रहे। आग पर काबू पाने के साथ ही अधिकारियों का फोकस इस बात पर भी था कि भीड़ के चलते कोई और हादसा न हो जाए। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी मौके पर बुला लिया गया था।