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आधी रात को दर्द से कराहता मिला मरीज, चिकित्सक थे नदारद

Lucknow Bureau Updated Tue, 11 Sep 2018 11:17 PM IST
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अंबेडकरनगर। आधी रात को दर्द से तड़प रहा घायल रामअजोर राहत पाने के लिए सीएचसी पहुंचा तो डॉक्टर नहीं मिले। लेकिन उसने आस नहीं छोड़ी और इस उम्मीद में कि जल्द ही डॉक्टर आएंगे उसे कुछ दवा देेंगे, जिससे उसे दर्द से राहत मिलेगी। वहीं, तेज पेट दर्द से परेशान अलीगंज निवासी श्यामलाल भी राहत के लिए सीएचसी पहुंचा, लेकिन उसे भी इलाज नहीं मिला। लेकिन आधे घंटे इंतजार के बाद ही उसकी हिम्मत जवाब दे गई और उसने इलाज के लिए कहीं और जाने का फैसला कर लिया।
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टांडा सीएचसी में सोमवार की करीब आधी रात जब अमर उजाला टीम पहुंची तो कुछ ऐसा ही नजारा था। टीम पौने 12 बजे करीब जब टांडा से मया मार्ग स्थित सीएचसी पहुंची, तो परिसर में प्रवेश करते ही मुख्य भवन के पास कई लोग दूर से दिखाई पड़े। मुख्य भवन के नजदीक एक कार भी खड़ी थी, जबकि उससे पहले एक बोलेरो तथा कुछ बाइक भी दिखी।

कार देख टीम को दूर से ही लगा कि संभवत: डॉक्टर यहां ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। लेकिन हम जब उन लोगों के पास तक पहुंचे तो पता चला कि सम्हरिया निवासी रामअजोर मारपीट में घायल होकर इलाज कराने आया है। परिवार व गांव के भी कई लोग साथ हैं।

रामअजोर ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक नहीं मौजूद हैं। वे सब काफी देर से चिकित्सक को बुलाने की बात कर रहे हैं, लेकिन वे अभी तक नहीं आए हैं। फार्मासिस्ट अखिलेश चौधरी ने इंजेक्शन लगाने के साथ ही कुछ दवाएं भी दी हैं। एक घंटे बीत जाने के बावजूद चिकित्सक का कहीं अता पता नहीं है। रामअजोर के साथ आए लोगों ने कहा कि कर्मचारियों से ही इलाज कराना होता, तो फिर यहां क्यों आते।

टीम ने मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट अखिलेश चौधरी से जानकारी चाही, तो उन्होंने बताया कि डॉ. तनवीर असलम अंसारी की ड्यूटी है। वे भोजन करने गए हैं। अस्पताल में सफाईकर्मी पप्पू तथा वार्ड बॉय शेरअली इस दौरान ड्यूटी पर जरूर मौजूद मिले।

लौट गया पेट दर्द से पीड़ित मरीज
अमर उजाला टीम जब सीएचसी पहुंची, तो एक मरीज बाइक से वापस जाता नजर आया। उसे रोककर पूछताछ की तो बाइक चला रहे अलीगंज निवासी युवक राघवेंद्र ने बताया कि उसके पड़ोसी श्यामलाल को तेज पेट दर्द है। परिवारीजनों के कहने पर वह उसे यहां ले आए। लेकिन आधे इंतजार के बाद भी डॉक्टर नहीं मिले तो अब वापस जा रहे हैं। अब किसी निजी चिकित्सक के घर जाकर उनसे दवा लेंगे। राघवेंद्र ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में रात के समय चिकित्सकों का मौजूद रहना दिन में सपना देखने जैसा है।

रात में नहीं होता एक्स-रे
सीएचसी में भी रात के समय महत्वपूर्ण जांच नहीं हो पाती। जिला अस्पताल की तरह यहां भी रात में एक्स-रे जैसी जरूरी जांच नहीं हो पाती। जिससे अक्सर मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। फार्मासिस्ट अखिलेश चौधरी ने बताया कि रात के समय भी यदि सर्पदंश के मरीज पहुंचते हैं, तो उनके लिए जरूरी दवाएं यहां मौजूद हैं।

नहीं चलेगी लापरवाही
सभी सीएचसी व पीएचसी पर रात्रिकालीन ड्यूटी में चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित होगी। मरीजों के पहुंचने पर चिकित्सकों को तत्काल उन्हें अटेंड करना होगा। इसमें कोई लापरवाही नहीं चलेगी। यह पता लगाया जाएगा कि डॉ. तनवीर उस समय मौजूद क्यों नहीं थे।
डॉ. अशोक कुमार,सीएमओ

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